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Tamil Nadu: 'जनगणना में देरी और परिसीमन की योजना कोई संयोग नहीं, बल्कि साजिश है', सीएम स्टालिन का बड़ा आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 06 Jun 2025 09:31 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री स्टालिन का कहना है कि जो राज्य – खासकर दक्षिण भारत के गैर-हिंदी भाषी राज्य – जिन्होंने समय पर जनसंख्या नियंत्रण के नियमों का पालन किया, अब उन्हें सज़ा दी जा रही है। जबकि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की अनदेखी की, उन्हें संसद में ज्यादा सीटें मिलने वाली हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन
- फोटो : PTI
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विस्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में जनगणना में हो रही देरी और आगामी परिसीमन की योजना कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक खतरनाक साजिश है, जिससे दक्षिणी राज्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया पर कहा, 'जिस खतरे की मैंने पहले चेतावनी दी थी, वह अब हमारे दरवाजे पर आ खड़ा हुआ है।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जनगणना और परिसीमन को एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।
यह भी पढ़ें - Stampede: स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में नया खुलासा, KSCA ने पत्र भेज राज्य सरकार से समारोह की मांगी थी अनुमति
क्या है स्टालिन का आरोप?
मुख्यमंत्री स्टालिन का कहना है कि जो राज्य – खासकर दक्षिण भारत के गैर-हिंदी भाषी राज्य – जिन्होंने समय पर जनसंख्या नियंत्रण के नियमों का पालन किया, अब उन्हें सज़ा दी जा रही है। जबकि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की अनदेखी की, उन्हें संसद में ज्यादा सीटें मिलने वाली हैं। स्टालिन ने कहा, 'यह संघीय ढांचे के संतुलन को बिगाड़ता है और गैर-जिम्मेदार राज्यों को इनाम देता है।'
2027 की जनगणना और खतरा
सीएम स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि 2027 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन किया गया, तो 1971 की जनसंख्या के आंकड़ों की जगह नए आंकड़े लिए जाएंगे। इससे दक्षिण भारत की लोकतांत्रिक ताकत कमजोर हो सकती है और संसद में उसका प्रभाव कम हो जाएगा।
कांग्रेस नेता चिदंबरम का भी किया जिक्र
सीएम स्टालिन ने आगे कहा कि उन्होंने पहले ही इस साजिश के बारे में चेतावनी दी थी और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी इस पूरे मुद्दे को विस्तार से समझाया है। अब सिर्फ सतर्क रहने का समय नहीं, बल्कि रणनीति बनाकर मुकाबला करने का वक्त है। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से दिए गए बयानों को "अस्पष्ट" बताते हुए कहा कि सिर्फ कहने से नहीं, बल्कि संसद में ठोस प्रतिबद्धता और संवैधानिक संशोधन की जरूरत है।
यह भी पढ़ें - UK: 'आज भारत में कुछ सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर हैं वंचित समुदायों के लोग...', CJI गवई ने की संविधान की तारीफ
अनुच्छेद 370 का उदाहरण देकर साधा निशाना
स्टालिन ने कहा कि केंद्र ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन आज भी वह केंद्र शासित प्रदेश है। ऐसे में भाजपा के वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
एआईएडीएमके पर भी स्टालिन का हमला
मुख्यमंत्री ने एआईएडीएमके पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भले ही कुछ दल भाजपा के आगे झुक जाएं, लेकिन तमिलनाडु की जनता और द्रमुक (डीएमके) ऐसा नहीं होने देंगे। 'तमिलनाडु को उसकी तरक्की की सजा नहीं दी जा सकती। तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा!'
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क्या है स्टालिन का आरोप?
मुख्यमंत्री स्टालिन का कहना है कि जो राज्य – खासकर दक्षिण भारत के गैर-हिंदी भाषी राज्य – जिन्होंने समय पर जनसंख्या नियंत्रण के नियमों का पालन किया, अब उन्हें सज़ा दी जा रही है। जबकि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की अनदेखी की, उन्हें संसद में ज्यादा सीटें मिलने वाली हैं। स्टालिन ने कहा, 'यह संघीय ढांचे के संतुलन को बिगाड़ता है और गैर-जिम्मेदार राज्यों को इनाम देता है।'
2027 की जनगणना और खतरा
सीएम स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि 2027 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन किया गया, तो 1971 की जनसंख्या के आंकड़ों की जगह नए आंकड़े लिए जाएंगे। इससे दक्षिण भारत की लोकतांत्रिक ताकत कमजोर हो सकती है और संसद में उसका प्रभाव कम हो जाएगा।
कांग्रेस नेता चिदंबरम का भी किया जिक्र
सीएम स्टालिन ने आगे कहा कि उन्होंने पहले ही इस साजिश के बारे में चेतावनी दी थी और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी इस पूरे मुद्दे को विस्तार से समझाया है। अब सिर्फ सतर्क रहने का समय नहीं, बल्कि रणनीति बनाकर मुकाबला करने का वक्त है। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से दिए गए बयानों को "अस्पष्ट" बताते हुए कहा कि सिर्फ कहने से नहीं, बल्कि संसद में ठोस प्रतिबद्धता और संवैधानिक संशोधन की जरूरत है।
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अनुच्छेद 370 का उदाहरण देकर साधा निशाना
स्टालिन ने कहा कि केंद्र ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन आज भी वह केंद्र शासित प्रदेश है। ऐसे में भाजपा के वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
एआईएडीएमके पर भी स्टालिन का हमला
मुख्यमंत्री ने एआईएडीएमके पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भले ही कुछ दल भाजपा के आगे झुक जाएं, लेकिन तमिलनाडु की जनता और द्रमुक (डीएमके) ऐसा नहीं होने देंगे। 'तमिलनाडु को उसकी तरक्की की सजा नहीं दी जा सकती। तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा!'
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