EV Draft Policy: दिल्ली में 30 लाख रुपये तक की ई-कार पर नहीं लगेगा रोड टैक्स, पंजीकरण शुल्क में भी मिलेगी छूट
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का मसौदा जारी किया है। इसके अमल में आते ही ई-वाहन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। एक अप्रैल, 2028 से सिर्फ ई-दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
विस्तार
राजधानी दिल्ली में 30 लाख रुपये या उससे कम एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च, 2030 तक रोड टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, पंजीकरण शुल्क में भी छूट मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का मसौदा जारी किया है। इसके अमल में आते ही ई-वाहन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। एक अप्रैल, 2028 से सिर्फ ई-दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति 2026-2030 में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों के लिए 50 फीसदी छूट का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा, एक जनवरी, 2027 से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के नए पंजीकरण की अनुमति होगी। नई नीति का मकसद ईवी को बढ़ावा देने के साथ ही वायु गुणवत्ता में सुधार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए बेहतर तंत्र बनाना है। नीति के अनुसार, 30 लाख से अधिक की इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स या पंजीकरण शुल्क में कोई छूट नहीं मिलेगी। सरकार ने ड्राफ्ट पर 30 दिन में जनता से सुझाव मांगे हैं।
ईवी नीति पहली बार अगस्त, 2020 में लाई गई थी। नई मसौदा नीति के मुताबिक, दिल्ली में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को नीति लागू होने की तारीख से पहले साल में 30,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के लिए पहले साल 50,000 रुपये तक की तय छूट मिलेगी।
ई-ऑटो, रिक्शा व छोटे कारोबार को बढ़ावा
इलेक्ट्रिक ऑटो और छोटे वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी नीति में खास प्रावधान हैं। ई-ऑटो पर पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40 हजार रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये तक रोड टैक्स पर छूट रहेगी।
- ई-ट्रक यानी छोटे माल वाहन पर पहले साल एक लाख रुपये, दूसरे साल 75,000 रुपये और तीसरे साल 50,000 रुपये की छूट होगी
दोपहिया खरीदारों को भी राहत
मसौदा नीति में ई-स्कूटर और बाइक खरीदने वालों के लिए भी आकर्षक सब्सिडी का प्रस्ताव है। नीति लागू होने के पहले साल में 10,000 रुपये प्रति किलोवाट के आधार पर अधिकतम 30,000 रुपये की छूट मिलेगी। दूसरे साल में अधिकतम 20,000 रुपये तक और तीसरे साल में अधिकतम 10,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। शर्त यह है कि कीमत 2.25 लाख रुपये से अधिक नहीं हो।
- पुराने सीएनजी ऑटो को बदलने पर भी छूट मिलेगी
राशि सीधे लाभार्थी के खाते में
सभी सब्सिडी और छूट की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तारण (डीबीटी) के जरिये सीधे लाभार्थी के खाते में आएंगे। इसके लिए खरीदार दिल्ली का निवासी होना चाहिए और वाहन का पंजीकरण दिल्ली में ही होना चाहिए।
स्क्रैप पर एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा
स्क्रैपिंग पॉलिसी का भी विस्तार किया गया है। पुराने बीएस-चार या उससे नीचे के वाहनों को स्क्रैप कराने पर दोपहिया के लिए 10,000 रुपये, थ्री-व्हीलर के लिए 25,000 रुपये और इलेक्ट्रिक कार के लिए एक लाख रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यह कदम न सिर्फ पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने में मदद करेगा, बल्कि नए ईवी खरीदने को भी आर्थिक रूप से आकर्षक बनाएगा।
- स्क्रैप नीति के तहत बीएस-4 और उससे पुराने वाहनों की जगह नई ई-कार खरीदने वाले पहले एक लाख आवेदकों को ही एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा
- सरकार ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए दिल्ली ट्रांसको लि. को नोडल एजेंसी बनाया है। एजेंसी पूरे शहर में चार्जिंग व बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का विस्तार करेगी। सरकारी विभागों में अब सभी नए वाहन इलेक्ट्रिक ही होंगे