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VIP Security: जेड प्लस व जेड+ASL सुरक्षा में तैनात CAPF जवानों को बड़ी सौगात, मिलेगा 20% विशेष सुरक्षा भत्ता

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 24 Jan 2025 10:18 PM IST
सार

अभी तक केवल 'एसपीजी' में 55 प्रतिशत स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस दिया जाता है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब वीआईपी सुरक्षा में तैनात जवानों और अफसरों को स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस 'एसएसए' मिलेगा। स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस, बेसिक पे पर बीस प्रतिशत के हिसाब से मिलेगा।

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CAPF soldiers posted in Z Plus and Z + ASL security will get 20% special security allowance
SPG - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के उन जांबाजों के लिए खुशी की खबर है, जो वीआईपी सुरक्षा में तैनात हैं। हालांकि अभी केवल उन्हीं जवानों और अफसरों को स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस 'एसएसए' मिलेगा, जो जेड प्लस और जेड प्लस विद् (एएसएल) सुरक्षा प्राप्त अति विशिष्ट लोगों के सिक्योरिटी कवर में शामिल हैं। स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस, बेसिक पे पर बीस प्रतिशत के हिसाब से मिलेगा। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की वीआईपी सुरक्षा विंग में तैनात जवानों और अफसरों द्वारा लंबे समय से 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' देने की मांग की जा रही थी। 

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अभी तक केवल 'एसपीजी' में 55 प्रतिशत स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस दिया जाता है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि यह प्रस्ताव कई लोगों के गले नहीं उतर रहा है। वजह, इसमें कहा गया है कि यह भत्ता केवल ड्यूटी के दौरान ही प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय बलों की वीआईपी सुरक्षा तो सैंकड़ों लोगों को मिली हुई है, जबकि यह विशेष भत्ता केवल जेड प्लस और जेड प्लस (एएसएल) वाली सुरक्षा में तैनात जवानों को ही मिलेगा। वीआईपी ड्यूटी पर तैनात जिन जवानों या अफसरों को यह भत्ता मिलेगा, उनके वेतन में हर माह लगभग पांच हजार रुपये से तीस हजार रुपये तक का इजाफा हो सकता है। 
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सूत्रों के मुताबिक, देश में जेड प्लस (एडवांस सिक्योरिटी लाइजन) 'एएसएल' सुरक्षा केवल पांच लोगों को ही मिली हुई है। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर शामिल हैं। इन सबकी सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। एक व्यक्ति की सुरक्षा में लगभग चालीस से पचास जवान होते हैं। कुल मैनपावर की बात करें तो वह संख्या दो सौ से अधिक होती है। रिजर्व स्ट्रेंथ और टूर ट्रेवल के लिए तीन सौ जवान रहते हैं। एडवांस सिक्योरिटी लाइजन एक उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल होता है। इसके अंतर्गत केंद्रीय सुरक्षा बल, राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा से जुड़े अन्य विभाग एक साथ काम करते हैं। एएसएल सुरक्षा में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा घेरे होते हैं। इसके प्रोटोकॉल में सुरक्षा की मॉडर्न  तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल होता है। 
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जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त लोगों की संख्या भी अधिक नहीं है। मौजूदा समय में करीब 23 लोगों को यह सुरक्षा मिली हुई है। इसमें भी चालीस से अधिक जवान साथ रहते हैं। कुल मैनपावर की बात करें तो वह आंकड़ा 900 के पार चला जाता है। रिजर्व स्ट्रेंथ और टूर ट्रेवल के लिए लगभग ढाई सौ जवान रहते हैं। फिलहाल जो आदेश जारी हुआ है, उसमें कहा गया है कि सीएपीएफ की वीआईपी सुरक्षा विंग में तैनात जवानों को उनके मूल वेतन पर बीस प्रतिशत के हिसाब से स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है, ये बात तो ठीक है, लेकिन अभी इस आदेश को विस्तार से समझना जरुरी है। ये अलाउंस वीआईपी सुरक्षा में तैनात सभी जवानों को नहीं मिलेगा। केवल जेड प्लस और जेड प्लस विद एएसएल वाली सुरक्षा में तैनात जवानों को ही मिलेगा। 

सूत्र बताते हैं कि ये अलाउंस वीआईपी सुरक्षा बटालियन में तैनात सभी जवानों को नहीं मिलेगा। केवल ड्यूटी पर तैनात जवानों को ही मिलेगा। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति, जिनके पास पहले एसपीजी और एनएसजी सुरक्षा थी, लेकिन बाद में उनके पास सीएपीएफ सुरक्षा कवर आ गया है, उन्हें ही मिलेगा। ये तो ठीक नहीं है। ऐसे में तो स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस चुनींदा जवानों को ही मिलेगा। अगर से भत्ता बीस प्रतिशत बेसिक पे पर मिलेगा और उसमें डीए शामिल नहीं होगा तो ज्यादा लाभ नहीं हो सकेगा। पहले एसपीजी में बेसिक पे और डीए पर 50 प्रतिशत भत्ता मिलता था। इसका फायदा भी खूब होता था। अब वहां भी सिर्फ बेसिक पे पर 55 प्रतिशत भत्ता मिल रहा है। उसमें डीए शामिल नहीं है। 

