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CGPSC पेपर लीक में बड़ा खुलासा: पूर्व चेयरमैन पर रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का आरोप, ईडी ने किया गिरफ्तार
Mon, 27 Jul 2026 02:29 PM IST
शिवम गर्ग
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 27 Jul 2026 02:29 PM IST
सार
देशभर में पेपर लीक को लेकर बहस के बीच छत्तीसगढ़ से बड़ा मामला सामने आया है। सीजीपीएससी के पूर्व चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को ईडी ने गिरफ्तार किया है। उन पर प्रश्नपत्र लीक कराने, चयन प्रक्रिया में हेरफेर और पसंदीदा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं।
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पेपर लीक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश में पेपर लीक को लेकर सड़क से संसद तक विरोध का स्वर सुनाई पड़ रहा है। केंद्र सरकार, पेपर लीक मामले में कठोर कार्रवाई के मकसद से संसद में 'परीक्षा संशोधन बिल' लेकर आई है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में पेपर लीक केस की जांच में ईडी ने छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तमन सिंह ने गैर-कानूनी फायदे के बदले प्रश्न-पत्र लीक कराए और सिलेक्शन प्रोसेस में हेर-फेर कराया। उन्होंने इसके जरिए अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को बड़े सरकारी पदों पर चयनित कराया।
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ED ने पूर्व चेयरमैन को क्यों गिरफ्तार किया?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन की गिरफ्तारी स्टेट सर्विस परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, प्रश्न-पत्र लीक और गड़बड़ी से जुड़े मामले में 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। तमन सिंह सोनवानी को 25 जुलाई को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें 30 जुलाई तक, यानी सात दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया। ईडी ने रायपुर की इकोनॉमिक ऑफ़ेंस विंग/एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर और उसके बाद सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की जांच के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की थी।
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भर्ती नियमों में बदलाव को लेकर क्या दावा है?
यह मामला तमन सिंह सोनवानी और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ 2020 और 2021 में आयोजित छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत स्टेट सर्विस परीक्षाओं के संचालन में आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। जांच से पता चला है कि सीजीपीएससी के चेयरमैन के तौर पर काम करते हुए, तमन सिंह सोनवानी ने दूसरे सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इसका मकसद गैर-कानूनी फ़ायदे के बदले प्रश्न-पत्र लीक करना और सिलेक्शन प्रोसेस में हेर-फेर करना था, ताकि उनके अपने रिश्तेदारों और पसंदीदा उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस जैसे सीनियर सरकारी पदों पर धोखाधड़ी से चुना जा सके।
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