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Chotila Assembly Seat: 2017 में जीती कांग्रेस इस बार तीसरे नंबर पर खिसकी, जानें चोटिला का चुनावी इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 22 Dec 2022 01:17 PM IST
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सार
gujarat election 2022: भाजपा के उम्मीदवार शमाजीभाई चौहान ने आप के राजूभाई करपाडा को 25,642 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 71,039 वोट जबकि आप को यहां 45397 वोट मिले। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रुत्विकभाई लवजीभाई मकवाना रहे। उनको 43,332 वोट मिले।
आप कांग्रेस बीजेपी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
सुरेंद्रनगर जिले की चोटिला विधानसभा सीट से भाजपा ने शमाजीभाई चौहान को उतरा था। उनके सामने आप के राजूभाई करपाडा थे। भाजपा के उम्मीदवार शमाजीभाई चौहान ने आप के राजूभाई करपाडा को 25,642 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 71,039 वोट जबकि आप को यहां 45397 वोट मिले। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रुत्विकभाई लवजीभाई मकवाना रहे। उनको 43,332 वोट मिले जो कुल वोट का 25.94 फीसदी रहा। बसपा उम्मीदवार समेत छह उम्मीदवार ऐसे रहे जिनकी जमानत जब्त हो गई। नोटा को यहां 2,582 वोट मिले।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
चोटिला विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने विजेता मकवाना रुत्विकभाई मकवाना को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने भाजपा के जीनाभाई दर्वालिया को 23 हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी दस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
इस सीट पर कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा है
इस चुनाव में भले ही कांग्रेस तीसर नंबर पर रही हो लेकिन इससे पहले इसकी पकड़ रही है। इस चुनाव से पहले हुए चार चुनावों में दो में कांग्रेस तो दो में भाजपा को जीत मिली है। जबकि ओवराल प्रदर्शन की बात करें तो यहां अब तक तीन उपचुनाव समेत 17 चुनाव हो चुके हैं। इन 17 चुनावों में से पांच बार यहां से भाजपा को जीत मिली है। वहीं, कांग्रेस इस सीट पर आठ बार जीतने में सफल रही। दो बार निर्दलीय तो एक-एक बार जनता दल और स्वतंत्र पार्टी को यहां जीत मिली है।
बीते पांच चुनावों की बात करें तो 2017 में यहां से कांग्रेस को जीत मिली। वहीं, 2012 के चुनाव और 2009 और 2010 के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहे। 2007 में यहां से कांग्रेस के पोपटभाई सावसीभाई जिंजरिया जीते थे। जिंजरिया 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीतने में सफल रहे थे।
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सुरेंद्रनगर जिले की चोटिला विधानसभा सीट से भाजपा ने शमाजीभाई चौहान को उतरा था। उनके सामने आप के राजूभाई करपाडा थे। भाजपा के उम्मीदवार शमाजीभाई चौहान ने आप के राजूभाई करपाडा को 25,642 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 71,039 वोट जबकि आप को यहां 45397 वोट मिले। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रुत्विकभाई लवजीभाई मकवाना रहे। उनको 43,332 वोट मिले जो कुल वोट का 25.94 फीसदी रहा। बसपा उम्मीदवार समेत छह उम्मीदवार ऐसे रहे जिनकी जमानत जब्त हो गई। नोटा को यहां 2,582 वोट मिले।
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2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
चोटिला विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने विजेता मकवाना रुत्विकभाई मकवाना को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने भाजपा के जीनाभाई दर्वालिया को 23 हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी दस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
इस सीट पर कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा है
इस चुनाव में भले ही कांग्रेस तीसर नंबर पर रही हो लेकिन इससे पहले इसकी पकड़ रही है। इस चुनाव से पहले हुए चार चुनावों में दो में कांग्रेस तो दो में भाजपा को जीत मिली है। जबकि ओवराल प्रदर्शन की बात करें तो यहां अब तक तीन उपचुनाव समेत 17 चुनाव हो चुके हैं। इन 17 चुनावों में से पांच बार यहां से भाजपा को जीत मिली है। वहीं, कांग्रेस इस सीट पर आठ बार जीतने में सफल रही। दो बार निर्दलीय तो एक-एक बार जनता दल और स्वतंत्र पार्टी को यहां जीत मिली है।
बीते पांच चुनावों की बात करें तो 2017 में यहां से कांग्रेस को जीत मिली। वहीं, 2012 के चुनाव और 2009 और 2010 के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार जीतने में सफल रहे। 2007 में यहां से कांग्रेस के पोपटभाई सावसीभाई जिंजरिया जीते थे। जिंजरिया 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीतने में सफल रहे थे।