{"_id":"69f2abfd230689c94d0c0cab","slug":"ndma-water-pollution-risk-children-cancer-dna-damage-health-study-chemical-exposure-research-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेतावनी: दूषित पेयजल से बच्चों में कैंसर का जोखिम ज्यादा, DNA को ऐसे नुकसान पहुंचा रहा पानी में घुला NDMA","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चेतावनी: दूषित पेयजल से बच्चों में कैंसर का जोखिम ज्यादा, DNA को ऐसे नुकसान पहुंचा रहा पानी में घुला NDMA
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 30 Apr 2026 06:40 AM IST
विज्ञापन
सार
पानी में पाया जाने वाला एनडीएमए रसायन बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।
अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
पानी में पाया जाने वाला एनडीएमए (एन-नाइट्रोसोडिमिथाइलमाइन) नामक एक आम प्रदूषक तत्व वयस्कों की तुलना में बच्चों के लिए कहीं अधिक खतरनाक हो सकता है। यह रसायन बच्चों के शरीर में तेजी से हो रहे कोशिका विकास के कारण डीएनए को स्थायी नुकसान पहुंचाता है और धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, एनडीएमए कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाला एक ऐसा तत्व है, जो औद्योगिक प्रक्रियाओं के उप-उत्पाद के रूप में बनता है। यह न केवल प्रदूषित पेयजल में पाया जाता है, बल्कि सिगरेट के धुएं, प्रोसेस्ड मीट और हाल के वर्षों में कुछ दवाओं (जैसे मेटफोर्मिन और रैनिटिडीन) में भी इसके अंश पाए गए हैं। वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रयोगों में पाया कि कम उम्र के जीव जब एनडीएमए युक्त पानी पीते हैं, तो उनमें वयस्कों की तुलना में डीएनए क्षति और कैंसर होने की संभावना काफी अधिक होती है।
तीन सप्ताह तक किया गया शोध
प्रो. बेविन एंगेलवर्ड विल्मिंटन ने कहा कि गर्भ के दौरान या बचपन में एनडीएमए के संपर्क में आना ही इन मामलों की मुख्य वजह हो सकता है। शोध में तीन सप्ताह के चूहों और छह महीने के चूहों की तुलना की गई। निष्कर्षों में दोनों समूहों को दो सप्ताह तक 5 पीपीएम की मात्रा वाला एनडीएमए पानी दिया गया। युवा चूहों में वयस्क चूहों के मुकाबले डीएनए म्यूटेशन और ट्यूमर विकसित होने की दर कई गुना अधिक पाई गई। इससे शोधार्थी इस नतीजे पर पहुंचे कि यह प्रदूषक तत्व बच्चों के लिए ज्यादा नुकसानदेह है।
तेजी से फैलती कोशिकाएं
अध्ययन की लेखिका और एमआईटी की प्रोफेसर बेविन एंगेलवर्ड के कहा कि तेजी से बढ़ती कोशिकाएं इसके जोखिम का प्रमुख कारण हैं। बच्चों का शरीर लगातार बढ़ रहा होता है और उनकी कोशिकाएं तेजी से विभाजित होती हैं। जब एनडीएमए जैसा रसायन डीएनए को नुकसान पहुचाता है, तो तेजी से होने वाला कोशिका विभाजन उस नुकसान को कैंसर-ड्राइविंग म्यूटेशन में बदल देता है। हालांकि, इस पर और ज्यादा अध्ययन किया जा रहा है।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
वैज्ञानिकों के मुताबिक, एनडीएमए कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाला एक ऐसा तत्व है, जो औद्योगिक प्रक्रियाओं के उप-उत्पाद के रूप में बनता है। यह न केवल प्रदूषित पेयजल में पाया जाता है, बल्कि सिगरेट के धुएं, प्रोसेस्ड मीट और हाल के वर्षों में कुछ दवाओं (जैसे मेटफोर्मिन और रैनिटिडीन) में भी इसके अंश पाए गए हैं। वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रयोगों में पाया कि कम उम्र के जीव जब एनडीएमए युक्त पानी पीते हैं, तो उनमें वयस्कों की तुलना में डीएनए क्षति और कैंसर होने की संभावना काफी अधिक होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन सप्ताह तक किया गया शोध
प्रो. बेविन एंगेलवर्ड विल्मिंटन ने कहा कि गर्भ के दौरान या बचपन में एनडीएमए के संपर्क में आना ही इन मामलों की मुख्य वजह हो सकता है। शोध में तीन सप्ताह के चूहों और छह महीने के चूहों की तुलना की गई। निष्कर्षों में दोनों समूहों को दो सप्ताह तक 5 पीपीएम की मात्रा वाला एनडीएमए पानी दिया गया। युवा चूहों में वयस्क चूहों के मुकाबले डीएनए म्यूटेशन और ट्यूमर विकसित होने की दर कई गुना अधिक पाई गई। इससे शोधार्थी इस नतीजे पर पहुंचे कि यह प्रदूषक तत्व बच्चों के लिए ज्यादा नुकसानदेह है।
तेजी से फैलती कोशिकाएं
अध्ययन की लेखिका और एमआईटी की प्रोफेसर बेविन एंगेलवर्ड के कहा कि तेजी से बढ़ती कोशिकाएं इसके जोखिम का प्रमुख कारण हैं। बच्चों का शरीर लगातार बढ़ रहा होता है और उनकी कोशिकाएं तेजी से विभाजित होती हैं। जब एनडीएमए जैसा रसायन डीएनए को नुकसान पहुचाता है, तो तेजी से होने वाला कोशिका विभाजन उस नुकसान को कैंसर-ड्राइविंग म्यूटेशन में बदल देता है। हालांकि, इस पर और ज्यादा अध्ययन किया जा रहा है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
