CJP के आंदोलन की दुनियाभर में चर्चा, सोशल मीडिया पर छाए पोस्ट, पाकिस्तानी बोले- 'यहां बिरयानी पर बिक जाते हैं'
जंतर-मंतर पर सीजेपी के आंदोलन को लेकर नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान सहित कई देशों के युवाओं ने सोशल मीडिया पर भारतीय जेन-जी की खुलकर सराहना की। कई पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर्स और युवाओं ने आंदोलन की शैली, एकजुटता और मुद्दों को उठाने के तरीके की प्रशंसा की।
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जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन की सफलता की गूंज अब दुनिया भर में सुनाई दे रही है। युवाओं के बड़े आंदोलनों के गवाह रहे नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान तक में सोशल मीडिया पर भारतीय जेन-जी की जमकर सराहना की जा रही है। पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर ने तो यहां तक कह दिया कि 'ऐसे आंदोलन करने वाले हमारे यहां तो एक प्लेट बिरयानी में बिक जाते हैं।' पड़ोसी देशों के युवाओं ने भारतीय जेन-जी की मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और उन्हें अंजाम तक पहुंचाने की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका गुस्सा पूरी तरह जायज था।
नेपाल के कंटेंट क्रिएटर ने जेन-जी से क्या कहा?
हाल ही में जेन-जी आंदोलन के गवाह बने नेपाल के कंटेंट क्रिएटर अविनाश मिश्रा ने एक रील साझा करते हुए कहा कि आप जो भी महसूस कर रहे हैं, वह जायज है। किसी को यह मत कहने दीजिए कि आप जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हमेशा याद रखिए कि आपका लक्ष्य क्या है।
श्रीलंकाई कार्टूनिस्ट ने सरकार पर कैसे कसा तंज?
श्रीलंका के चर्चित कार्टूनिस्ट अवंथा आर्टिगाला ने एक कैरिकेचर साझा किया, जिसमें दिखाया गया कि कॉकरोचों पर काबू पाने में सरकार की 'लक्ष्मण रेखा' किस तरह नाकाम हो गई। वहीं, मुंबई की रिया अहीर की उस तस्वीर की भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई, जिसमें वह पुलिस वैन के सामने खड़ी होकर एक हाथ उस पर टिकाए नजर आ रही हैं। कई लोगों ने इसकी तुलना 1989 में चीन के थ्येन आनमन चौक की प्रसिद्ध 'टैंक मैन' तस्वीर से की। (एजेंसी)
प्रधान के इस्तीफे के बाद उद्धव सेना ने कैसे मनाया जश्न?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मनाने के लिए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे की ओर से रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली आयोजित की गई। (एजेंसी)
पाकिस्तान से फंडिंग के आरोपों पर क्या बोला कंटेंट क्रिएटर?
सीजेपी के आंदोलन को पाकिस्तान से फंडिंग मिलने की खबरों पर व्यंग्य करते हुए पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर बिलाल हसन ने कहा कि हमारे पास अपना देश चलाने के लिए ही पर्याप्त पैसा नहीं है, फिर हम किसी आंदोलन को फंडिंग कैसे दे सकते हैं? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के युवा भारतीय जेन-जी से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। उनके मुताबिक, "हम एक-दूसरे को समझते हैं। आखिरकार हम बंटवारे की संतानें हैं। हसन ने आगे कहा कि आपके यहां छात्रों की पिटाई हो रही है, जबकि हमारे देश में लोगों को सीधे उठा लिया जाता है। अगर आप बलूच हैं, तो कई बार यह भी पता नहीं चलता कि वह व्यक्ति जीवित है या नहीं।
पाकिस्तानी युवाओं ने आंदोलन को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी?
एक पाकिस्तानी युवा ने लिखा कि अगर हमें कभी मौका मिला, तो हमें भी इसी तरह सड़कों पर उतरना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी वाकई बहुत कूल है। वे जरूरत से ज्यादा गंभीर नहीं हैं और यही बात मुझे पसंद है। जेन-जी का कोई मुकाबला नहीं है।
एक अन्य पाकिस्तानी महिला ने लिखा कि उसने एक वीडियो देखा, जिसमें एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी छात्र को वैन में बैठाते हुए कह रहा था कि मैं तुम्हारे खिलाफ मामला दर्ज करूंगा। इस पर छात्र ने जवाब दिया, हां, जरूर कीजिए। महिला ने कहा कि बदलाव इसी तरह आता है।
'इतना अच्छा करोगे तो नफरत कैसे करूंगी'
एक पाकिस्तानी युवती ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कहीं प्यार न हो जाए... इतना अच्छा करोगे तो मैं नफरत कैसे करूंगी।' वहीं, एक अन्य पाकिस्तानी युवा ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों को भारतीय जेन-जी से सीखने की जरूरत है कि कैसे वे धार्मिक और जातीय मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर खड़े हुए। उसके अनुसार, 'उनकी एकता सबसे बड़ी सीख है। मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान की जेन-जी इस तरह एकजुट हो सकती है।'
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जेन-जी की नजर में राजनीति बोझिल
सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ती राजनीतिक चर्चाएं जेन-जी के लिए मानसिक दबाव का कारण बन रही हैं। एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में शामिल 65 प्रतिशत युवाओं ने माना कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले राजनीतिक पोस्ट और वीडियो उन्हें मानसिक रूप से बेचैन कर देते हैं। वहीं, 63 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि राजनीति की वजह से उनके आपसी रिश्तों में भी तनाव बढ़ा है। 'कलेक्टिवली' संगठन के सर्वे के अनुसार, आज का जेन-जी औसतन प्रतिदिन पांच घंटे सोशल मीडिया पर बिताता है।