'BJP ने रची मालदा हिंसा की साजिश': बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी सांसद बोले- PM मोदी को झूठ फैलाना बंद करना चाहिए
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिनों का समय शेष रह गया है। ऐसे में चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी क्रम में मालदा में न्यायिक अधिकारियों का घेराव और अशांति को लेकर टीएमसी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विस्तार
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेजी से तल्ख होती जा रही है। इसी क्रम में रविवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मालदा जिले में हुई अशांति में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया। मालदा में हाल ही में कुछ न्यायिक अधिकारियों ने मतदाताओं की जांच की, लेकिन उन्हें घेर लिया गया, जिससे चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया। ऐसे में टीएमसी का आरोप है कि इस घटना के पीछे भाजपा की पूरी रणनीति थी।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ बोल रहे हैं और मालदा हिंसा में भाजपा के बी और सी टीम शामिल थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ऑब्जर्वर से लेकर एआईएमआईएम नेता तक, भाजपा ने अपनी पूरी मशीनरी का इस्तेमाल माहौल खराब करने के लिए किया।
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महिलाओं के मुद्दे पर टीएमसी ने भाजपा को घेरा
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को कोई सलाह देने का हक नहीं है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि यह पार्टी ऐसे मामलों में हमेशा अपराधियों को संरक्षण देती रही है। दूसरी ओर राज्य शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने प्रधानमंत्री पर बंगाली भाषा के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया
हालांकि भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया है। केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनाव के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था कायम की जाएगी और सभी अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में डर और अराजकता का राजनीति नहीं चलेगी।
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पीएम मोदी ने भी उठाया था ये मुद्दा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कूचबिहार में अपनी पहली चुनावी रैली में मालदा की घटना को भाजपा के अभियान का केंद्र बनाया था। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की गिरावट, बांग्लादेश से घुसपैठ, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और संदेशखाली हिंसा जैसे मुद्दों को उठाकर टीएमसी सरकार पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने चुनाव को भय बनाम भरोसा की लड़ाई बताया और दावा किया कि भाजपा के आने से राज्य में सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल होगा।
ऐसे में मालदा की घटना और उसके बाद दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप यह दिखाते हैं कि चुनावी लड़ाई अब व्यक्तिगत हमले, हिंसा और बयानबाजी तक सीमित होती जा रही है। राज्य में कानून, व्यवस्था और राजनीतिक टकराव अगले कुछ हफ्तों में चुनावी रंग और भी तेज करेंगे।
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