फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CM Shubhendu announced Bengal to observe Ayushman Divas on Aug 16 replacing TMC Khela Hobey Divas

'खेला होबे' की जगह 'आयुष्मान दिवस': ममता बनर्जी के एक और फैसले को सीएम शुभेंदु ने पलटा; जानें कब होगी शुरुआत?

Mon, 13 Jul 2026 12:20 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 13 Jul 2026 12:20 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने 16 अगस्त को अब 'खेला होबे दिवस' के बजाय 'आयुष्मान दिवस' के रूप में मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इसी दिन राज्य में आयुष्मान भारत और सीएम स्वास्थ्य बीमा योजना को एक साथ लागू किया जाएगा।  

विज्ञापन
CM Shubhendu announced Bengal to observe Ayushman Divas on Aug 16 replacing TMC Khela Hobey Divas
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि उनकी सरकार केंद्र सरकार की जन स्वास्थ्य बीमा योजना के सम्मान में 16 अगस्त को 'आयुष्मान दिवस' के रूप में मनाएगी। यह कदम पिछली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार द्वारा मनाए जाने वाले 'खेला होबे दिवस' की परंपरा को समाप्त करेगा।

विज्ञापन


आखिर 16 अगस्त को ही आयुष्मान दिवस क्यों मनाया जाएगा?
यह दिन राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने का भी प्रतीक होगा। विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था।
विज्ञापन


16 अगस्त को 'काला दिन' क्यों बताया गया?
पूर्वी मेदिनीपुर जिले के तमलुक में भाजपा की एक विशेष संगठनात्मक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अधिकारी ने कहा, "16 अगस्त कोलकाता के इतिहास का एक काला दिन है, क्योंकि इसी तारीख को सुहरावर्दी के नेतृत्व में 'ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' हुई थी। पिछली टीएमसी सरकार इस दिन को 'खेला होबे दिवस' के रूप में मनाती थी। हमारी सरकार ने फैसला किया है कि अब इस दिन को 'आयुष्मान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।"
विज्ञापन
विज्ञापन


1946 में 16 अगस्त को क्या हुआ था?
अधिकारी 16 अगस्त 1946 को ऑल इंडिया मुस्लिम लीग द्वारा आयोजित 'डायरेक्ट एक्शन डे' का जिक्र कर रहे थे। उस दिन मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल और आर्थिक गतिविधियां बंद कर प्रत्यक्ष कार्रवाई का आह्वान किया था।

'ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' कैसे हुई थी?
राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ यह घटनाक्रम जल्द ही ब्रिटिश भारत की सबसे भीषण सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया, जिसे 'ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' के नाम से जाना जाता है। कई दिनों तक कोलकाता में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़पें होती रहीं।

इस हिंसा में कितना बड़ा नुकसान हुआ था?
हालात सामान्य होने तक करीब 4,000 लोगों की मौत हो चुकी थी, 10,000 से अधिक लोग घायल हुए थे और हजारों परिवार बेघर हो गए थे। इस हिंसा ने सांप्रदायिक विभाजन को और गहरा कर दिया तथा इसे भारत के विभाजन की प्रक्रिया को तेज करने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं में माना जाता है।

सुहरावर्दी कौन थे और उनका क्या संबंध था?
मुस्लिम लीग के नेता हुसैन शहीद सुहरावर्दी उस समय ब्रिटिश भारत के अविभाजित बंगाल प्रांत के मुख्यमंत्री थे।

'खेला होबे दिवस' की शुरुआत कैसे हुई थी?
हाल के वर्षों में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद 16 अगस्त को 'खेला होबे दिवस' घोषित किया था। इसका उद्देश्य युवाओं में खेलों को बढ़ावा देना और जीत का जश्न मनाना बताया गया था। हालांकि, राज्य के तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में यह दिन कई बार राजनीतिक टकराव और हिंसा से भी जोड़ा गया।

'खेला होबे दिवस' पर क्या-क्या आयोजन होते थे?
इस अवसर पर पूरे राज्य में फुटबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती थीं और खिलाड़ियों के बीच खेल सामग्री वितरित की जाती थी। ममता बनर्जी ने इसे ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने की पहल बताया था।

आयुष्मान योजना का लाभ किन लोगों को मिलेगा?
अधिकारी ने कहा कि 16 अगस्त को 'आयुष्मान दिवस' के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिक स्वतः इस योजना के पात्र होंगे। इसके अलावा जो लोग योजना की पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इससे लगभग 70 प्रतिशत लाभार्थियों को कवर किया जाएगा। बाकी 30 प्रतिशत लोगों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत शामिल किया जाएगा और दोनों योजनाएं एक साथ लागू की जाएंगी।"

अन्नपूर्णा योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
महिलाओं के लिए शुरू की गई 'अन्नपूर्णा योजना' (जिसने टीएमसी सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना का स्थान लिया है) के तहत कुछ लाभार्थियों को प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण का लाभ नहीं मिलने के आरोपों पर अधिकारी ने कहा कि केंद्र की हर योजना के अपने नियम होते हैं और केवल पात्र लोगों को ही लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना के तहत 1.2 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में राशि भेजी जा चुकी है। इसका मतलब है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 35,000 से 40,000 महिलाओं को लाभ मिला है। सत्यापन की प्रक्रिया 30 अगस्त तक चलेगी। जो पात्र पाए जाएंगे उन्हें योजना में शामिल किया जाएगा और जो अपात्र होंगे उन्हें सूची से हटा दिया जाएगा। 


ये भी पढ़ें: बिना मुकदमे एक साल तक हिरासत: आखिर चर्चा में क्यों है पश्चिम बंगाल का पब्लिक सेफ्टी बिल? पुलिस की बढ़ेगी ताकत

नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर भाजपा कितनी आश्वस्त है?
आगामी नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में अधिकारी ने कहा कि स्थानीय चुनावों में ममता बनर्जी का गुट और ऋतब्रत के नेतृत्व वाला बागी गुट दोनों ही मुश्किल में हैं और उन्हें उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं। नंदीग्राम में हमारी जीत को लेकर कोई संदेह नहीं है। मैंने वहां करीब 9,700 वोटों के अंतर से चुनाव जीता था, जो 2021 में मिली जीत के मुकाबले पांच गुना अधिक अंतर है।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed