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Biparjoy Cyclone: बिपरजॉय का असर दिखना शुरू, कच्छ से मुंबई तक चक्रवात से निपटने के लिए कहां कैसी है तैयारी?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 13 Jun 2023 02:49 PM IST
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बिपरजॉय
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय अभी से अपना असर दिखा रहा है। मुंबई से लेकर केरल के तट तक समंदर में तूफानी लहरें उठ रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 14 जून तक यह उत्तर की ओर और फिर सौराष्ट्र-कच्छ तट की ओर बढ़ेगा, जिसे यह 15 जून को दोपहर तक पार कर जाएगा।बिपरजॉय तूफान 15 जून को गुजरात के कच्छ और पाकिस्तान के कराची के बीच टकरा सकता है। इस बीच, गुजरात और महाराष्ट्र को हाई अलर्ट में रखा गया है। एनडीआरएफ के साथ-साथ तीनों सेनाएं भी अलर्ट मोड पर हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने बिपरजॉय को लेकर चेतावनी जारी की हैं। ऐसे में जानना जरूरी है कि बिपरजॉय को लेकर क्या चेतावनी जारी की गई है? गुजरात और महाराष्ट्र बिपरजॉय को लेकर कैसे तैयारी कर रहे हैं। केंद्र सरकार कैसे मदद कर रही है?
बिपरजॉय।
- फोटो :
Amar Ujala
पहले जानते हैं बिपरजॉय है क्या?
अरब सागर में इस साल उठे चक्रवात को ‘बिपरजॉय’ का नाम दिया गया है। यह चक्रवाती तूफान छह जून की देर रात तेज हो गया। इसके बाद इसे साइक्लोन 'बिपरजॉय' नाम दिया गया। 'बिपरजॉय' बांग्ला भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है 'आपदा'। इस खतरनाक होते तूफान को बिपरजॉय नाम बांग्लादेश द्वारा ही दिया गया है।
अरब सागर में इस साल उठे चक्रवात को ‘बिपरजॉय’ का नाम दिया गया है। यह चक्रवाती तूफान छह जून की देर रात तेज हो गया। इसके बाद इसे साइक्लोन 'बिपरजॉय' नाम दिया गया। 'बिपरजॉय' बांग्ला भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है 'आपदा'। इस खतरनाक होते तूफान को बिपरजॉय नाम बांग्लादेश द्वारा ही दिया गया है।
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो :
सोशल मीडिया
बिपरजॉय को लेकर क्या चेतावनी जारी की गई है?
बिपरजॉय अरब सागर में केंद्रित है। तूफान बेहद गंभीर चक्रवात से कमजोर होकर मंगलवार को बहुत गंभीर चक्रवात बन गया है, लेकिन यह गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ तट पर बना रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक यह 15 जून की दोपहर तक कच्छ के तट को पार करेगा, जिसकी रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
एहतियात के तौर पर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों को रद्द कर दिया है और 43 अन्य को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। चक्रवात की तीव्रता कम होने के बावजूद, आईएमडी ने सौराष्ट्र-कच्छ तट के लिए अपने ऑरेंज अलर्ट को जारी रखा, क्योंकि बिपरजॉय की वजह से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया स्थिति की निगरानी के लिए कच्छ के जिला मुख्यालय भुज का दौरा करेंगे।
इससे पहले, मौसम विज्ञान महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया था कि तूफान से 15 जून को सबसे अधिक खतरा है और सब लोगों को घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें। इसके आने से पेड़, बिजली के खंबे, सेलफोन टॉवर उखड़ सकते हैं जिसकी वजह से बिजली और दूरसंचार में व्यवधान आ सकता है। इसकी वजह से खड़ी फसलों का भी नुकसान होगा।
बिपरजॉय अरब सागर में केंद्रित है। तूफान बेहद गंभीर चक्रवात से कमजोर होकर मंगलवार को बहुत गंभीर चक्रवात बन गया है, लेकिन यह गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ तट पर बना रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक यह 15 जून की दोपहर तक कच्छ के तट को पार करेगा, जिसकी रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
एहतियात के तौर पर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों को रद्द कर दिया है और 43 अन्य को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। चक्रवात की तीव्रता कम होने के बावजूद, आईएमडी ने सौराष्ट्र-कच्छ तट के लिए अपने ऑरेंज अलर्ट को जारी रखा, क्योंकि बिपरजॉय की वजह से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया स्थिति की निगरानी के लिए कच्छ के जिला मुख्यालय भुज का दौरा करेंगे।
इससे पहले, मौसम विज्ञान महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया था कि तूफान से 15 जून को सबसे अधिक खतरा है और सब लोगों को घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें। इसके आने से पेड़, बिजली के खंबे, सेलफोन टॉवर उखड़ सकते हैं जिसकी वजह से बिजली और दूरसंचार में व्यवधान आ सकता है। इसकी वजह से खड़ी फसलों का भी नुकसान होगा।
चक्रवात बिपरजॉय
- फोटो :
ANI
गुजरात और महाराष्ट्र बिपरजॉय को लेकर कैसे तैयारी कर रहे हैं?
