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रेल यात्रा में बदइंतजामी: दिल्ली-जयपुर शताब्दी के बाथरूम में एक घंटे कैद रहा सरकारी अफसर, घुटन से बिगड़ी हालत
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:57 PM IST
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शताब्दी ट्रेन में बदइंतजामी और मदद न मिलने के आरोप (सांकेतिक)
- फोटो : Amar Ujala
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दिल्ली से जयपुर जा रही शताब्दी एक्सप्रेस में शुक्रवार को एक सरकारी अधिकारी के साथ हैरान करने वाली घटना सामने आई। जिसने ट्रेन की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कोच सी-3 में सफर कर रहे अधिकारी गुरुग्राम स्टेशन पार करने के बाद बाथरूम गए, लेकिन लॉक खराब होने के कारण अंदर ही फंस गए। करीब एक घंटे तक वह बाहर नहीं निकल सके। इस दौरान बाथरूम में बढ़ती घुटन से उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गए।
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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत शंकरलाल मीणा ने अमर उजाला को बताया, शुक्रवार को वह दिल्ली से जयपुर के बीच यात्रा कर रहे थे। गुरुग्राम पार करने के बाद वह वॉशरूम गए, लेकिन लॉक खराब होने के कारण अंदर ही फंस गए। उन्होंने बताया, बाथरूम की खिड़की से बेहद कम हवा आ रही थी, जिससे उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत होने लगी। घबराहट और बेचैनी के चलते मुझे प्यास बुझाने के लिए मजबूरी में बाथरूम के नल का पानी पीना पड़ा। मैंने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर मदद मांगी, लेकिन वहां से कोई तत्काल राहत नहीं मिली। उल्टा उन्हें साफ कहा गया कि यह नंबर मेडिकल इमरजेंसी के लिए है और शिकायत रेल मदद पर दर्ज कराएं।
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मीणा का कहना, करीब एक घंटे बाद जब एक अन्य यात्री बाथरूम इस्तेमाल करने पहुंचा। उसने दरवाजा खोलने की कोशिश की, तब उसे शक हुआ कि अंदर कोई फंसा है। इसके बाद दरवाजा खोला गया और मुझे बाहर निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि, रेल मदद पर शिकायत करने के करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रेन में मौजूद रेलवे स्टाफ हरकत में आया। इसके बाद आरपीएफ के जवानों समेत अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बाथरूम का दरवाजा ठीक करने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसे दुरुस्त नहीं किया जा सका। अंत में किसी अन्य यात्री को परेशानी से बचाने के लिए उस बाथरूम को पूरी तरह बंद कर दिया गया।