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बिल गेट्स ने AI समिट में क्यों रद्द किया भाषण: कौन से विवाद को नहीं देना चाहते 'तूल', क्या है एपस्टीन कनेक्शन?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 19 Feb 2026 02:43 PM IST
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सार

एआई समिट में बिल गेट्स का क्या कार्यक्रम निर्धारित था? उनके इस सम्मेलन में आने को लेकर कैसे संशय की स्थिति बनी रही? गेट्स के समिट में न आने को लेकर सरकार का क्या बयान आया है? गेट्स फाउंडेशन को क्यों बिल गेट्स का भाषण रद्द करने के पीछे समिट पर 'ध्यान केंद्रित' रखने की बात कहनी पड़ी? बिल गेट्स के नाम के साथ हालिया समय में कौन सा विवाद जुड़ा है? आइये जानते हैं...

Bill Gates Keynote Address in AI Impact Summit India Epstein Files know his program and why Gates Foundation
एआई इम्पैक्ट समिट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सहसंस्थापक और अरबपति कारोबारी बिल गेट्स भारत में चल रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्मेलन (एआई समिट) में भाषण (कीनोट स्पीच) नहीं देंगे। यह जानकारी गेट्स फाउंडेशन की भारत इकाई की ओर से साझा की गई। बयान में कहा गया कि सावधानीपूर्वक विचार के बाद यह निर्णय लिया गया है, ताकि समिट की मुख्य प्राथमिकताओं पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा जा सके। 
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर एआई समिट में बिल गेट्स का क्या कार्यक्रम निर्धारित था? उनके इस सम्मेलन में आने को लेकर कैसे संशय की स्थिति बनी रही? गेट्स के समिट में न आने को लेकर सरकार का क्या बयान आया है? गेट्स फाउंडेशन को क्यों बिल गेट्स का भाषण रद्द करने के पीछे समिट पर 'ध्यान केंद्रित' रखने की बात कहनी पड़ी? बिल गेट्स के नाम के साथ हालिया समय में कौन सा विवाद जुड़ा है? इसमें उनका कहां-कहां जिक्र है और इनमें क्या दावे किए गए हैं? खुद बिल गेट्स और उनकी संस्था ने कैसे इसका बचाव किया है? आइये जानते हैं...
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बिल गेट्स को कब देना था भाषण?

बिल गेट्स तय शेड्यूल के मुताबिक 19 फरवरी को अपना मुख्य भाषण देने वाले थे। शेड्यूल के अनुसार, उन्हें 19 फरवरी को सुबह 11:50 बजे 12 मिनट का समय आवंटित किया गया था।


कैसे एआई समिट में बिल गेट्स के आने को लेकर बना रहा संशय?

  • 16 फरवरी से शुरू हुए एआई इम्पैक्ट समिट की आधिकारिक वेबसाइट पर बिल गेट्स का नाम प्रमुख वक्ताओं की सूची में भी शामिल था। 
  • बिल गेट्स फाउंडेशन ने मंगलवार को एक एक्स पोस्ट के जरिए बिल गेट्स के आने की पुष्टि की। इसमें कहा गया कि वे समिट में शामिल होंगे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपना मुख्य भाषण भी देंगे। 
  • बुधवार सुबह बिल गेट्स का नाम लिस्ट से हटा दिया गया। इसके बाद अटकलें लगाई जा रहीं थी कि गेट्स समिट में शामिल नहीं होंगे। इसके बाद गेट्स फाउंडेशन ने बयान जारी कर साफ किया कि बिल गेट्स समिट में की नोट एड्रेस नहीं देंगे। 

बिल गेट्स का भाषण रद्द होने पर सरकार ने क्या कहा?

समिट का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिल गेट्स के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय इसे 'व्यक्तिगत पसंद' बताया। उन्होंने कहा, "मैं यह भूल गया हूं कि कौन आ रहा है और कौन नहीं। यह लोगों की निजी पसंद है और मुझे इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।"

बता दें कि बिल गेट्स सोमवार को भारत पहुंच चुके थे। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत विजयवाड़ा से की, जहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़ी पहलों की जमकर तारीफ की। 

ये भी पढ़ें: एआई समिट में बिल गेट्स का भाषण रद्द: अब अंकुर वोरा करेंगे संबोधित, गेट्स फाउंडेशन ने दी जानकारी

एआई समिट में बिल गेट्स की मौजूदगी को लेकर क्यों लग रही थीं अटकलें?

कुछ समय पहले ही अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कुछ दस्तावेज ट्रंप सरकार की तरफ से जारी किए गए हैं। इनमें बिल गेट्स के नाम का भी जिक्र है। अलग-अलग बैच में जारी हुई इन फाइल्स में गेट्स को लेकर कुछ ऐसी बातें भी कही गई हैं, जिनका न तो कोई पुख्ता सबूत है और न ही इन पर कोई कानूनी कार्रवाई का मामला बना है। खुद गेट्स के प्रवक्ता पहले ही एपस्टीन फाइल्स की बातों को बेतुका करार दे चुके हैं। हालांकि, उन्हें लेकर किए गए दावों ने अटकलों को बढ़ावा दिया। चर्चा है कि बिल गेट्स का नाम एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में आने के कारण सरकारी हलकों में थोड़ी हिचकिचाहट रही। 

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जेफ्री एपस्टीन से कैसे जुड़े थे बिल गेट्स, क्या है कनेक्शन?

बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन मुख्य रूप से अपने दान के कार्यों पर चर्चाओं और साझा संपर्कों के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। अमेरिकी मैगजीन द रोलिंग स्टोन के मुताबिक, गेट्स और एपस्टीन पहली बार 2011 में मिले थे। ये मुलाकात एक डिनर के दौरान हुई थी। हालांकि, रिकॉर्ड बताते हैं कि वे 2010 में भी मिलने वाले थे, लेकिन समय की कमी के कारण वह मुलाकात नहीं हो सकी थी। 

किसने कराई थी मुलाकात: इन दोनों को मिलाने में मेलानी एस. वॉकर की अहम भूमिका मानी जाती है, जो एपस्टीन के अंतर्गत ट्रेनिंग ले रही थीं और बाद में गेट्स फाउंडेशन में शीर्ष सलाहकार बनीं। वॉकर ने माइक्रोसॉफ्ट के एक अधिकारी के जरिए गेट्स से मुलाकात की थी और वे गेट्स के सामने एपस्टीन की काफी तारीफ करती थीं।

गेट्स के सहयोगी भी एपस्टीन से मिले: गेट्स के विज्ञान सलाहकार बोरिस निकोलिक और वैज्ञानिक नाथन मायरवोल्ड ने भी एपस्टीन से मुलाकात की थी और गेट्स के साथ उनके संपर्क को बढ़ावा दिया था। निकोलिक खास तौर पर एपस्टीन के फंड जुटाने के विचारों से प्रभावित थे।

गेट्स फाउंडेशन के मुताबिक, गेट्स को एपस्टीन से मिलने की जरूरत इसलिए महसूस हुई, क्योंकि उन्हें लगा कि एपस्टीन वैश्विक स्वास्थ्य कार्यों के लिए अरबों डॉलर का फंड लाने में मदद कर सकता है। उस समय गेट्स अपनी गिविंग प्लेज पहल के लिए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों से जुड़ने की कोशिश कर रहे थे और फाउंडेशन के कुछ लोगों को लगा कि एपस्टीन एक अरबपति है, जो इसमें योगदान दे सकता है।

एपस्टीन फाइल्स के सामने आने पर क्या बोले बिल गेट्स

बिल गेट्स ने इन सभी दावों को पूरी तरह से गलत और बेतुका बताया है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि एपस्टीन के साथ ये चर्चाएं और उनके साथ जुड़ना एक गलत निर्णय था और उन्हें इसके लिए अफसोस है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें उम्मीद थी कि इन चर्चाओं से वैश्विक स्वास्थ्य के लिए अरबों डॉलर मिलेंगे, लेकिन वह केवल एक धोखा साबित हुआ। उन्होंने माना कि एपस्टीन से मिलना उनकी एक बड़ी गलती थी और उन्हें उसके साथ बिताए हर मिनट का पछतावा है।

एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स के बारे में क्या कहा गया है?

