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Split in TMC: Majority in Congress? INDIA bloc meeting analysis | TMC split news analysis
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TMC Split: कांग्रेस में जाएंगी ममता? INDIA Bloc Meeting Analysis | TMC Split News Analysis
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Mon, 08 Jun 2026 09:46 PM IST
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राष्ट्रीय राजनीति के कैनवास पर एक ऐसी पटकथा लिखी जा रही है, जो आने वाले दिनों में देश की सियासत का पूरा भूगोल बदल सकती है। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने क्षेत्रीय क्षत्रपों की ताकत के जिस सबसे मजबूत किले को ढहा दिया है, उसके बाद अब कांग्रेस से टूटकर बनी पार्टियों के विलय और पुराने दिग्गजों की घर वापसी की संभावनाओं पर शीर्ष स्तर पर बेहद रणनीतिक तरीके से काम शुरू हो चुका है।
इस सियासी बिसात पर सबसे बड़ी चर्चा पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को लेकर हो रही है। प्रामाणिक सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में पूर्ण विलय करने का बड़ा प्रस्ताव दिया गया है।
विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद और अगले साल होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर INDIA गठबंधन सक्रिय हो गया है। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की महाबैठक हुई, जिसमें 23 दलों के दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, सुप्रिया सुले समेत कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया।
इसी बैठक से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने न केवल सुर्खियां बटोरीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी छा गई। यह तस्वीर थी कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी तथा पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की। वायरल तस्वीर में सोनिया गांधी ममता बनर्जी को गले लगाती हुई दिखाई दे रही हैं। ममता ने भी मुस्कुराते हुए उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पश्चिम बंगाल में करारी हार के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी।
जब ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की इस मुलाकात को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजकिशोर जी से बातचीत की गई, तो उन्होंने कई अहम राजनीतिक संकेतों की ओर इशारा किया।
राहुल गांधी की बात को यदि किसी नेता ने सबसे अधिक चुनौती दी है, तो वह ममता बनर्जी रही हैं। राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में यह बात पूरी तरह सटीक बैठती है। दोनों दलों के बीच संबंध कितने सहज रहे हैं, इसका अंदाजा राहुल गांधी के उस बयान से लगाया जा सकता है, जो उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आने के बाद दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि जब दिल्ली में यह बैठक चल रही थी और ममता बनर्जी, सोनिया गांधी को गले लगा रही थीं, उसी समय पश्चिम बंगाल में उनके अपने नेता उनके खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आए। पहले विधायकों की बगावत सामने आई और अब सांसदों के असंतोष की खबरें भी सुर्खियों में हैं।
अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या पश्चिम बंगाल के बाद ममता बनर्जी के लिए दिल्ली की राजनीति भी मुश्किल होती जा रही है? विधानसभा चुनाव 2026 में मिली हार के बाद पार्टी में मची उठापटक के बीच तृणमूल कांग्रेस के 14 सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की। खास बात यह रही कि इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
ये तो बात हो गई बागियों के बारे में। अब लौट आते है उस मूल सवाल पर की क्या ममता बनर्जी वापस कांग्रेस का रुख करेंगी? क्या TMC का कांग्रेस में विलय होगा? तृणमूल कांग्रेस के गहरे दबाव में होने की कई बड़ी वजहें हैं। सत्ता हाथ से जाते ही बंगाल में वर्षों से जारी वर्चस्व और कथित अराजकता का जो माहौल था,उसकी प्रतिक्रिया अब जमीन पर दिखने लगी है। टीएमसी के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी तक पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। सत्ता का संरक्षण हटते ही पार्टी में भगदड़ की स्थिति है। तृणमूल के तमाम सांसद, विधायक और जमीनी नेता लगातार कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। अभिषेक बनर्जी के पुराने कार्यबल और रवैये को लेकर पार्टी में जो असंतोष था,वह अब खुलकर सतह पर आने लगा है। ममता यह भली-भांति जानती हैं कि केंद्रीय सत्ता के पूर्ण प्रभाव के सामने प्रादेशिक छत्रप के तौर पर अकेले टिक पाना नामुमकिन है। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राजकिशोर जी ने जो समीकरण बताए है वो आपकी भी आखें खोल देंगे।
अब सवाल ये भी उठता है की आज जो की मीटिंग हुई है इसका असर यूपी विधानसभा चुनाव या आने वाले अन्य चुनाव पर कितना असर पड़ेगा? मीटिंग से जो भी तस्वीरें सामने आईं है उसमे दिखता है की अखिलेश-राहुल साथ में नजर आ रहे है, इसके क्या मायने है?
तो आज की इस मीटिंग का अनेलसिस आपने देखा। अब देखना ये दिलचस्प होगा की अब यहां से आगे की राह क्या है? इंडिया ब्लॉक क्या कुछ रणनीति बनाते है और इसका क्या असर दिखता है।
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