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Census 2027: सरकार ने जारी किए जनगणना से जुड़े 33 सवाल, लिव-इन कपल्स को शादीशुदा मानने का प्रावधान; जानें सबकुछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shivam Garg Updated Mon, 30 Mar 2026 02:13 PM IST
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सार

Census 2027: जनगणना 2027 में इस बार क्या है खास? कौन-कौन से 33 सवाल पूछे जाएंगे और क्यों चर्चा में है लिव-इन कपल्स को शादीशुदा मानने का प्रावधान? बदले नियमों और नई गाइडलाइंस से जुड़ी हर जरूरी जानकारी जानिए एक नजर में... 

Central Government Releases 33 Key Questions for Census 2027 First Phase, Know Here Everything
जनगणना 2027 के पहले चरण में 33 सवाल पूछे जाएंगे। - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए 33 महत्वपूर्ण सवाल जारी किए हैं, जिससे लोगों को प्रक्रिया समझने में आसानी हो सके। इसके साथ ही एक FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां नागरिक खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस बार जनगणना में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। आइए जानते है इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें...
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व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय, आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब
महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि जनगणना अधिनियम में एक महत्वपूर्ण प्रावधान, धारा पंद्रह, शामिल है। यह प्रावधान बताता है कि व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह गोपनीय माना जाता है। इसे आरटीआई अधिनियम के तहत साझा नहीं किया जा सकता है। इसे अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे किसी अन्य संगठन के साथ साझा भी नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका इस पूरे कार्य में केंद्रीय है। उनकी पूरी प्रशासनिक प्रणाली जमीनी स्तर पर क्षेत्र कार्य करने में लगी हुई है।
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लिव-इन कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा
सरकार की तरफ से जारी हुए FAQ के अनुसार, अगर कोई लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा जोड़ा अपने संबंध को स्थिर मानता है, तो उसे शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह स्पष्टीकरण जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर दिए गए एक सवाल के जवाब में सामने आया है।

क्या-क्या पूछे जाएंगे सवाल
पहले चरण में घर और परिवार से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसमें शामिल हैं:-
  • मकान का नंबर और संरचना
  • फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री
  • घर की स्थिति और उपयोग
  • परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या
  • शादीशुदा जोड़ों की संख्या
  • परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग
  • खाने की आदतें और इस्तेमाल होने वाले अनाज
  • वाहन और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता

जनगणना 2027: पहले चरण में पूछे जाएंगे ये 33 अहम सवाल, यहां पढ़ें पूरी लिस्ट

दो चरणों में होगी जनगणना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें पहली बार जाति गणना भी शामिल होगी। आजादी के बाद यह देश की 16वीं जनगणना होगी और नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा।

जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब इसे दो चरणों में कराया जाएगा...
  • पहला चरण: अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकान सूचीकरण, आवास गणना
  • दूसरा चरण: फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना
पहली बार पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया
कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब हाथ से चलने वाले उपकरण, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब बेस्ड प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। करीब 32 लाख फील्ड कार्यकर्ताओं (गणनाकार और पर्यवेक्षक) मोबाइल डिवाइस के माध्यम से करोड़ों घरों से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक आंकड़े एकत्र करेंगे। यह डाटा सीएमएमए प्रणाली के जरिए तुरंत ट्रांसमिट, संकलित और सत्यापित किया जा सकेगा, जिससे त्रुटियों में कमी आएगी और समय की बचत होगी।

रियल-टाइम निगरानी संभव
सर्कुलर के अनुसार, सीएमएमएस के जरिए उपयोगकर्ता निर्माण, प्रशिक्षण मॉड्यूल, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) का गठन, सुपरवाइजरी सर्किल का निर्धारण, गणनाकर्मियों की नियुक्ति, पहचान पत्र जारी करने और फील्ड ऑपरेशन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। इसमें कहा गया है कि सीएमएमएस जनगणना क्षेत्र के संचालन की नियुक्तियों, प्रशिक्षण और लगभग वास्तविक समय की निगरानी को सुविधाजनक बनाने के लिए भूमिका-आधारित पहुंच नियंत्रण को भी सक्षम बनाता है।

30 लाख कर्मियों की होगी तैनाती
जनगणना 2027 में करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारी लगाए जाएंगे। इनमें एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर और कई तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे। यह जनगणना अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल ऑपरेशन होगा। इस दौरान लगभग 1.02 करोड़ मानव-दिन का रोजगार भी पैदा होगा। फील्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को उनके नियमित काम के अलावा यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और इसके लिए मानदेय भी तय किया गया है।

घर-घर जाकर होगा डिजिटल सर्वे
जनगणना करने वाले गणनाकार (एन्यूमरेटर), जो आमतौर पर सरकारी शिक्षक होते हैं, अपने टैबलेट या मोबाइल ऐप में घर-घर जाकर सभी जानकारी दर्ज करेंगे। हर घर का लोकेशन, सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की शिक्षा, भाषा, धर्म, रोजगार, विकलांगता, प्रवासन और अन्य जरूरी विवरण रिकॉर्ड किए जाएंगे। ऐप में डाले जाने वाले डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी फीचर जोड़े गए हैं, ताकि कोई डेटा लीक या गड़बड़ी न हो।

लोग खुद भी भर सकेंगे फॉर्म
सरकार इस बार लोगों को स्वयं-गणना यानी सेल्फ इन्यूमरेशन का विकल्प भी देगी। लोग मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भी भर सकेंगे। इससे प्रक्रिया तेज होगी और सिस्टम का भार कम होगा। जिन लोगों के पास मोबाइल या इंटरनेट नहीं है, उनके लिए फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा दर्ज करेंगे।

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