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बंगाल की महाभारत पर ‘द्रौपदी’ बोलीं- जनता नहीं कर सकती इतनी ‘भयंकर भूल’, हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा बलों की हो तैनाती

अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 04 May 2021 12:42 PM IST
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सार

महाभारत सीरियल में द्रौपदी का रोल कर सुर्खियां बटोर चुकीं भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने कहा कि राज्य में परिस्थितियां विकट हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है और लोगों के घरों में लूटपाट की जा रही है। ऐसे में केंद्र को बंगाल में सीआरपीएफ लगा देनी चाहिए। प्रस्तुत हैं वार्ता के प्रमुख अंश...  

BJP MP Roopa Ganguly said, to stop the violence in West bengal, centre should deploy paramilitary forces
भाजपा सांसद रूपा गांगुली - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

प्रश्न- भाजपा ने बंगाल के लोगों से वायदा किया था कि वह उन्हें हिंसा वाली राजनीति से मुक्ति दिलाएगी। चुनाव परिणाम तो आपके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन इसी बीच राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है। अब भाजपा अपना वायदा कैसे निभाएगी?

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यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल में एक बार फिर उसी हिंसात्मक राजनीति को अवसर मिल गया है जिसमें इस राज्य की जनता कई दशकों से पिसती आ रही थी। हमें सूचना मिल रही है कि भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके वोटरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। लोगों की हत्याएं की जा रही हैं और उनके घरों-दुकानों में सामान की लूटपाट की जा रही है। बंगाल को समझने वाले लोगों को इस बात का अंदेशा था कि चुनावों के बाद इस तरह की हिंसा हो सकती है।

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मुझे लगता है कि यहां से केन्द्रीय सुरक्षा बलों को चुनाव बाद तुरंत नहीं हटाना चाहिए था। केन्द्रीय सुरक्षा बलों को कम से कम इसे 15 दिन और रहने देना चाहिए था, शायद तभी हम लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाते। अभी भी इस तरह का निर्णय तुरंत ले लिया जाना चाहिए ताकि निर्दोष लोगों की जान बचायी जा सके।

प्रश्न- अगर एक संगठन के तौर पर भाजपा की बात करें तो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को इस हिंसा से कैसे बचाएगी?

देखिये, मैं पश्चिम बंगाल भाजपा की पदाधिकारी नहीं हूं। मुझे नहीं मालूम है कि इस मुद्दे पर संगठन में क्या बहस चल रही है और वह इस मुद्दे पर क्या रणनीति तय करके आगे चलना चाहती है। अगर कोई निर्णय लिया जाता है और मुझे कोई जिम्मेदारी दी जाती है तो मैं आपको अवश्य बता सकूंगी। लेकिन मैं इतना अवश्य कहना चाहूंगी कि केंद्र सरकार को और पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करनी चाहिए।

अगर केंद्र सरकार इस तरह का कोई कदम नहीं उठाती है तो आप कल्पना भी नहीं कर सकते कि वे बच्चे बड़े होकर क्या बनेंगे जिनके हाथों में इस समय टीएमसी के झंडे देकर उनसे लूटपाट और हिंसा कराई जा रही है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जब ये बच्चे बड़े होंगे तो क्या बनेंगे, उस स्थिति में इस बंगाली भद्रलोक का क्या होगा? मुझे लगता है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल सख्त कदम उठाये जाने की जरूरत है।

प्रश्न- क्या आप कहना चाहती हैं कि पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा को देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए?

मुझे लगता है कि इसके लिए तो पहले ही बहुत देर हो चुकी है। विधानसभा चुनाव के पहले यहां जिस तरह का कत्लेआम हो रहा था, उसे देखते हुए तत्काल इस तरह का निर्णय लिया जाना चाहिए था। लेकिन, मैं यह बात बड़े दुःख के साथ कहना चाहती हूं कि, शायद राष्ट्रपति शासन लगाने के राजनीतिक नफे-नुकसान का आकलन करते हुए इस तरह का निर्णय नहीं लिया गया। राष्ट्रपति शासन लगाया जाता तो इस निर्णय पर तमाम राजनीतिक हमले किये जाते। संभवतया उन्हीं चीजों से बचने के लिए इस तरह का निर्णय नहीं लिया गया।

लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह से लोगों की हत्याएं की जा रही थीं, उसे देखते हुए यह निर्णय बहुत पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। मैं यह तो नहीं कहती कि इस समय राज्य में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिए, लेकिन मैं यह अवश्य कहना चाहती हूं कि कोई ऐसा संवैधानिक उपाय अवश्य कर दिया जाना चाहिए, जिससे भाजपा के कार्यकर्ता और उसे वोट देने वाले लोग बंगाल में जीवित रह सकें।

प्रश्न- भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल का चुनाव परिणाम कितना अप्रत्याशित है? विशेषकर इस बात को ध्यान में रखते हुए कि पार्टी राज्य में 200 सीटें जीतने का लक्ष्य रखकर चल रही थी और इसके लिए चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी?

मैं इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकती कि पश्चिम बंगाल की जनता एक बार फिर उसी तरह की ‘भयंकर भूल’ कर सकती है, जिसके कारण उसे अब तक तमाम तकलीफें सहनी पड़ी हैं। मुझे जनता पर पूरा भरोसा है। मुझे लगता है कि राज्य में जिस तरह बड़े पैमाने पर व्यापक लूट-खसोट और भ्रष्टाचार हुआ था, उसे छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर चुनाव परिणाम में धांधली की गई है और चुनाव परिणाम प्रभावित किया गया है। यहां दुबारा चुनाव कराए जाने पर विचार करना चाहिए। चुनाव आयोग को यहां की परिस्थितियों का गहन अध्ययन कर यहां चुनाव के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में विचार करना चाहिए। इस व्यवस्था में यहां जनता को न्याय मिलना संभव नहीं है।

प्रश्न- ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं? क्या आप उन्हें कोई संदेश देना चाहेंगी?

कोई मुख्यमंत्री, विशेषकर तब जब वह एक महिला हो, इतनी ‘क्रूर’ हो सकती है। वे यहां की सीएम बनने जा रही हैं तो पूरे राज्य की जनता उनके बच्चे के सामान है। मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाया है? आखिर वे चैन से कैसे बैठ सकती हैं जबकि उनके राज्य में जगह-जगह आगजनी और हत्या-लूटपाट हो रही है। उन्हें इन चीजों पर तत्काल लगाम लगानी चाहिए।

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