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बंगाल SIR: सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची अपडेट करने के लिए तय की एक दिन की समय सीमा, ट्रिब्यूनल को भी निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Mon, 06 Apr 2026 04:59 PM IST
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सार
Bengal SIR: निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के दावों-आपत्तियों में अब तक 59 लाख से अधिक मामलों का निपटारा हो चुका है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने बताया कि 19 न्यायाधिकरण अभी तक कामकाज के लिए चालू नहीं हुए हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची अपडेट के लिए एक दिन की समयसीमा तय की है। शीर्ष कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) न्यायाधिकरणों को दस्तावेजों को फिर से देखने का आदेश दिया है।
शीर्ष कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, हमने न्यायाधिकरणों से अनुरोध किया है कि वे पूरी दस्तावेजी प्रक्रिया को फिर से देखें, जिसमें न्यायिक अधिकारियों की ओर से दिए गए कारण भी शामिल हैं, ताकि किसी भी तरह के संदेह को दूर किया जा सके। कोर्ट ने यह भी कहा, हमने उनसे अनुरोध किया है कि पक्षों की निष्पक्ष सुनवाई की जाए।
निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के दावों और आपत्तियों पर न्यायिक अधिकारियों ने अब तक 59 लाख से अधिक मामलों का निपटारा कर दिया है। आयोग ने कोर्ट को बताया कि बाकी बचे दावों और आपत्तियों पर दिन में फैसला किया जाएगा, ताकि सभी मामलों का निपटारा समय पर हो सके।
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि शेष मतदाताओं की पूरक सूची आज रात प्रकाशित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने उस पत्र का हवाला दिया, जो कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भेजा था। इस पत्र में बताया गया कि हटाए गए 60 लाख मतदाताओं के दावों पर लगातार काम चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मालदा जिले में लगभग आठ लाख दावों का निपटारा कर दिया गया है। कोर्ट ने इस प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि शेष मामलों का निपटारा भी जल्द पूरा होना चाहिए। मालदा में कुछ समय पहले विरोध के दौरान जजों को घेर लिया गया था।
सीएम ममता बनर्जी के वकील ने कोर्ट को क्या बताया?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि हटाए गए मतदाताओं के खिलाफ अपील सुनने के लिए बनाए गए 19 न्यायाधिकरण अभी कामकाज के लिए चालू नहीं हुए हैं। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्य कांत ने कहा, ऐसा माहौल बनाना चाहिए, ताकि न्यायाधिकरण अपने फैसलों को तेज गति से निपटा सकें।
ये भी पढ़ें: असम चुनाव: कांग्रेस की मांग- रद्द की जाए CM सरमा की उम्मीदवारी, पत्नी की संपत्ति छिपाने का लगाया आरोप
शीर्ष कोर्ट ने दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर राज्य की प्रणाली काम करने में विफल होती है, तो हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
केंद्रीय बलों को बंगाल से वापस नहीं बुलाया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष कोर्ट ने कहा कि पिछले घटनाक्रम को देखते हुए केंद्रीय बलों को पश्चिम बंगाल से वापस नहीं बुलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से कहा कि न्यायाधिकरण के लिए अपील निपटाने की प्रक्रिया तय करने के लिए तीन जजों की समिति बनाई जाए।
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शीर्ष कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, हमने न्यायाधिकरणों से अनुरोध किया है कि वे पूरी दस्तावेजी प्रक्रिया को फिर से देखें, जिसमें न्यायिक अधिकारियों की ओर से दिए गए कारण भी शामिल हैं, ताकि किसी भी तरह के संदेह को दूर किया जा सके। कोर्ट ने यह भी कहा, हमने उनसे अनुरोध किया है कि पक्षों की निष्पक्ष सुनवाई की जाए।
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निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के दावों और आपत्तियों पर न्यायिक अधिकारियों ने अब तक 59 लाख से अधिक मामलों का निपटारा कर दिया है। आयोग ने कोर्ट को बताया कि बाकी बचे दावों और आपत्तियों पर दिन में फैसला किया जाएगा, ताकि सभी मामलों का निपटारा समय पर हो सके।
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि शेष मतदाताओं की पूरक सूची आज रात प्रकाशित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने उस पत्र का हवाला दिया, जो कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भेजा था। इस पत्र में बताया गया कि हटाए गए 60 लाख मतदाताओं के दावों पर लगातार काम चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मालदा जिले में लगभग आठ लाख दावों का निपटारा कर दिया गया है। कोर्ट ने इस प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि शेष मामलों का निपटारा भी जल्द पूरा होना चाहिए। मालदा में कुछ समय पहले विरोध के दौरान जजों को घेर लिया गया था।
सीएम ममता बनर्जी के वकील ने कोर्ट को क्या बताया?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि हटाए गए मतदाताओं के खिलाफ अपील सुनने के लिए बनाए गए 19 न्यायाधिकरण अभी कामकाज के लिए चालू नहीं हुए हैं। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्य कांत ने कहा, ऐसा माहौल बनाना चाहिए, ताकि न्यायाधिकरण अपने फैसलों को तेज गति से निपटा सकें।
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शीर्ष कोर्ट ने दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर राज्य की प्रणाली काम करने में विफल होती है, तो हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
केंद्रीय बलों को बंगाल से वापस नहीं बुलाया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष कोर्ट ने कहा कि पिछले घटनाक्रम को देखते हुए केंद्रीय बलों को पश्चिम बंगाल से वापस नहीं बुलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से कहा कि न्यायाधिकरण के लिए अपील निपटाने की प्रक्रिया तय करने के लिए तीन जजों की समिति बनाई जाए।
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