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Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट में तीन एडिशनल जजों की नियुक्ति, भाजपा की एक पूर्व प्रवक्ता भी हैं शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 13 Aug 2025 07:36 PM IST
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सार
Additional Judges of Bombay HC: महाराष्ट्र में भाजपा की प्रवक्ता रह चुकीं आरती अरुण साठे को अब न्यायपालिका की सेवा में नियुक्त किया गया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में तीन वकीलों को अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया है। जिसमें आरती के साथ दो अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में तीन वकीलों को अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्त किया है। इनमें महाराष्ट्र भाजपा की पूर्व प्रवक्ता आरती अरुण साठे भी शामिल हैं। कानून मंत्रालय की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, जिन तीन वकीलों को यह जिम्मेदारी दी गई है, उनके नाम अजीत भगवान राव कडेठंकर, सुशील मनोहर घोडेस्वर, आरती अरुण साठे हैं। बता दें कि आरती साठे पहले महाराष्ट्र भाजपा की प्रवक्ता रह चुकी हैं। अब उन्हें न्यायपालिका की सेवा में नियुक्त किया गया है।
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क्या नियुक्त होते हैं अतिरिक्त जज?
अतिरिक्त जजों की नियुक्ति आमतौर पर दो साल के लिए की जाती है। इस दौरान उनके काम और योग्यता का मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद, यदि सब कुछ ठीक रहता है, तो उन्हें स्थायी जज के रूप में भी पदोन्नत कर दिया जाता है। इन नियुक्तियों से बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
कौन हैं आरती अरुण साठे?
बॉम्बे हाईकोर्ट की अधिवक्ता रहीं आरती साठे को फरवरी 2023 में महाराष्ट्र भाजपा का प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। इससे पहले वें मुंबई भाजपा की कानूनी सेल की प्रमुख भी थीं। हालांकि, जनवरी 2024 में उन्होंने निजी और पेशेवर कारणों का हवाला देते हुए प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। उनकी इस नियुक्ति की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 जुलाई को की, जिसमें उनके साथ एडवोकेट अजीत भगवान राव कडेठंकर और सुशील मनोहर घोडेस्वर को भी बॉम्बे हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने का प्रस्ताव शामिल था।
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वहीं आरती अरुण साठे की नियुक्ति पर राज्य में विपक्ष दल के नेताओं ने सवाल उठाए थे। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की प्रवक्ता रही एक व्यक्ति की जज के रूप में नियुक्ति निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।
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क्या नियुक्त होते हैं अतिरिक्त जज?
अतिरिक्त जजों की नियुक्ति आमतौर पर दो साल के लिए की जाती है। इस दौरान उनके काम और योग्यता का मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद, यदि सब कुछ ठीक रहता है, तो उन्हें स्थायी जज के रूप में भी पदोन्नत कर दिया जाता है। इन नियुक्तियों से बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
कौन हैं आरती अरुण साठे?
बॉम्बे हाईकोर्ट की अधिवक्ता रहीं आरती साठे को फरवरी 2023 में महाराष्ट्र भाजपा का प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। इससे पहले वें मुंबई भाजपा की कानूनी सेल की प्रमुख भी थीं। हालांकि, जनवरी 2024 में उन्होंने निजी और पेशेवर कारणों का हवाला देते हुए प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। उनकी इस नियुक्ति की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 जुलाई को की, जिसमें उनके साथ एडवोकेट अजीत भगवान राव कडेठंकर और सुशील मनोहर घोडेस्वर को भी बॉम्बे हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने का प्रस्ताव शामिल था।
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वहीं आरती अरुण साठे की नियुक्ति पर राज्य में विपक्ष दल के नेताओं ने सवाल उठाए थे। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की प्रवक्ता रही एक व्यक्ति की जज के रूप में नियुक्ति निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाती है।
न्यायाधीशांची निवड करताना पूर्वी राजकीय नियुक्त्या होत होत्या, त्या रोखण्यासाठीच सध्याची कॉलेजियम पद्धत आणली गेली. आजतरी ही पद्धत सर्वांत योग्य वाटते. पण हायकोर्टाच्या न्यायाधीशांसाठी ६० हून अधिक उमेदवारांच्या मुलाखती घेतल्या तेंव्हा २० ते ३० टक्के उमेदवारांना केवळ राजकीय… pic.twitter.com/Mbk41PDqsK
— Rohit Pawar (@RRPSpeaks) August 6, 2025