चक्रवात बिपरजॉय का सबसे ज्यादा असर तटीय राज्य गुजरात में हो सकता है। लिहाजा इसने तूफान के किसी भी प्रभाव से निपटने के लिए पहले ही तैयारी कर ली है। सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को गुजरात के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कच्छ, जामनगर, मोरबी, गिर सोमनाथ, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। इन जिलों में 13-15 जून के दौरान भारी बारिश और बहुत तेज हवा की गति वाले चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका है, जो 150 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए देवभूमि द्वारका जिले में को 15 जून तक स्कूल बंद रहेंगे। देवभूमि द्वारका के कच्छ और शिवराजपुर के मांडवी बीच को लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही ओखा बेयत द्वारका की नाव यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, मछुआरों को 15 जून तक तट पर जाने को लेकर सतर्क कर दिया है।
इसके अलावा कच्छ के 72 गांवों के आठ हजार से अधिक लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। हालातों को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम को तैनात किया गया है। जामनगर, मोरबी और कच्छ जिलों में अगले दिन तक टीमों की निगाहें रहेंगी।
चक्रवात बिपरजॉय का सबसे ज्यादा असर तटीय राज्य गुजरात में हो सकता है। लिहाजा इसने तूफान के किसी भी प्रभाव से निपटने के लिए पहले ही तैयारी कर ली है। सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को गुजरात के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद कच्छ, जामनगर, मोरबी, गिर सोमनाथ, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। इन जिलों में 13-15 जून के दौरान भारी बारिश और बहुत तेज हवा की गति वाले चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका है, जो 150 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए देवभूमि द्वारका जिले में को 15 जून तक स्कूल बंद रहेंगे। देवभूमि द्वारका के कच्छ और शिवराजपुर के मांडवी बीच को लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही ओखा बेयत द्वारका की नाव यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, मछुआरों को 15 जून तक तट पर जाने को लेकर सतर्क कर दिया है।
इसके अलावा कच्छ के 72 गांवों के आठ हजार से अधिक लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। हालातों को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम को तैनात किया गया है। जामनगर, मोरबी और कच्छ जिलों में अगले दिन तक टीमों की निगाहें रहेंगी।
बिपरजॉय से निपटने की तैयारी
- फोटो :
SOCIAL MEDIA
संवेदनशील क्षेत्रों से निकासी शुरू
अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों से निकासी भी शुरू कर दी है। देवभूमि द्वारका के जिला कलेक्टर अशोक शर्मा के मुताबिक, झोपड़ियों और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को निकालना शुरू कर दिया गया है। वहीं, कच्छ जिले में 4,509 किसानों और 2,221 नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, तटीय क्षेत्र के 120 गांवों के कुल 9,579 नागरिकों को 13 जून तक निकाला जाएगा। कच्छ के तटवर्ती इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। यहां 15 जून तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। समुद्र तट से 10 किमी के दायरे में पड़ने वाले गांवों से लगभग 23,000 लोगों को अस्थायी शिविरों में रखा जाएगा। तटवर्ती 30-31 गांवों के लोगों के लिए शेल्टर बनाए गए हैं। मछली पकड़ने वाली 4500 नौका को सुरक्षित रख लिया गया है।
सरकार जूनागढ़, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मोरबी और कच्छ के छह तटीय जिलों में अस्थायी आश्रय भी स्थापित करेगी। मोरबी जिले में 18 इमारतों को 3,500 लोगों को अस्थायी आश्रय देने के लिए तैयार किया गया है। वलसाड में तिथल बीच, पोरबंदर में चौपाटी, द्वारका के पास शिवराजपुर और कच्छ जिले में मांडवी जैसे लोकप्रिय समुद्र तट भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं।
अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों से निकासी भी शुरू कर दी है। देवभूमि द्वारका के जिला कलेक्टर अशोक शर्मा के मुताबिक, झोपड़ियों और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को निकालना शुरू कर दिया गया है। वहीं, कच्छ जिले में 4,509 किसानों और 2,221 नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, तटीय क्षेत्र के 120 गांवों के कुल 9,579 नागरिकों को 13 जून तक निकाला जाएगा। कच्छ के तटवर्ती इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। यहां 15 जून तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। समुद्र तट से 10 किमी के दायरे में पड़ने वाले गांवों से लगभग 23,000 लोगों को अस्थायी शिविरों में रखा जाएगा। तटवर्ती 30-31 गांवों के लोगों के लिए शेल्टर बनाए गए हैं। मछली पकड़ने वाली 4500 नौका को सुरक्षित रख लिया गया है।
सरकार जूनागढ़, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मोरबी और कच्छ के छह तटीय जिलों में अस्थायी आश्रय भी स्थापित करेगी। मोरबी जिले में 18 इमारतों को 3,500 लोगों को अस्थायी आश्रय देने के लिए तैयार किया गया है। वलसाड में तिथल बीच, पोरबंदर में चौपाटी, द्वारका के पास शिवराजपुर और कच्छ जिले में मांडवी जैसे लोकप्रिय समुद्र तट भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं।
बांद्रा वर्ली सी-लिंक
- फोटो :
PTI
महाराष्ट्र में क्या तैयारी है?
गुजरात के बाद बिपरजॉय का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में हो सकता है। इसी को देखते हुए आईएमडी ने सोमवार के लिए मुंबई और उसके पड़ोसी शहरों ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाओं की भविष्यवाणी की गई है।
हालांकि, तूफान का असर मुंबई में पहले ही दिखने लगा है। यहां सप्ताहांत में तेज हवाएं चलीं। मुंबई में तेज हवाओं ने धूल कणों के कारण हवा की गुणवत्ता और दृश्यता को भी प्रभावित किया। चक्रवात के कारण यहां ज्वार की ऊंची-ऊंची लहरें देखी जा रही हैं। इस बीच, खराब मौसम के कारण कई उड़ानें विलंबित या रद्द हो गईं हैं।
आईएमडी के अनुसार, रत्नागिरी, रायगढ़, ठाणे, पालघर और कोल्हापुर जिलों में अगले तीन-चार दिन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 15 जून तक मुंबई के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
मुंबई में एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। मुंबई में तीन टीमें पहले से ही तैनात हैं। 15 और टीमों को तैयार रखा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने अपने जहाजों व हेलिकॉप्टरों को तैनात कर दिया है। ये राहत, तलाश व बचाव अभियान में मदद करेंगे। इसके अलाव वायुसेना और सेना ने भी अपनी कार्यबल इकाइयों को मोर्चे के लिए स्टैंडबाय पर रखा है।
गुजरात के बाद बिपरजॉय का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में हो सकता है। इसी को देखते हुए आईएमडी ने सोमवार के लिए मुंबई और उसके पड़ोसी शहरों ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाओं की भविष्यवाणी की गई है।
हालांकि, तूफान का असर मुंबई में पहले ही दिखने लगा है। यहां सप्ताहांत में तेज हवाएं चलीं। मुंबई में तेज हवाओं ने धूल कणों के कारण हवा की गुणवत्ता और दृश्यता को भी प्रभावित किया। चक्रवात के कारण यहां ज्वार की ऊंची-ऊंची लहरें देखी जा रही हैं। इस बीच, खराब मौसम के कारण कई उड़ानें विलंबित या रद्द हो गईं हैं।
आईएमडी के अनुसार, रत्नागिरी, रायगढ़, ठाणे, पालघर और कोल्हापुर जिलों में अगले तीन-चार दिन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली कड़कने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 15 जून तक मुंबई के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
मुंबई में एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। मुंबई में तीन टीमें पहले से ही तैनात हैं। 15 और टीमों को तैयार रखा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने अपने जहाजों व हेलिकॉप्टरों को तैनात कर दिया है। ये राहत, तलाश व बचाव अभियान में मदद करेंगे। इसके अलाव वायुसेना और सेना ने भी अपनी कार्यबल इकाइयों को मोर्चे के लिए स्टैंडबाय पर रखा है।
अमित शाह
- फोटो :
एएनआई
आगे क्या?
इन सबके बीच, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलावर को तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य के उन जिलों के सांसद जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं, वे भी वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेंगे।
इन सबके बीच, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलावर को तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य के उन जिलों के सांसद जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं, वे भी वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेंगे।