बंगाल चुनाव से पहले CM ममता का बड़ा दांव: पुजारी-मुअज्जिनों की मानदेय राशि बढ़ाने का एलान, अब कितना मिलेगा?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़े एलान किए। उन्होंने पुजारी और मुअज्जिनों की मासिक मानदेय राशि 500 रुपये बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की और नए आवेदन भी मंजूर किए। साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ के बकाया डीए मार्च 2026 से देने का भी एलान किया।
विस्तार
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ गई है। राजनीतिक दल अपने-अपने चुनावी रण की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में जारी रैलियों और रणनीति बैठकों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत उन्होंने राज्य के पुजारी और मुअज्जिनों की मासिक मानदेय राशि 500 रुपये बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की है। इस बात की जानकारी सीएम ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से दी है।
अपने पोस्ट में सीएम ने कहा कि ये लोग हमारी समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें यह सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, जिन्होंने नए आवेदन राज्य सरकार को प्रस्तुत किए थे, उन्हें भी मंजूरी दे दी गई है। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार हर समुदाय और परंपरा का सम्मान करती है और यह सुनिश्चित करती है कि हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक को पूरा सहयोग और मान्यता मिले।
I am pleased to announce an increase of ₹500 in the monthly honorariums extended to our purohits and muezzins, whose service sustains the spiritual and social life of our communities. With this revision, they will now receive ₹2,000 per month.
At the same time, all fresh… — Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 15, 2026
ये भी पढ़ें:- ECI: बंगाल में आठ, असम में तीन चरण में हुई थी वोटिंग, जानें चुनावी राज्यों में 2021 में क्या थी मतदान की तारीख
कर्मचारियों और पेंशनरों को लेकर भी बड़ा एलान
इसके साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने बंगाल के कर्मचारियों और पेंशनरों को लेकर भी बड़ा एलान किया। एक अलग पोस्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि उनकी सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ-साथ राज्य के शैक्षिक संस्थानों के लाखों शिक्षक और गैर-शिक्षक स्टाफ, तथा पंचायत, नगरपालिका और अन्य स्थानीय निकायों के कर्मचारियों/पेंशनरों के लिए अपना वादा पूरा कर दिया है।
I am happy to announce that our Ma-Mati-Manush government has delivered on its promise to all its employees and pensioners, and to lakhs of teachers and non-teaching staff of our educational institutions, as well as employees/ pensioners of our other grant-in-aid instititions…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 15, 2026
ये भी पढ़ें:- चुनावी राज्यों में 2021 के नतीजे: असम-बंगाल से तमिलनाडु तक किसे मिली थी कितनी सीटें, किसने कैसे बनाई सरकार?
इसी साल मिलेगा बकाया डीए
सीएम ने कहा कि अब ये सभी लोग वेतन और भत्तों का पुनरीक्षण नियम (ROPA 2009) के डीए बकाया की राशि मार्च 2026 से प्राप्त करना शुरू कर देंगे। इसे लागू करने की पूरी प्रक्रिया और नियम सरकारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट किए गए हैं। ममता बनर्जी ने बताया कि यह कदम कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है और इसका उद्देश्य सभी को समय पर आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना है।
अन्य वीडियो