Hindi News
›
Video
›
India News
›
West Bengal Elections 2026: Abhishek Banerjee's statement about three agents sparks uproar in Bengal, Humayun
{"_id":"69dababa81ec5f65f00553a5","slug":"west-bengal-elections-2026-abhishek-banerjee-s-statement-about-three-agents-sparks-uproar-in-bengal-humayun-2026-04-12","type":"video","status":"publish","title_hn":"West Bengal Elections 2026: अभिषेक बनर्जी के 3 एजेंट वाले बयान से बंगाल में बवाल, हुमायूं ने दिया ये जवाब!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal Elections 2026: अभिषेक बनर्जी के 3 एजेंट वाले बयान से बंगाल में बवाल, हुमायूं ने दिया ये जवाब!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sun, 12 Apr 2026 03:45 AM IST
Link Copied
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Abhishek Banerjee ने अपने एक बयान में “तीन एजेंटों” का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उनके इस बयान को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा और अन्य विरोधी ताकतों पर आरोप लगाया कि वे राज्य में अस्थिरता पैदा करने के लिए काम कर रहे हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग बाहरी ताकतों के इशारे पर बंगाल की शांति और विकास को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, और जनता को ऐसे “एजेंटों” से सतर्क रहने की जरूरत है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया और विपक्षी नेताओं ने इसे भड़काऊ बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के ही विधायक Humayun Kabir ने अभिषेक बनर्जी के बयान पर अलग रुख अपनाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी, जिससे विवाद और बढ़ गया। हुमायूं कबीर ने कहा कि इस तरह के बयान देने से पार्टी के अंदर और बाहर गलत संदेश जा सकता है और इससे राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नेताओं को बयान देते समय संयम बरतना चाहिए, ताकि अनावश्यक विवाद से बचा जा सके। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी की आलोचना नहीं की, लेकिन उनके शब्दों से यह साफ झलक रहा था कि वे इस बयान से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने बंगाल की सियासत को और भी गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने मौके का फायदा उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी चुनावों से पहले दलों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हो सकता है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही और इसे आंतरिक चर्चा का विषय बताया।
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है, जहां समर्थक और विरोधी दोनों ही अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुल मिलाकर, अभिषेक बनर्जी के “तीन एजेंट” वाले बयान और हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जो आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।