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नागपुर में भी नासिक जैसा मामला आया सामने: NGO डायरेक्टर गिरफ्तार, छेड़छाड़ और धार्मिक दबाव डालने के लगे आरोप
एएनआई, मुंबई
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Mon, 20 Apr 2026 03:40 PM IST
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सार
नागपुर में एक एनजीओ डायरेक्टर को चार महिला कर्मचारियों की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। महिलाओं ने छेड़छाड़ और धार्मिक दबाव डालने के आरोप लगाए हैं। आरोपी पर महिलाओं के चरित्र पर टिप्पणी करने का भी आरोप है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
Crime
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है। यहा मामला भी कुछ-कुछ नासिक कांड के जैसै ही है। यहां पर एक एनजीओ के डायरेक्टर पर महिला कर्मचारियों ने कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप छेड़छाड़ से लेकर धार्मिक दबाव तक के हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने कार्यस्थल की सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पुलिस के अनुसार, नागपुर के मानकापुर इलाके में स्थित यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी नाम के एनजीओ के डायरेक्टर रियाज फाजिल काजी के खिलाफ चार महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस निरीक्षक हरेश कालसेकर ने बताया कि महिलाएं सीधे थाने पहुंचीं और अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज किया और उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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महिलाओं ने क्या-क्या आरोप लगाए?
महिलाओं में से एक पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ दो से तीन साल पहले उसके जन्मदिन के दिन छेड़छाड़ की थी। उसने कहा कि उस समय वह डर के कारण सामने नहीं आ सकी। अब जब बाकी महिलाएं भी सामने आईं, तो उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई। यह आरोप मामले को और गंभीर बना देता है।
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धार्मिक दबाव के क्या आरोप?
अन्य महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आरोपी उन पर जबरन धार्मिक बातें और रीति-रिवाज थोपता था। वे इसमें कोई रुचि नहीं रखती थीं, फिर भी उन्हें यह सब सुनने और मानने के लिए मजबूर किया जाता था। महिलाओं का कहना है कि यह उनकी निजी स्वतंत्रता का उल्लंघन है और इससे वे मानसिक रूप से परेशान थीं।
एक लड़की ने तो तंग आकर छोड़ दी नौकरी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने एक महिला कर्मचारी की मां को फोन कर बाकी लड़कियों के चरित्र पर सवाल उठाए। यह घटना तब हुई जब एक लड़की ने नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद सभी महिलाएं एकजुट हुईं और थाने पहुंचकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई। इससे साफ है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक उत्पीड़न का है।
पुलिस कार्रवाई में अबतक क्या-क्या हुआ?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल चार पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है, लेकिन पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी महिलाएं सामने आ सकती हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है और कई अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह एनजीओ मजदूर वर्ग के गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए काम करता है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से संस्था की साख पर भी असर पड़ा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है टीसीएस नासिक मामला?
इस मामले में एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के अंदर उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। इसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। शिकायत सामने आने के बाद कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही, वहीं पुलिस ने भी आरोपों के आधार पर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई। फिलहाल मामले में पुलिस का जांच चल रही है। कई कर्मचारी गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।
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