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इस्लामाबाद वार्ता: ईरान के राष्ट्रपति की दो टूक- बहादुरी से बातचीत करेंगे, राष्ट्रीय हित से समझौता मंजूर नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:27 PM IST
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सार
पाकिस्तान में जारी वार्ता के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश अपने हितों की पूरी तरह रक्षा करेगा और साहस के साथ बातचीत करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार देश के भीतर स्थिरता बनाए रखेगी। पढ़िए रिपोर्ट-
मसूद पेजेशकियन, ईरान के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
ईरान का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से वार्ता के लिए इस समय पाकिस्तान में मौजूद है। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उनका देश अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उसी के अनुसार वार्ता करेगा।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने क्या कहा?
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक संदेश साझा किया। इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बयान था। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल पूरी निष्ठा के साथ देश के हितों की रक्षा करेगा। साथ ही बहादुरी से बातचीत करेगा। दूतावास ने यह भी कहा कि सरकार लगातार जनता की सेवा में लगी रहेगी। बातचीत का नतीजा कुछ भी हो, काम नहीं रुकेगा। सरकार हर हाल में जनता के साथ खड़ी रहेगी।
पेजेशकियन ने पाकिस्तान में जारी वार्ता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिनिधि पूरी मजबूती से अपने हितों की रक्षा करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम साहस के साथ बातचीत करेगी। उन्होंने अपने संदेश में फिर दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता जनता है। बातचीत का असर चाहे जैसा हो, देश के अंदर स्थिरता बनाए रखी जाएगी। जनता की सेवा एक पल के लिए भी नहीं रुकेगी।
औपचारिक बातचीत से पहले ईरानी टीम ने की रणनीतिक बैठक
इसी बीच, इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय संघर्षविराम वार्ता शुरू हो गई है। यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह सबसे उच्च स्तर की बातचीत है। औपचारिक बातचीत से पहले ईरानी टीम ने पाकिस्तान में एक रणनीतिक बैठक की। इसमें आगे की योजना को अंतिम रूप दिया गया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने की शहबाज शरीफ से मुलाकात
इससे पहले, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष और विदेश मंत्री ने भी पाकिस्तानी नेतृत्व से बातचीत की। इस्लामाबाद का सेरेना होटल इस कूटनीतिक गतिविधि का केंद्र बना हुआ है। यहां दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे। होटल के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई है। अंदर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है।
जेडी वेंस कर रहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जरेड कुशनर भी मौजूद हैं। शहबाज शरीफ ने इस बातचीत को बेहद अहम बताया। उन्होंने इसे 'करो या मरो' जैसी स्थिति कहा। ये बातचीत आठ अप्रैल को घोषित संघर्षविराम को स्थिर करने के लिए हो रही है। साथ ही क्षेत्र की सुरक्षा के भविष्य पर भी चर्चा हो रही है।
ये भी पढ़ें: 'भारत के लिए शांति जरूरी': शशि थरूर बोले- ईरान-अमेरिका शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका अलग
अमेरिका के रुख पर तय करेगा नतीजा: ईरानी उपराष्ट्रपति
हालांकि, समझौते का रास्ता आसान नहीं है। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने पहले कहा था कि नतीजा अमेरिका के रुख पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी पक्ष सहयोगी रहा तो समझौता संभव है। लेकिन अगर रुख अलग हुआ, तो कोई समझौता नहीं होगा। ऐसे में ईरान अपनी रक्षा और मजबूत करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुनिया को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
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ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने क्या कहा?
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक संदेश साझा किया। इसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बयान था। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल पूरी निष्ठा के साथ देश के हितों की रक्षा करेगा। साथ ही बहादुरी से बातचीत करेगा। दूतावास ने यह भी कहा कि सरकार लगातार जनता की सेवा में लगी रहेगी। बातचीत का नतीजा कुछ भी हो, काम नहीं रुकेगा। सरकार हर हाल में जनता के साथ खड़ी रहेगी।
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पेजेशकियन ने पाकिस्तान में जारी वार्ता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिनिधि पूरी मजबूती से अपने हितों की रक्षा करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम साहस के साथ बातचीत करेगी। उन्होंने अपने संदेश में फिर दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता जनता है। बातचीत का असर चाहे जैसा हो, देश के अंदर स्थिरता बनाए रखी जाएगी। जनता की सेवा एक पल के लिए भी नहीं रुकेगी।
A high-level Iranian delegation present in Pakistan is wholeheartedly committed to safeguarding Iran’s interests and will negotiate courageously in that regard. In any case, our service to the people will not pause for even a moment, and whatever the outcome of the negotiations,… https://t.co/gTlMFUdV7L
— Iran in India (@Iran_in_India) April 11, 2026
औपचारिक बातचीत से पहले ईरानी टीम ने की रणनीतिक बैठक
इसी बीच, इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय संघर्षविराम वार्ता शुरू हो गई है। यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह सबसे उच्च स्तर की बातचीत है। औपचारिक बातचीत से पहले ईरानी टीम ने पाकिस्तान में एक रणनीतिक बैठक की। इसमें आगे की योजना को अंतिम रूप दिया गया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने की शहबाज शरीफ से मुलाकात
इससे पहले, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष और विदेश मंत्री ने भी पाकिस्तानी नेतृत्व से बातचीत की। इस्लामाबाद का सेरेना होटल इस कूटनीतिक गतिविधि का केंद्र बना हुआ है। यहां दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे। होटल के बाहर सुरक्षा कड़ी की गई है। अंदर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है।
जेडी वेंस कर रहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जरेड कुशनर भी मौजूद हैं। शहबाज शरीफ ने इस बातचीत को बेहद अहम बताया। उन्होंने इसे 'करो या मरो' जैसी स्थिति कहा। ये बातचीत आठ अप्रैल को घोषित संघर्षविराम को स्थिर करने के लिए हो रही है। साथ ही क्षेत्र की सुरक्षा के भविष्य पर भी चर्चा हो रही है।
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अमेरिका के रुख पर तय करेगा नतीजा: ईरानी उपराष्ट्रपति
हालांकि, समझौते का रास्ता आसान नहीं है। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने पहले कहा था कि नतीजा अमेरिका के रुख पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी पक्ष सहयोगी रहा तो समझौता संभव है। लेकिन अगर रुख अलग हुआ, तो कोई समझौता नहीं होगा। ऐसे में ईरान अपनी रक्षा और मजबूत करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुनिया को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
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