सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI Surya Kant Supreme Court Justices Oath of Office Sheel Nagu Shree Chandrashekhar and others hindi news

सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जज: सीजेआई सूर्यकांत ने दिलाई शपथ, पहली बार न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हुई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Tue, 02 Jun 2026 11:06 AM IST
विज्ञापन
सार

सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों को शपथ दिलाई। इसके साथ ही अदालत में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है और अब केवल एक पद रिक्त है। वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली देश की दूसरी महिला हैं।

CJI Surya Kant Supreme Court Justices Oath of Office Sheel Nagu Shree Chandrashekhar and others hindi news
सुप्रीम कोर्ट को मिले पांच नए जज - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आज पांच नए जजों को शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई। अब कोर्ट में स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद खाली रह गई है।

इन पांच जज ने ली पद की शपथ

नए जजों में वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई को इन नामों की सिफारिश की थी, जिसे सरकार ने महज चार दिनों में हरी झंडी दे दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से 38 की गई

पिछले महीने सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी। इसमें मुख्य न्यायाधीश का पद भी शामिल है। संख्या बढ़ने और पहले से खाली पदों को मिलाकर कुल छह पद खाली थे। पांच नई नियुक्तियों के बाद अब केवल एक पद रिक्त है। हालांकि, जून के महीने में दो जज रिटायर होने वाले हैं। जस्टिस पंकज मिथल 16 जून को और जस्टिस जे के माहेश्वरी 28 जून को रिटायर होंगे।

विज्ञापन
Trending Videos

वकील से सीधे जज बनने वाली दूसरी महिला है वीएस मोहना

वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण है। वे जस्टिस इंदु मल्होत्रा (2018) के बाद देश की दूसरी ऐसी महिला वकील हैं, जिन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है। 59 वर्षीय मोहना ने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से पढ़ाई पूरी की थी। साल 2015 में उन्हें वरिष्ठ वकील का दर्जा मिला था। अब सुप्रीम कोर्ट में दो महिला जज हो गई हैं- जस्टिस मोहना और जस्टिस बी वी नागरत्ना। जस्टिस नागरत्ना साल 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए भारत की मुख्य न्यायाधीश भी बनेंगी।

न्यायमूर्ति शील नागू का प्रोफाइल

1 जनवरी 1965 को जन्मे न्यायमूर्ति शील नागू ने 1987 में वकालत शुरू की थी। उन्हें 2011 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश और 2013 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। मई 2024 में वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने और जुलाई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए।

वे उस सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच समिति का हिस्सा भी रहे, जिसने दिल्ली हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास से कथित तौर पर जली हुई नकदी मिलने के मामले की जांच की थी।

न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर का सफर

25 मई 1965 को जन्मे न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। 2013 में झारखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 2014 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 तक वे झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे। बाद में उनका तबादला राजस्थान हाईकोर्ट किया गया और सितंबर 2025 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। वे भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित उस तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा थे, जिसने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने के आधारों की जांच की थी।

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा

26 दिसंबर 1964 को जन्मे न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और 1988 में वकालत शुरू की। 2011 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया। 2013 में वे दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 2015 में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। मई 2024 में उनका तबादला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट किया गया और जुलाई 2025 में वे उसके मुख्य न्यायाधीश बने।

न्यायमूर्ति अरुण पल्ली

18 सितंबर 1964 को जन्मे न्यायमूर्ति अरुण पल्ली ने पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। 2007 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला। 2013 में वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने और अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

सुप्रीम कोर्ट में जल्द दो रिक्तियां

सुप्रीम कोर्ट के दो मौजूदा न्यायाधीश पंकज मिथल और जे के माहेश्वरी क्रमशः 16 जून और 28 जून को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या जल्द ही फिर घट सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed