Baramati Bypoll: बारामती में उपचुनाव नड़ी लड़ेगी कांग्रेस, अजित पवार को श्रद्धांजलि के तौर पर लिया बड़ा फैसला
कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव न लड़ने का फैसला किया है। यह निर्णय अजित पवार के निधन के बाद सम्मान जताने के तौर पर लिया गया है। पार्टी ने अपने उम्मीदवार को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। अन्य दलों ने भी कांग्रेस से चुनाव न लड़ने की अपील की थी। हालांकि इस फैसले के बाद सजय राउत ने कांग्रेस को घेरा। आइए विस्तार से इस पूरे मामले को जानते हैं।
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महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा मोड़ आया है। कांग्रेस ने एलान किया है कि वह इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद सम्मान जताने के तौर पर लिया गया है। इस निर्णय के बाद अब बारामती सीट पर चुनाव का माहौल पूरी तरह बदल गया है।
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नाथाला ने साफ कहा कि पार्टी ने अपने उम्मीदवार को मैदान से हटाने का निर्देश दे दिया है। कांग्रेस के उम्मीदवार आकाश मोरे ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अब उसे वापस लिया जाएगा। नामांकन वापस लेने का आज आखिरी दिन था, इसलिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
क्यों लिया कांग्रेस ने चुनाव न लड़ने का फैसला?
कांग्रेस ने कहा कि यह उपचुनाव अजित पवार के दुखद निधन के कारण हो रहा है, इसलिए पार्टी ने सम्मान के तौर पर चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया। पार्टी का मानना है कि ऐसे समय में राजनीतिक मुकाबले से दूर रहना उचित है। यह कदम राजनीतिक मर्यादा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
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क्या अन्य दलों ने भी की थी अपील?
इस फैसले से पहले कई नेताओं ने कांग्रेस से चुनाव न लड़ने की अपील की थी। शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत कई नेताओं ने कांग्रेस से उपचुनाव को निर्विरोध कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव एक दुखद घटना के बाद हो रहा है, इसलिए इसे सम्मानजनक तरीके से होना चाहिए।
क्या पहले विवाद भी हुआ था?
उपचुनाव को लेकर पहले माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया था। सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने कांग्रेस पर उम्मीदवार उतारने को लेकर आलोचना की थी और पार्टी के भविष्य को लेकर बयान दिया था। इससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी, लेकिन अब कांग्रेस के फैसले से विवाद खत्म होने की उम्मीद है।
कांग्रेस के मैदान से हटने के बाद सुनेत्रा पवार का रास्ता आसान माना जा रहा है। अगर अन्य कोई बड़ा उम्मीदवार सामने नहीं आता, तो यह चुनाव लगभग निर्विरोध हो सकता है। बारामती सीट पर अजित पवार आठ बार विधायक रह चुके थे और यह क्षेत्र उनके राजनीतिक प्रभाव का गढ़ माना जाता है।
उपचुनाव पर संजय राउत ने कांग्रेस को घेरा
बारामती उपचुनाव को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) नेता संजय राउत ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अजित पवार विमान हादसे में एफआईआर दर्ज कराने का बड़ा मौका था, जिसे उन्होंने गंवा दिया। राउत के मुताबिक, कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे के नामांकन वापस लेने के बदले यह मांग पूरी कराई जा सकती थी, जिससे भाजपा को भी बेनकाब किया जा सकता था।
राउत ने आगे कहा कि अजित पवार हादसे की जांच के लिए एफआईआर जरूरी है, लेकिन सरकार इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले सुनेत्रा पवार और उनके परिवार को उठाना चाहिए था। वहीं, चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के विवाद पर राउत ने चुनाव आयोग के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है और आयोग का व्यवहार निष्पक्ष नहीं दिखता।
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