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तमिलनाडु चुनाव: 18 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, हर चौथा प्रत्याशी है करोड़पति, ADR रिपोर्ट का खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 20 Apr 2026 05:05 PM IST
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सार
तमिलनाडु चुनाव में 18 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 10 प्रतिशत पर गंभीर आरोप हैं। साथ ही, 25 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं और 22 उम्मीदवारों के पास 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। इस बार उम्मीदवारों की औसत संपत्ति में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।
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- फोटो : Freepik
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विस्तार
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मामले में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतरने वाले उम्मीदवारों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, उनकी संपत्ति और शिक्षा से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव लड़ रहे कुल 3992 उम्मीदवारों के हलफनामों की जांच की गई। इनमें से 722 उम्मीदवारों (18 प्रतिशत) ने खुद पर आपराधिक मामले होने की बात कबूल की है। इनमें से 404 उम्मीदवार (10 प्रतिशत) ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अगर साल 2021 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें, तो उस समय 13 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले थे और छह प्रतिशत पर गंभीर मामले थे। इस बार इन आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है।
प्रमुख राजनीतिक दलों की बात करें तो एआईएडीएमके के 170 में से 118 उम्मीदवारों (69 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले हैं। तमिलनाडु वेत्री कड़गम (टीवीके) के 231 में से 92 उम्मीदवारों (40 प्रतिशत) और डीएमके के 175 में से 70 उम्मीदवारों (40 प्रतिशत) पर केस दर्ज हैं। वहीं भाजपा के 33 में से 16 (48 प्रतिशत), कांग्रेस के 28 में से 14 (50 प्रतिशत), पीएमके के 18 में से नौ (50 प्रतिशत), डीएमडीके के 10 में से पांच (50 प्रतिशत), सीपीआई के पांच में से तीन (60 प्रतिशत) और सीपीआई (एम) के पांच में से चार उम्मीदवारों (80 प्रतिशत) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
ये भी पढ़ें: थूथुकुडी में बरसे राहुल गांधी: RSS को बताया तमिल विरोधी, कहा- तमिलनाडु में नहीं चलने देंगे BJP का बिहार मॉडल
वहीं गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो, एआईएडीएमके के 35 प्रतिशत, टीवीके के 19 प्रतिशत, डीएमके के 18 प्रतिशत, बीजेपी के 27 प्रतिशत, कांग्रेस के 18 प्रतिशत, पीएमके के 33 प्रतिशत, डीएमडीके के 10 प्रतिशत और CPI के 20 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले होने की घोषणा की है।
संपत्ति के मामले में भी उम्मीदवार काफी आगे हैं। रिपोर्ट बताती है कि कुल उम्मीदवार में से 981 उम्मीदवार (25 प्रतिशत) करोड़पति हैं। इनमें से 22 उम्मीदवार (0.55 प्रतिशत) ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले उम्मीदवारों में कांग्रेस के सात प्रतिशत, डीएमके के चार प्रतिशत, एआईएडीएमके के दो प्रतिशत और टीवीके के तीन प्रतिशत उम्मीदवार शामिल हैं।
वहीं करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या पार्टियों में बहुत ज्यादा है। कांग्रेस के 96 प्रतिशत, डीएमके के 97 प्रतिशत, एआईएडीएमके के 94 प्रतिशत, भाजपा के 94 प्रतिशत और डीएमडीके के सभी 100 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। इस चुनाव में उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.17 करोड़ रुपये है, जबकि 2021 में यह आंकड़ा केवल 1.72 करोड़ रुपये था।
