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Delhi: बिल्डर के ठिकानों पर छापा, छह करोड़ नकदी जब्त; खरीदारों से धोखाधड़ी में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 12 Apr 2026 03:35 AM IST
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सार
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनी के पूर्व निदेशकों, प्रमोटरों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के कुल 10 ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे गए।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में घर खरीदारों से धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लि. (ईआईएल) के ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान ईडी ने 6.3 करोड़ रुपये की नकदी और करीब 7.5 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए।
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ईडी अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनी के पूर्व निदेशकों, प्रमोटरों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के कुल 10 ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे गए। तलाशी के दौरान नकदी और आभूषणों के अलावा चांदी की सिल्लियां और महंगी घड़ियां भी जब्त की गईं। ईडी के अनुसार, कंपनी लंबे समय से वित्तीय संकट में है और जून 2018 से कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) की कार्यवाही चल रही है। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की पांच एफआईआर और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच एजेंसी एसएफआईओ की शिकायत के आधार पर शुरू की गई।
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आरोप है कि कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे। इनमें अर्थ टाउन, अर्थ सफायर कोर्ट, अर्थ कोपिया, अर्थ टेकवन, अर्थ आइकॉनिक और अर्थ स्काईगेट जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट के जरिये 19,000 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से करीब 2,024 करोड़ रुपये जुटाए गए। कंपनी ने निवेशकों को समय पर फ्लैट देने के साथ आकर्षक रिटर्न का वादा किया था, लेकिन प्रोजेक्ट या तो अधूरे रह गए या खरीदारों को कब्जा नहीं दिया गया।
निवेशकों के पैसे से खरीदी गई जमीन
ईडी का दावा है, निवेशकों की रकम परियोजनाओं पर खर्च करने के बजाय गुरुग्राम, दिल्ली और राजस्थान में जमीन खरीदने में लगाई गई।
- कुछ राशि शेल कंपनियों के जरिये इधर-उधर ट्रांसफर की गई। इससे हजारों निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा
- ईडी अब इस मामले में धन के प्रवाह, संबंधित लोगों की भूमिका और अन्य संभावित आरोपियों की जांच कर रहा है