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' की वीवीआईपी सुरक्षा विंग का दायरा बढ़ाया गया है। वजह, एसपीजी के बाद देश में अति विशिष्ट लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की बड़ी जिम्मेदारी 'सीआरपीएफ' ही निभा रही है। पहले सीआरपीएफ की वीवीआईपी सिक्योरिटी विंग में छह बटालियन थी, अब इनकी संख्या सात की जा रही है। झारखंड से एक बटालियन को वीवीआईपी सिक्योरिटी विंग में शामिल किया जा रहा है। इस तरह से अब सिक्योरिटी विंग में लगभग सात हजार जवान रहेंगे। मौजूदा समय में सीआरपीएफ द्वारा करीब 220 वीवीआईपी को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। इतना ही नहीं, सीआरपीएफ को 'एनएसजी' हब और कैंप परिसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व पीएम डा. मनमोहन सिंह की पत्नी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उद्योगपति मुकेश अंबानी, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, स्वामी रामदेव, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सांसद असदुद्दीन ओवैसी सहित 220 से ज्यादा वीवीआईपी को सीआरपीएफ द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। सीआरपीएफ की विभिन्न सुरक्षा श्रेणियों में जेड प्लस सुरक्षा के अलावा एक्स, वाई, वाई प्लस और जेड श्रेणी के तहत भी अनेक लोगों को बल की सुरक्षा प्रदान की गई है। इसी तरह से सीआईएसएफ और आईटीबीपी एवं दूसरे बलों द्वारा भी वीआईपी लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। 

चार पांच साल पहले तक स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी 'एसपीजी' के दायरे में रहे पांच वीआईपी को भी अब सीआरपीएफ सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद सीआरपीएफ के जांबाजों को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' नहीं दिया जा रहा। दूसरे बलों के जवानों को भी इस भत्ते से वंचित रखा गया। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को फाइल भेजी गई थी, लेकिन वहां से उसे बिना किसी स्वीकृति के वापस लौटा दिया गया। उसके बाद दोबारा से स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस की फाइल गृह मंत्रालय पहुंची। अब उस फाइल को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की मंजूरी मिली है।  

अभी तक वीआईपी सुरक्षा में तैनात जवानों को केवल मूल वेतन दिया जा रहा है। 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' को लेकर कई बार मांग उठी थी, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता। केंद्रीय गृह मंत्रालय को जो प्रपोजल भेजा गया था, उसमें सीआरपीएफ सिक्योरिटी विंग के उन अधिकारियों और जवानों को उनके मूल वेतन का 40 फीसदी 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' देने की मांग की गई थी।

हालांकि बाद में यह भी कहा गया कि जो अधिकारी या जवान वीआईपी ड्यूटी पर हैं, उन्हें 40 फीसदी और जो दफ्तर में कार्यरत हैं, उन्हें बीस फीसदी भत्ता दे दिया जाए। एसपीजी में तैनात कर्मियों को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस', उनके मूल वेतन का 55 प्रतिशत तक मिलता है। संसद सत्र में लोकसभा सांसद असादुद्दीन ओवैसी ने पूछा था, क्या सीआरपीएफ सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से एसपीजी, एनएसजी आदि में वीवीआईपी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को विशेष भत्ता मिल रहा है। सरकार इस बाबत कोई कदम उठा रही है। 

गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया, एसपीजी व एनएसजी में तैनात सीएपीएफ कार्मिकों को विशेष सुरक्षा भत्ता मिल रहा है। तथापि वीआईपी सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों को विशेष भत्ता नहीं मिलता। वजह, सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा विंग निदेशालय का गठन एक जून 2020 को तदर्थ आधार पर किया गया था। इसके चलते उन्हें 'विशेष सुरक्षा भत्ता' प्रदान करने के मामले में 7वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा विचार नहीं किया जा सका। इसका दिनांक 31 जनवरी 2023 से ही नियमितीकरण हुआ है। सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा विंग के कार्मिकों को विशेष सुरक्षा भत्ता प्रदान करने के लिए बल का एक प्रस्ताव विचाराधीन है। 


बल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना था कि सिक्योरिटी विंग में कार्यरत सभी जांबाजों का भत्ता बढ़ाया जाना चाहिए। अगर यहां उन्हें कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तो नए कमांडो का वीआईपी ड्यूटी में आने के लिए उत्साह खत्म हो जाएगा। केंद्र सरकार को 'वीआईपी' ड्यूटी में तैनात जवानों और अफसरों को उनके मूल वेतन का 40 फीसदी 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' मिलना चाहिए। सीआरपीएफ कमांडो को कोई खास टीए/डीए भी नहीं मिलता। यह भत्ता मुश्किल से तीन चार हजार रुपये तक सिमट जाता है। जोखिम वाले इलाकों में तैनात बल के जवानों को रिस्क अलाउंस भी मिलता है। अगर सीआरपीएफ व दूसरे बलों की वीआईपी सुरक्षा विंग को 'स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस' दिया जाता है, तो बल के अन्य कमांडो भी इस ओर आने के लिए प्रेरित होंगे।

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