अमेरिका के न्याय विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) की ओर से हाल ही में जारी किए गए जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट्स में बिल गेट्स को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इन दस्तावेजों में एपस्टीन की ओर से लिखे गए ईमेल और दावों के आधार पर कई बातें सामने आई हैं।

यौन रोगों और दवाओं से जुड़े दावे
एपस्टीन ने 2013 में खुद को भेजे गए ईमेल में कहा था कि बिल गेट्स ने कथित तौर पर रूसी लड़कियों के साथ संपर्क के बाद एक यौन संचारित रोग (एसटीडी) होने की बात स्वीकार की थी। ईमेल में यह भी दावा किया गया है कि गेट्स ने एपस्टीन से ऐसी एंटीबायोटिक्स मुहैया कराने के लिए कहा था, जिन्हें वे अपनी पत्नी मेलिंडा को बिना जानकारी दिए दे सकें।

अवैध संबंधों में मदद के आरोप
फाइलों में एपस्टीन ने दावा किया है कि उसने बिल गेट्स के लिए विवाहित महिलाओं के साथ गुप्त मुलाकातें कराने में मदद की थी। इसके अलावा ईमेल में बिल गेट्स को ड्रग्स दिलाने और ब्रिज टूर्नामेंट के लिए 'एडरल' नाम की दवा उपलब्ध कराने का भी जिक्र है।

गेट्स को लेकर और क्या खुलासे?
फाइलों में बिल गेट्स की कई महिलाओं के साथ तस्वीरें भी मिली हैं, जिनकी पहचान छिपाई गई है। दस्तावेजों में गेट्स के एपस्टीन के निजी द्वीप- लिटिल सेंट जेम्स जाने का भी जिक्र मिलता है, हालांकि गेट्स ने हमेशा वहां जाने की बात से इनकार किया है।

क्यों एपस्टीन के दावों पर उठते हैं सवाल?

यौन अपराधी एपस्टीन के लाखों दस्तावेज अब तक न्याय विभाग जारी कर चुका है। इसमें उसने सैकड़ों चर्चित हस्तियों, टेक दिग्गजों, राष्ट्राध्यक्षों, नेताओं, फिल्मी हस्तियों, आदि का जिक्र किया है। हालांकि, उसके अधिकतर दावों की पुष्टि नहीं की जा सकी। कई जांच एजेंसियों ने भी एपस्टीन के संपर्कों की जांच की है, लेकिन अधिकतर मामलों में एपस्टीन की ओर से किए गए दावों के सबूत नहीं मिले। हालांकि, उसकी फाइल्स में कुछ तस्वीरें और वीडियो जरूर हैं, लेकिन इनकी जांच में भी कुछ पुख्ता नहीं मिला है।

1. ब्लैकमेल और प्रतिशोध की संभावना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन के ये ईमेल तब लिखे गए थे, जब बिल गेट्स ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दिया था। गेट्स के सहयोगियों, जैसे बोरिस निकोलिक, का मानना है कि एपस्टीन ने गेट्स को बदनाम करने या फंसाने की कोशिश की है, क्योंकि गेट्स ने एपस्टीन को अपनी चैरिटी परियोजनाओं से बड़ा कमीशन देने से इनकार कर दिया था। 

2. पूर्व पत्नी मेलिंडा गेट्स भी दे चुकी हैं प्रतिक्रिया
बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने इन खुलासों पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एपस्टीन फाइल्स में जो कुछ भी कहा गया है, वह विवरण उनके वैवाहिक जीवन के बहुत ही दर्दनाक समय की यादें ताजा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आरोपों और व्यवहार को लेकर पूछे जाने वाले सवाल सीधे उनके पूर्व पति (बिल गेट्स) से किए जाने चाहिए, न कि उनसे। 
 
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