EV Draft Policy: पेट्रोल-डीजल वाहनों को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है सरकार, ईवी से करेगी प्रदूषण पर सीधा वार
इस नीति के जरिए सरकार का साफ लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में पेट्रोल और डीजल वाहनों को धीरे-धीरे सिस्टम से बाहर करना और प्रदूषण के बड़े स्रोत पर सीधा प्रहार करना।
विस्तार
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण पर निर्णायक चोट करने के लिए सरकार ने नई ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पॉलिसी 2026-2030 सार्वजनिक कर दी है। इस नीति के जरिए सरकार का साफ लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में पेट्रोल और डीजल वाहनों को धीरे-धीरे सिस्टम से बाहर करना और प्रदूषण के बड़े स्रोत पर सीधा प्रहार करना।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सर्दियों में दिल्ली के कुल वायु प्रदूषण में करीब 23 फीसदी हिस्सेदारी वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की होती है। इसमें भी दोपहिया वाहनों का योगदान सबसे ज्यादा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई नीति में कड़े प्रावधान और स्पष्ट समयसीमा तय की गई है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक समर्पित ईवी फंड बनाया जाएगा। इस फंड में राज्य बजट के अलावा केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं, अनुदानों, एयर एम्बियंस फंड, पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क, पीएम ई-ड्राइव योजना, टैक्स और अन्य स्वीकृत स्रोतों से संसाधन जुटाए जाएंगे। नीति के क्रियान्वयन और फंड के उपयोग की निगरानी के लिए परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली ईवी एपेक्स समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति सुनिश्चित करेगी कि ईवी पॉलिसी के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जाए।
परिवहन विभाग ने सुझाव और आपत्तियां मांगी
evpolicy2026@gmail.com पर 30 दिन के भीतर ई-मेल करके दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2026 के ड्राफ्ट पर सुझाव और टिप्पणियां 10 मई 2026 तक भेज सकते हैं। मेल के अलावा डाक के जरिये संयुक्त आयुक्त (ईवी), परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी, 5/9, अंडर हिल रोड, दिल्ली-110054 के पते पर भी सुझाव या आपत्ति भेजी जा सकती है। विभाग ने साफ किया है कि तय समय सीमा के बाद भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
दिल्ली की नई ईवी नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देखरेख में लागू करने की तैयारी हैं। राजधानी में साफ, सुलभ और परिवहन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रस्तावित है। इस नीति के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट, अनिवार्य प्रावधान और अवसंरचना विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
--रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली
साल 2025-26 में ईवी पंजीकरण में 29 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। एक ताजा विश्लेषण के अनुसार, साल 2025-26 में ईवी पंजीकरण में 29 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह जानकारी एनवायरोकैटेलिस्ट्स ने सड़क परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल के डाटा के आधार पर किया है।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में ईवी पंजीकरण 2024-25 के 83,512 से बढ़कर 2025-26 में 1.07 लाख तक पहुंच गया। ईवी हाइब्रिड वाहनों की संख्या भी बढ़कर 6,796 से 8,476 हो गई। फॉसिल फ्यूल हाइब्रिड वाहनों में सबसे तेज बढ़ोतरी हुई। इनकी संख्या 15,804 से बढ़कर 32,902 हो गई, यानी दोगुने से भी ज्यादा। हालांकि ये वाहन अब भी पारंपरिक ईंधन पर निर्भर हैं। पेट्रोल-सीएनजी वाहनों की संख्या में गिरावट देखी गई, जो 47,192 से घटकर 36,130 रह गई।
- पेट्रोल और पेट्रोल-इथेनॉल गाड़ियों का पंजीकरण 5.30 लाख से बढ़कर 6.21 लाख हुआ। कुल वाहनों में हिस्सेदारी 73 %।
- सीएनजी वाहनों की संख्या 25,330 से बढ़कर 32,224 हो गई, डीजल वाहनों की संख्या 12,007 से घटकर 11,498 रह गई।
ईवी पंजीकरण में तेज बढ़ोतरी हुई है लेकिन इसका पेट्रोल और सीएनजी वाहनों की बिक्री पर बड़ा असर नहीं पड़ा है। नई ईवी नीति के तहत मिलने वाले इंसेंटिव से आने वाले समय में बदलाव दिखेगा। -सुनील दहिया, परिवहन विशेषज्ञ