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West Bengal: बंगाल में अति संवेदनशील बूथ सीआरपीएफ के हवाले, 'खुफिया' सूचना के आधार पर आदेश जारी

Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Mon, 20 Apr 2026 05:57 PM IST
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सार

पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है।

Highly sensitive booths in Bengal handed over to CRPF, order issued on the basis of 'intelligence' information
CRPF - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है। ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के हवाले किया जा रहा है। यदि किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है। उस बूथ पर हर हाल में 'सीआरपीएफ' ही तैनात होगी। 
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अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने जारी किया आदेश ... 
पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी 'लीगल' एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि विधानसभा चुनाव में अति संवेदनशील बूथों पर केवल 'सीआरपीएफ' को ही तैनात किया जाए। 
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कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित ... 
अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अलग-अलग समय पर अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी। 

ये है सीआरपीएफ की तैनाती की वजह ...  
पत्र में उस वजह का भी जिक्र किया गया है, जिसके चलते यह आदेश जारी किया गया है। देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न स्थितियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ एक विशिष्ट बल माना जाता है। किसी भी तरह का संवेदनशील माहौल, भले ही वह सांप्रदायिक ही क्यों न हो, सीआरपीएफ उस स्थिति में भी 'स्वतंत्र एवं निष्पक्ष' मतदान करा सकती है। देश के कई हिस्सों में जब कोई अप्रिय घटना होती है तो वहां कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ को तैनात करने की मांग की जाती है। 

सीआरपीएफ के बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन ...  
पश्चिम बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं। सीआरपीएफ जवान, आम लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे बिना किसी भय के मतदान में हिस्सा लें। चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा। असामाजिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। केंद्रीय बलों की तैनाती से मतदाताओं में विश्वास पैदा हुआ है। सीआरपीएफ की 200 बुलेटप्रूफ गाड़ियां पश्चिम बंगाल में तैनात की गई हैं। हाल ही में सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह और स्पेशल डीजी वितुल कुमार भी बंगाल में पहुंचे थें। उन्होंने चुनावी ड्यूटी पर तैनात जवानों और अधिकारियों से बातचीत की। 

सीएपीएफ प्रमुखों ने संभाला है मोर्चा ... 
पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को 'वन इलेक्शन फोर्स' बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। 
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