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केरल में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका: पीवी अनवर ने पार्टी से तोड़ा नाता, बनाएंगे अपना दल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 20 Apr 2026 05:46 PM IST
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सार
केरल में तृणमूल कांग्रेस की राज्य इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व से नाता तोड़ लिया है। राज्य संयोजक पीवी अनवर ने नई पार्टी बनाने का एलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में टीएमसी ने उनका साथ नहीं दिया क्योंकि वे कांग्रेस के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते थे।
पीवी अनवर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केरल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्य इकाई ने राष्ट्रीय नेतृत्व से अलग होने का फैसला किया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश संयोजक पीवी अनवर ने सोमवार को कोच्चि में एक मीडिया वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केरल इकाई अब पार्टी से संबंध खत्म कर रही है और जल्द ही एक नए राजनीतिक संगठन बनाया जाएगा।
अनवर ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनका साथ नहीं दिया। वे कोझिकोड जिले की बेपोर सीट से यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। अनवर के अनुसार, हम पिछले डेढ़ साल में जिला, विधानसभा क्षेत्र और यहां तक कि पंचायत स्तर पर भी पार्टी समितियां बनाने में सफल रहे। हालांकि, एक अखिल भारतीय पार्टी होने के बावजूद हमें राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई समर्थन नहीं मिला।
ये भी पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव: 18 प्रतिशत उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले, हर चौथा प्रत्याशी है करोड़पति, ADR रिपोर्ट का खुलासा
अनवर ने स्पष्ट किया कि जब उन्होंने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) छोड़ा था, तब टीएमसी नेतृत्व को समझाया था कि केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का विरोध करने के लिए उन्हें यूडीएफ के समर्थन की जरूरत है। शुरुआत में नेतृत्व ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, क्योंकि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के साथ उनके संबंध और इंडिया गठबंधन की स्थिति अलग थी। हालांकि, बाद में बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए टीएमसी ने अपना रुख बदल लिया। चुनाव के दौरान जब अनवर ने प्रचार के लिए राष्ट्रीय नेताओं को बुलाया, तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि वे कांग्रेस के साथ मंच साझा नहीं कर सकते। नेतृत्व का मानना था कि अगर कांग्रेस और टीएमसी के झंडे एक साथ दिखे, तो बंगाल में उनकी राजनीति प्रभावित होगी।
अनवर ने कहा कि ऐसी राजनीति के साथ केरल में आगे बढ़ना मुमकिन नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि मौजूदा राष्ट्रीय राजनीतिक हालात में कांग्रेस के अलावा और किसका समर्थन किया जा सकता है। इसी वजह से राज्य कमेटी ने टीएमसी से अलग होने का निर्णय लिया है।
अब 15 मई तक एक नई पार्टी बनाई जाएगी, जो धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और समाजवादी विचारधारा पर आधारित होगी। यह पार्टी केरल के हितों को सबसे ऊपर रखेगी और यूडीएफ के साथ मिलकर काम करेगी। अनवर ने कहा कि उनकी पार्टी पिनाराईवाद और फासीवाद का विरोध करेगी, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी को पूरा समर्थन देगी। पीवी अनवर पहले निलंबूर से एलडीएफ समर्थित निर्दलीय विधायक थे। मुख्यमंत्री से मतभेदों के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और टीएमसी में शामिल हो गए थे।
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अनवर ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनका साथ नहीं दिया। वे कोझिकोड जिले की बेपोर सीट से यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। अनवर के अनुसार, हम पिछले डेढ़ साल में जिला, विधानसभा क्षेत्र और यहां तक कि पंचायत स्तर पर भी पार्टी समितियां बनाने में सफल रहे। हालांकि, एक अखिल भारतीय पार्टी होने के बावजूद हमें राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई समर्थन नहीं मिला।
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अनवर ने स्पष्ट किया कि जब उन्होंने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) छोड़ा था, तब टीएमसी नेतृत्व को समझाया था कि केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का विरोध करने के लिए उन्हें यूडीएफ के समर्थन की जरूरत है। शुरुआत में नेतृत्व ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, क्योंकि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के साथ उनके संबंध और इंडिया गठबंधन की स्थिति अलग थी। हालांकि, बाद में बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए टीएमसी ने अपना रुख बदल लिया। चुनाव के दौरान जब अनवर ने प्रचार के लिए राष्ट्रीय नेताओं को बुलाया, तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि वे कांग्रेस के साथ मंच साझा नहीं कर सकते। नेतृत्व का मानना था कि अगर कांग्रेस और टीएमसी के झंडे एक साथ दिखे, तो बंगाल में उनकी राजनीति प्रभावित होगी।
अनवर ने कहा कि ऐसी राजनीति के साथ केरल में आगे बढ़ना मुमकिन नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि मौजूदा राष्ट्रीय राजनीतिक हालात में कांग्रेस के अलावा और किसका समर्थन किया जा सकता है। इसी वजह से राज्य कमेटी ने टीएमसी से अलग होने का निर्णय लिया है।
अब 15 मई तक एक नई पार्टी बनाई जाएगी, जो धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और समाजवादी विचारधारा पर आधारित होगी। यह पार्टी केरल के हितों को सबसे ऊपर रखेगी और यूडीएफ के साथ मिलकर काम करेगी। अनवर ने कहा कि उनकी पार्टी पिनाराईवाद और फासीवाद का विरोध करेगी, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी को पूरा समर्थन देगी। पीवी अनवर पहले निलंबूर से एलडीएफ समर्थित निर्दलीय विधायक थे। मुख्यमंत्री से मतभेदों के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और टीएमसी में शामिल हो गए थे।
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