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सूरत में हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़: दिल्ली के आप नेता से जुड़े हैं तार, जांच शुरू; जानें AAP की प्रतिक्रिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 20 Apr 2026 06:49 PM IST
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सार
सूरत पुलिस ने आम आदमी पार्टी से जुड़े एक कथित हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि गुजरात निकाय चुनाव से पहले दिल्ली से सूरत करीब 1.25 करोड़ रुपये अवैध तरीके से भेजे गए। आप ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सूरत पुलिस ने एक अंतरराज्यीय हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क के तार कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) के पदाधिकारियों से जुड़े हैं। आरोप है कि गुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले दिल्ली से सूरत करीब 1.25 करोड़ रुपये आंगड़िया (कूरियर) चैनल के जरिए भेजे गए।
डीसीपी ने दी जानकारी
सूरत के क्राइम ब्रांच डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि उमरा पुलिस स्टेशन को सोमवार सुबह एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, दिल्ली के जनकपुरी में रहने वाले आप कार्यकर्ता हिमांशु पहुजा ने हवाला के जरिए सूरत में बड़ी रकम भेजी है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने सूरत निवासी आकाश मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया। जिसका पाहुजा से संबंध है। क्राइम ब्रांच की टीम ने भी उससे पूछताछ की।
पूछताछ में क्या आया सामने?
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिछले पांच महीनों में हिमांशु पहुजा ने सूरत की एक आंगड़िया फर्म के जरिए पांच से छह बार में करीब 1.25 करोड़ रुपये भेजे। पुलिस ने एक आंगड़िया फर्म की पहचान कर ली है और अंदेशा जताया है कि इसमें अन्य फर्मों का भी इस्तेमाल हुआ होगा। पुलिस का मानना है कि इस पैसे का इस्तेमाल आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में किया जाना था।
ये भी पढ़ें: West Bengal: बंगाल में अति संवेदनशील बूथ सीआरपीएफ के हवाले, 'खुफिया' सूचना के आधार पर आदेश जारी
जांच में अजय तिवारी नाम के एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। अजय तिवारी और आकाश मिश्रा सूरत में इस पैसे के मुख्य हैंडलर थे। वे दोनों साथ जाकर आंगड़िया फर्म से पैसे लेते थे और फिर उसे अलग-अलग इलाकों में बांटने का काम करते थे। पुलिस को 10 मार्च का एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है, जिसमें ये दोनों कैश लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, हिमांशु पहुजा दिल्ली के जनकपुरी में पनीर की दुकान चलाता है। वह पहले कांग्रेस में था लेकिन अब आप का सक्रिय कार्यकर्ता है। पुलिस उसे पूछताछ के लिए समन भेजेगी ताकि पैसे के असली स्रोत का पता चल सके। इस पूरे मामले में आठ से 10 लोगों के नाम सामने आए हैं और आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
आप ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, गुजरात आप के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की साजिश बताया है। गढ़वी ने कहा कि आप आम लोगों की पार्टी है और उनके पास फंड नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को बड़े चंदे मिलते हैं और ईडी को भाजपा के दफ्तर की जांच करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान जनता के गुस्से का सामना कर रही भाजपा अब आप के खिलाफ साजिश रच रही है। गुजरात में 26 अप्रैल को 260 तालुका पंचायतों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 15 नगर निगमों के लिए मतदान होना है। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
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डीसीपी ने दी जानकारी
सूरत के क्राइम ब्रांच डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि उमरा पुलिस स्टेशन को सोमवार सुबह एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, दिल्ली के जनकपुरी में रहने वाले आप कार्यकर्ता हिमांशु पहुजा ने हवाला के जरिए सूरत में बड़ी रकम भेजी है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने सूरत निवासी आकाश मिश्रा को पूछताछ के लिए बुलाया। जिसका पाहुजा से संबंध है। क्राइम ब्रांच की टीम ने भी उससे पूछताछ की।
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पूछताछ में क्या आया सामने?
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिछले पांच महीनों में हिमांशु पहुजा ने सूरत की एक आंगड़िया फर्म के जरिए पांच से छह बार में करीब 1.25 करोड़ रुपये भेजे। पुलिस ने एक आंगड़िया फर्म की पहचान कर ली है और अंदेशा जताया है कि इसमें अन्य फर्मों का भी इस्तेमाल हुआ होगा। पुलिस का मानना है कि इस पैसे का इस्तेमाल आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में किया जाना था।
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जांच में अजय तिवारी नाम के एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। अजय तिवारी और आकाश मिश्रा सूरत में इस पैसे के मुख्य हैंडलर थे। वे दोनों साथ जाकर आंगड़िया फर्म से पैसे लेते थे और फिर उसे अलग-अलग इलाकों में बांटने का काम करते थे। पुलिस को 10 मार्च का एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है, जिसमें ये दोनों कैश लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, हिमांशु पहुजा दिल्ली के जनकपुरी में पनीर की दुकान चलाता है। वह पहले कांग्रेस में था लेकिन अब आप का सक्रिय कार्यकर्ता है। पुलिस उसे पूछताछ के लिए समन भेजेगी ताकि पैसे के असली स्रोत का पता चल सके। इस पूरे मामले में आठ से 10 लोगों के नाम सामने आए हैं और आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
आप ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, गुजरात आप के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की साजिश बताया है। गढ़वी ने कहा कि आप आम लोगों की पार्टी है और उनके पास फंड नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को बड़े चंदे मिलते हैं और ईडी को भाजपा के दफ्तर की जांच करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान जनता के गुस्से का सामना कर रही भाजपा अब आप के खिलाफ साजिश रच रही है। गुजरात में 26 अप्रैल को 260 तालुका पंचायतों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 15 नगर निगमों के लिए मतदान होना है। वोटों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
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