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China: चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के शिष्टमंडल ने भाजपा मुख्यालय का दौरा किया, जानिए किस मुद्दे पर हुई बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 13 Jan 2026 07:50 AM IST
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सार
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय का दौरा किया। यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि भाजपा और सीपीसी वैचारिक तौर पर एक दूसरे की विरोधी पार्टियां रही हैं। अब इस बैठक को दोनों दलों के बीच संबंध बेहतर करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा नेताओं के साथ चीन का प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
चीन के सत्ताधारी दल कम्युनिस्ट पार्टी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय का दौरा किया। चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सुन हैयान ने किया। भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। वहीं भाजपा के दल का नेतृत्व भाजपा महासचिव और सांसद अरुण सिंह ने किया।
सीपीसी-भाजपा के बीच अंतर-दलीय संचार बढ़ाने पर हुई चर्चा
भाजपा के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में बताया कि दोनों दलों के बीच अंतर-दलीय संचार को आगे बढ़ाने के साधनों पर बात हुई। पोस्ट में चौथाईवाले ने लिखा, 'चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सुन हैयान (उप मंत्री सीपीसी) के नेतृत्व में भाजपा मुख्यालय पहुंचा। बैठक के दौरान भाजपा महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा और सीपीसी के बीच अंतर-दलीय संचार को बढ़ावा देने के तरीकों पर विस्तार पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग भी शामिल थे।'
दोनों देशों के सत्ताधारी दलों के बीच संबंध बेहतर करने की पहल
साल 2020 में गलवान में हुई सैन्य झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में तल्खी आ गई थी और दोनों देशों के बीच तनाव भी काफी बढ़ गया था। हालांकि अक्तूबर 2024 में जब दोनों देश सीमा पर तैनात सैनिकों को पीछे हटाने के लिए सहमत हुए, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में बेहतरी देखी गई है। हालांकि चीन की सत्ताधारी पार्टी सीपीसी का भारत के प्रति रुख बेहद सकारात्मक नहीं रहा। पारंपरिक तौर पर भाजपा और सीपीसी एक दूसरे की वैचारिक तौर पर विरोधी रही हैं। अब माना जा रहा है कि दोनों देशों के सत्ताधारी दलों के बीच भी संबंध बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।
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सीपीसी-भाजपा के बीच अंतर-दलीय संचार बढ़ाने पर हुई चर्चा
भाजपा के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में बताया कि दोनों दलों के बीच अंतर-दलीय संचार को आगे बढ़ाने के साधनों पर बात हुई। पोस्ट में चौथाईवाले ने लिखा, 'चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सुन हैयान (उप मंत्री सीपीसी) के नेतृत्व में भाजपा मुख्यालय पहुंचा। बैठक के दौरान भाजपा महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा और सीपीसी के बीच अंतर-दलीय संचार को बढ़ावा देने के तरीकों पर विस्तार पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग भी शामिल थे।'
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दोनों देशों के सत्ताधारी दलों के बीच संबंध बेहतर करने की पहल
साल 2020 में गलवान में हुई सैन्य झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में तल्खी आ गई थी और दोनों देशों के बीच तनाव भी काफी बढ़ गया था। हालांकि अक्तूबर 2024 में जब दोनों देश सीमा पर तैनात सैनिकों को पीछे हटाने के लिए सहमत हुए, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में बेहतरी देखी गई है। हालांकि चीन की सत्ताधारी पार्टी सीपीसी का भारत के प्रति रुख बेहद सकारात्मक नहीं रहा। पारंपरिक तौर पर भाजपा और सीपीसी एक दूसरे की वैचारिक तौर पर विरोधी रही हैं। अब माना जा रहा है कि दोनों देशों के सत्ताधारी दलों के बीच भी संबंध बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।
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