दिलचस्प बात यह है कि चार उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति शून्य (जीरो) घोषित की है। इनमें मोहन कुमार एम, टी सेल्वराज, गुणसेकरन पी और ए जेगन सालमोंडोस शामिल हैं। शिक्षा और जेंडर की बात करें तो कुल उम्मीदवारों में से 1711 उम्मीदवारों (43 प्रतिशत) ने अपनी शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच बताई है। वहीं 1822 उम्मीदवार (46 प्रतिशत) स्नातक या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। 301 उम्मीदवारों के पास डिप्लोमा है, जबकि 95 उम्मीदवार अनपढ़ हैं और 56 उम्मीदवार सिर्फ साक्षर हैं। इस बार चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी काफी कम है। कुल उम्मीदवारों में से केवल 442 (11 प्रतिशत) महिलाएं चुनावी मैदान में हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव लड़ रहे कुल 3992 उम्मीदवारों के हलफनामों की जांच की गई। इनमें से 722 उम्मीदवारों (18 प्रतिशत) ने खुद पर आपराधिक मामले होने की बात कबूल की है। इनमें से 404 उम्मीदवार (10 प्रतिशत) ऐसे हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अगर साल 2021 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें, तो उस समय 13 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले थे और छह प्रतिशत पर गंभीर मामले थे। इस बार इन आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है।
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प्रमुख राजनीतिक दलों की बात करें तो एआईएडीएमके के 170 में से 118 उम्मीदवारों (69 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले हैं। तमिलनाडु वेत्री कड़गम (टीवीके) के 231 में से 92 उम्मीदवारों (40 प्रतिशत) और डीएमके के 175 में से 70 उम्मीदवारों (40 प्रतिशत) पर केस दर्ज हैं। वहीं भाजपा के 33 में से 16 (48 प्रतिशत), कांग्रेस के 28 में से 14 (50 प्रतिशत), पीएमके के 18 में से नौ (50 प्रतिशत), डीएमडीके के 10 में से पांच (50 प्रतिशत), सीपीआई के पांच में से तीन (60 प्रतिशत) और सीपीआई (एम) के पांच में से चार उम्मीदवारों (80 प्रतिशत) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
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वहीं गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो, एआईएडीएमके के 35 प्रतिशत, टीवीके के 19 प्रतिशत, डीएमके के 18 प्रतिशत, बीजेपी के 27 प्रतिशत, कांग्रेस के 18 प्रतिशत, पीएमके के 33 प्रतिशत, डीएमडीके के 10 प्रतिशत और CPI के 20 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले होने की घोषणा की है।
संपत्ति के मामले में भी उम्मीदवार काफी आगे हैं। रिपोर्ट बताती है कि कुल उम्मीदवार में से 981 उम्मीदवार (25 प्रतिशत) करोड़पति हैं। इनमें से 22 उम्मीदवार (0.55 प्रतिशत) ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले उम्मीदवारों में कांग्रेस के सात प्रतिशत, डीएमके के चार प्रतिशत, एआईएडीएमके के दो प्रतिशत और टीवीके के तीन प्रतिशत उम्मीदवार शामिल हैं।
वहीं करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या पार्टियों में बहुत ज्यादा है। कांग्रेस के 96 प्रतिशत, डीएमके के 97 प्रतिशत, एआईएडीएमके के 94 प्रतिशत, भाजपा के 94 प्रतिशत और डीएमडीके के सभी 100 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। इस चुनाव में उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.17 करोड़ रुपये है, जबकि 2021 में यह आंकड़ा केवल 1.72 करोड़ रुपये था।
दिलचस्प बात यह है कि चार उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति शून्य (जीरो) घोषित की है। इनमें मोहन कुमार एम, टी सेल्वराज, गुणसेकरन पी और ए जेगन सालमोंडोस शामिल हैं। शिक्षा और जेंडर की बात करें तो कुल उम्मीदवारों में से 1711 उम्मीदवारों (43 प्रतिशत) ने अपनी शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच बताई है। वहीं 1822 उम्मीदवार (46 प्रतिशत) स्नातक या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। 301 उम्मीदवारों के पास डिप्लोमा है, जबकि 95 उम्मीदवार अनपढ़ हैं और 56 उम्मीदवार सिर्फ साक्षर हैं। इस बार चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी काफी कम है। कुल उम्मीदवारों में से केवल 442 (11 प्रतिशत) महिलाएं चुनावी मैदान में हैं।
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