{"_id":"69e77bf0443377c7050b8bc8","slug":"bombay-high-court-slams-centre-over-agniveer-death-benefits-operation-sindoor-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्निवीर की शहादत: बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार, कहा- छह मई तक जवाब दें, वरना लगेगा जुर्माना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अग्निवीर की शहादत: बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार, कहा- छह मई तक जवाब दें, वरना लगेगा जुर्माना
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 21 Apr 2026 07:09 PM IST
विज्ञापन
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए अग्निवीर मुरली नायक के परिवार को समान लाभ न मिलने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। अदालत ने सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने में की जा रही देरी पर सख्त नाराजगी जताई है। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर छह मई तक हलफनामा नहीं आया, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। मामला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जान गंवाने वाले एक अग्निवीर के परिवार से जुड़ा है। शहीद की मां ने याचिका दायर कर अग्निवीरों और नियमित सैनिकों के बीच मिलने वाले लाभों में भेदभाव को चुनौती दी है।
जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस हितेन वेनेगांवकर की खंडपीठ ने कहा कि अगर छह मई तक जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो सरकार पर भारी हर्जाना लगाया जाएगा। दरअसल, शहीद अग्निवीर मुरली नायक की मां ज्योतिबाई नायक ने यह याचिका दायर की है। मुरली पिछले साल मई में जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से हुई गोलाबारी में शहीद हो गए थे।
नोटिस के बाद भी केंद्र ने नहीं दिया जवाब
केंद्र को पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं आया। जस्टिस घुगे ने कहा, 'यह याचिका पिछले साल से लंबित है। याचिकाकर्ता ने जुलाई में ही सरकार को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत करा दिया था। मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। अब कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी।'
याचिका में अग्निपथ योजना के तहत मिलने वाले लाभों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह योजना अग्निवीरों और नियमित सैनिकों के बीच एक मनमाना अंतर पैदा करती है। शहीद की मां ने पूछा है कि जब उनका बेटा नियमित सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहा था, तो मौत के बाद उसके परिवार को पेंशन और अन्य लाभों से वंचित क्यों रखा जा रहा है?
यह भी पढ़ें: बंधुआ मजदूरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र सरकार से पूछा सवाल- अब तक क्या-क्या किया?
नौ मई 2025 को शहीद हुए थे मुरली नायक
मुरली नायक जून 2023 में भर्ती हुए थे। 9 मई 2025 को पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से हुई भारी गोलाबारी में वे शहीद हो गए। यह घटना तब हुई जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। याचिका में तर्क दिया गया है कि अग्निवीर भी वही ड्यूटी करते हैं और उन्हीं जोखिमों का सामना करते हैं जो नियमित सैनिक करते हैं।
हालांकि नायक परिवार को करीब 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि मिली है, लेकिन उन्हें नियमित पारिवारिक पेंशन या अन्य दीर्घकालिक कल्याणकारी लाभों से बाहर रखा गया है। याचिका में मांग की गई है कि अग्निवीरों को भी मरणोपरांत समान पेंशन, संस्थागत मान्यता और कल्याणकारी सुविधाएं दी जाएं। अदालत ने अब महाराष्ट्र सरकार को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 18 जून के लिए तय की है।
Trending Videos
जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस हितेन वेनेगांवकर की खंडपीठ ने कहा कि अगर छह मई तक जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो सरकार पर भारी हर्जाना लगाया जाएगा। दरअसल, शहीद अग्निवीर मुरली नायक की मां ज्योतिबाई नायक ने यह याचिका दायर की है। मुरली पिछले साल मई में जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से हुई गोलाबारी में शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटिस के बाद भी केंद्र ने नहीं दिया जवाब
केंद्र को पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई जवाब नहीं आया। जस्टिस घुगे ने कहा, 'यह याचिका पिछले साल से लंबित है। याचिकाकर्ता ने जुलाई में ही सरकार को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत करा दिया था। मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। अब कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी।'
याचिका में अग्निपथ योजना के तहत मिलने वाले लाभों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह योजना अग्निवीरों और नियमित सैनिकों के बीच एक मनमाना अंतर पैदा करती है। शहीद की मां ने पूछा है कि जब उनका बेटा नियमित सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहा था, तो मौत के बाद उसके परिवार को पेंशन और अन्य लाभों से वंचित क्यों रखा जा रहा है?
यह भी पढ़ें: बंधुआ मजदूरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र सरकार से पूछा सवाल- अब तक क्या-क्या किया?
नौ मई 2025 को शहीद हुए थे मुरली नायक
मुरली नायक जून 2023 में भर्ती हुए थे। 9 मई 2025 को पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से हुई भारी गोलाबारी में वे शहीद हो गए। यह घटना तब हुई जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। याचिका में तर्क दिया गया है कि अग्निवीर भी वही ड्यूटी करते हैं और उन्हीं जोखिमों का सामना करते हैं जो नियमित सैनिक करते हैं।
हालांकि नायक परिवार को करीब 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि मिली है, लेकिन उन्हें नियमित पारिवारिक पेंशन या अन्य दीर्घकालिक कल्याणकारी लाभों से बाहर रखा गया है। याचिका में मांग की गई है कि अग्निवीरों को भी मरणोपरांत समान पेंशन, संस्थागत मान्यता और कल्याणकारी सुविधाएं दी जाएं। अदालत ने अब महाराष्ट्र सरकार को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 18 जून के लिए तय की है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X