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Maharashtra: रामदास कदम का बड़ा बयान- शिंदे ने बचाई बाला साहब की शिवसेना, नहीं तो हो जाता भाजपा में विलय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 03 Sep 2022 01:42 PM IST
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सार
कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के आदर्शों को मानने के बजाय राकांपा प्रमुख शरद पवार की बातों को मान रहे थे। असल में एकनाथ शिंदे के बागी तेवर के कारण ही महाराष्ट्र की सरकार बदली और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी।
शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता रामदास कदम
- फोटो : Social media
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विस्तार
शिवसेना के बागी शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। कदम ने कहा कि एकनाथ शिंदे के कारण बाला साहब ठाकरे की शिवसेना बच गई, वरना उद्धव व आदित्य ठाकरे को छोड़कर पूरी पार्टी का भाजपा में विलय हो जाता।
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कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे पार्टी के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के आदर्शों को मानने के बजाय राकांपा प्रमुख शरद पवार की बातों को मान रहे थे। असल में एकनाथ शिंदे के बागी तेवर के कारण ही महाराष्ट्र की सरकार बदली और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी। पूर्व मंत्री रामदास कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे, इसलिए दोनों पिता पुत्र को छोड़कर पूरी शिवसेना भाजपा में जाने के लिए तैयारी थी।
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उद्धव पर मराठा लोगों से नफरत का आरोप
शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे मराठा लोगों से नफरत करते हैं। उन्होंने केवल मराठा नेताओं का इस्तेमाल किया। उन्हें आगे बढ़ने वाले मराठा नेता पसंद नहीं है। कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जहां भी सभा करेंगे, वहां जाकर वे सभा करेंगे। उन्होंने कहा कि असली देशद्रोही कौन है? असली धोखेबाज कौन है? लोगों को सच बताऊंगा। मैं हर जिले में जाऊंगा। मुझे तीन साल तक बोलने नहीं दिया गया। उद्धव ठाकरे खुद को मालिक और बाकी को नौकर समझते हैं। बालासाहेब सभी नेताओं से बात करते थे। चर्चा करते थे और तब निर्णय लेते थे।
पवार पर राकांपा विधायकों को करोड़ों देने का आरोप
कदम ने आरोप लगाया कि राकांपा नेता व तत्कालीन उप मुख्यमंत्री अजीत पवार सुबह सात बजे मंत्रालय में बैठ जाते थे। वहीं, राकांपा प्रमुख शरद पवार सुबह छह बजे से काम शुरू कर देते थे। उन्होंने मंत्रालय में बैठकर राकांपा के कई पूर्व विधायकों को करोड़ों रुपये का फंड दिया। पवार राकांपा का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे।
उद्धव खुद को असुरक्षित मानते हैं
सीएम एकनाथ शिंदे के करीबी कदम ने ठाकरे पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि शिवसेना मुख्यालय 'मातोश्री' से मुझे हराने का आदेश दिया गया था। वक्त आने पर मैं उस नेता का नाम भी उजागर करूंगा तो भूकंप आ जाएगा। कदम ने उद्धव ठाकरे पर असुरक्षित महसूस करने का आरोप लगाया।
बाला साहब की पीठ में खंजर घोंपा
कदम ने कहा कि आज बाला साहब के विचारों पर सही मायनों में एकनाथ शिंदे चल रहे हैं, वहीं, उद्धव ठाकरे तो पवार के विचारों पर चल रहे हैं। बाला साहब के विचारों से बेईमानी करने और उनकी पीठ में खंजर घोपने का काम उद्धव ठाकरे ने किया है। मुझे लगता है इस मामले में शिंदे और मेरे विचारों में कोई अंतर नहीं है।
