राहुल की स्कूबा डाइविंग पर सवाल: 26 करोड़ के दावे पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- मानहानि मंत्री बन गए हैं रिजिजू
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस दावे पर हमला बोला, जिसमें राहुल गांधी की अंडमान स्कूबा डाइविंग यात्रा पर 26 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई थी। टैगोर ने आरोप लगाया कि भाजपा ग्रेट निकोबार परियोजना से जुड़े सवालों से ध्यान भटका रही है।
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कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधा। दरअसल, केंद्रीय मंत्री रिजिजू राहुल गांधी के अंडमान सागर में स्कूबा डाइविंग पर 26 करोड़ रुपये के खर्च करने का आरोप लगाया था। इस पर कांग्रेस सांसद ने कि भाजपा नेता ने मानहानि मंत्री की भूमिका ग्रहण कर ली है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री का बयान या तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पर्यटन को हतोत्साहित करने या प्रस्तावित ग्रेट निकोबार विकास परियोजना से संबंधित चिंताओं से लोगों का ध्यान हटाने के उद्देश्य से दिया गया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में परियोजना की आलोचना करने के कारण सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की ओर से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन का लगाया आरोप
अप्रैल के अंत में द्वीप की अपनी यात्रा के दौरान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने इस परियोजना को 'देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक' करार दिया था। 5 जून को, जिसे विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है, गांधी ने द्वीप की अपनी यात्रा और तट पर स्कूबा डाइविंग का एक वीडियो साझा किया। वीडियो के साथ एक पोस्ट में, उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर 'वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करके आदिवासी समुदायों की जमीन छीनने' का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
पिछले शनिवार को, रिजिजू ने गांधी के स्कूबा डाइविंग वीडियो का जिक्र करते हुए कहा, 'उस एक स्कूबा डाइविंग के पीछे 26 करोड़ रुपये खर्च किए गए और पूरे इकोसिस्टम ने उस खबर को फैलाया, उस स्कूबा डाइविंग को समुद्री जीवन और पर्यावरण से जोड़ा... इस तरह का दुष्प्रचार फैलाया गया।'
'मानहानि मंत्री का नया पोर्टफोलियो ग्रहण कर लिया
उन्होंने सवाल किया 'लेकिन अब लोग सब कुछ जानते हैं। आप सत्ता में नहीं आ सकते, तो आप देश की वृद्धि, संपत्ति और हमारे भविष्य को क्यों नष्ट करना चाहते हैं? इस पर पलटवार करते हुए, टैगोर ने एक्स पोस्ट में कहा कि रिजिजू ने 'मानहानि मंत्री का नया पोर्टफोलियो ग्रहण कर लिया है'। उनका यह दावा कि राहुल गांधी की अंडमान की स्कूबा डाइविंग यात्रा में 26 करोड़ रुपये खर्च हुए, बेतुका है और इससे जवाब से ज्यादा सवाल खड़े होते हैं।"
अंडमान में पर्यटन को हतोत्साहित करना है
उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अंडमान द्वीप समूह में स्कूबा डाइविंग एक लोकप्रिय पर्यटन गतिविधि है, 'क्या अब हमें यह मान लेना चाहिए कि अंडमान में डाइविंग करने वाला हर पर्यटक करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है?' टैगोर ने सवाल उठाया 'एक केंद्रीय मंत्री इस तरह की गलत जानकारी क्यों फैला रहे हैं? क्या इसका मकसद अंडमान में पर्यटन को हतोत्साहित करना है? या फिर ग्रेट निकोबार के भविष्य को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों और अडानी के हितों को बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्तियों और संसाधनों को सौंपने की चिंताओं से ध्यान भटकाना है?
उन्होंने आगे कहा, 'अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बिक्री के लिए नहीं हैं। विकास का मतलब कुछ कॉरपोरेट घरानों के फायदे के लिए पर्यावरण, आजीविका और राष्ट्रीय संपत्तियों का बलिदान करना नहीं हो सकता। लोगों को जवाब चाहिए, दुष्प्रचार नहीं।'