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NEET: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज, CJP प्रमुख का एलान- 11 को पुणे में जुटेंगे कॉकरोच
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Mon, 08 Jun 2026 09:27 PM IST
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विपक्षी गठबंधन इंडिया
- फोटो : पीटीआई
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विपक्षी गठबंधन इंडिया की सोमवार को हुई बैठक में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) का मुद्दा भी उठा। हालांकि यह विषय बैठक के औपचारिक एजेंडे में शामिल नहीं था, लेकिन कई नेताओं ने अपनी बात रखते हुए इसका उल्लेख किया। सूत्रों के अनुसार, नेताओं के बीच सीजेपी के महत्व, प्रभाव और उद्देश्य को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिली।
बैठक में मौजूद एक विपक्षी नेता ने बताया कि कुछ नेताओं ने इस आंदोलन के स्वरूप को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर इसकी मौजूदगी काफी मजबूत है और इसके पीछे किसी राजनीतिक मकसद की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अधिकांश नेताओं का मानना था कि यह घटनाक्रम युवाओं में बढ़ते असंतोष और व्यवस्था के प्रति नाराजगी को दर्शाता है।
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सूत्रों के मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' "कुछ सही कर रही है" और विपक्षी दलों को उससे जुड़ने पर विचार करना चाहिए। वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ नागरिक आंदोलनों को भी प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
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बैठक में शामिल एक अन्य नेता ने बताया कि एजेंडे में शामिल न होने के बावजूद सीजेपी का मुद्दा बार-बार चर्चा में आया। कुछ नेताओं ने इसके प्रभाव और भविष्य को लेकर संदेह जताया, जबकि अन्य नेताओं का मानना था कि यह युवाओं के बीच मौजूद असंतोष का महत्वपूर्ण संकेत है, जिस पर राजनीतिक दलों को ध्यान देना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार,माकपा लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य इस आंदोलन को लेकर अधिक आशावादी नजर आए। वहीं, कुछ नेताओं का मानना था कि सीजेपी जैसे नए मंच उन क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं, जहां पहले विपक्षी दलों का प्रभाव रहा है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इस आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इसे मिल रहा समर्थन समाज में असहमति के लिए मौजूद जगह को दर्शाता है। हालांकि आंदोलन की उत्पत्ति और इसके विस्तार को लेकर नेताओं के बीच मतभेद रहे, लेकिन सभी इस बात पर सहमत दिखे कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
बैठक के बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पांच सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की। इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। गौरतलब है कि हाल के सप्ताहों में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) एक युवा-नेतृत्व वाले आंदोलन के रूप में उभरी है। यह समूह प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सक्रिय है। सोशल मीडिया अभियानों और सार्वजनिक प्रदर्शनों के जरिए इसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए इसके प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।