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Congress: अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कांग्रेस का सवाल, सरकार की कूटनीति पर उठाए निशान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivam Garg Updated Sat, 11 Apr 2026 02:20 PM IST
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सार

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक रणनीति को लेकर गंभीर टिप्पणी की है।

Congress Questions India Foreign Policy as Pakistan Mediates US-Iran Talks Amid West Asia Conflict
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश - फोटो : ANI
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विस्तार

पश्चिम एशिया में शांति बहाली की उम्मीदों के बीच कांग्रेस ने भारत सरकार की कूटनीतिक विफलताओं पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि कैसे पाकिस्तान, जिसे अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा अलग-थलग करने के प्रयास किए गए थे, अब अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

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'विश्वगुरु' की 'हग्लमसी' पर कांग्रेस का कटाक्ष
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति 'स्वयं-घोषित विश्वगुरु की हग्लमसी' पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यह समझा जाना चाहिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम जैसे कायराना आतंकी हमले में अपनी भूमिका के बावजूद और भारत द्वारा उसे अलग-थलग करने के लिए की गई कूटनीतिक पहलों के बावजूद यह नई भूमिका कैसे हासिल कर ली। कांग्रेस ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग करने में डॉ. मनमोहन सिंह सरकार की सफलता का भी उल्लेख किया और इसे एक विशेष रूप से विनाशकारी विफलता बताया।
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'नमस्ते ट्रंप' और 'हाउडी मोदी' के बाद भी विफलता?
कांग्रेस नेता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका-ईरान की बैठक आज इस्लामाबाद में शुरू हो रही है और पूरा विश्व, जिसमें भारत भी शामिल है, उम्मीद कर रहा है कि यह दोनों देशों के बीच एक स्थायी शांति प्रक्रिया की शुरुआत होगी, जो इस्राइल की अपने पड़ोस में निरंतर आक्रामकता से पटरी से न उतरे। उन्होंने आगे सवाल उठाया 'लेकिन स्वयं-घोषित विश्वगुरु की हग्लमसी के सार और शैली पर गंभीर सवाल उठते हैं- पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 के कायराना पहलगाम आतंकी हमले में अपनी भूमिका और हमलों के बाद उसे अलग-थलग करने के लिए भारत द्वारा की गई कूटनीतिक संलग्नता के बावजूद अपने लिए एक नई भूमिका कैसे बना ली?' रमेश ने पूछा 'मिस्टर मोदी और उनके समर्थकों के 'नमस्ते ट्रंप', 'हाउडी मोदी' और 'फिर एक बार ट्रंप सरकार' जैसे अभियानों के बाद भी भारत ने अमेरिका को पाकिस्तान को यह नई भूमिका देने की अनुमति कैसे दे दी?'

अमेरिका-ईरान वार्ता पर वैश्विक नजर
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करेंगे। इस वार्ता का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करना बताया जा रहा है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

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