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जंगल में मुठभेड़ या कुछ और?: CM विजय के सवालों से घिरे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार; तमिलनाडु-कर्नाटक आमने-सामने
Mon, 17 Aug 2026 09:06 AM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 17 Aug 2026 09:06 AM IST
सार
कर्नाटक के जंगलों में कथित शिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने दावा किया कि मृतक तमिल थे और घटना की गहन जांच की मांग की। वहीं, कर्नाटक सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और परिवारों को मुआवजा देने की बात कही है।
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सीएम विजय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक के चामराजनगर जिले में वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने घटना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मारे गए तीनों लोग तमिल थे। उन्होंने कर्नाटक वन विभाग की ओर से दी गई सफाई को "अस्वीकार्य" बताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है।
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जंगल में शिकार की सूचना के बाद पहुंची वन विभाग की टीम
शनिवार तड़के संदिग्ध शिकारी कथित तौर पर वन्यजीवों का शिकार करने के इरादे से जंगल में दाखिल हुए थे। इसकी सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान संदिग्ध शिकारियों ने वन कर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में वन कर्मियों ने भी गोलियां चलाईं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हो गई।
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गोलीबारी में तीन लोगों की मौत
इस मुठभेड़ में शिकारी होने के संदेह में तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान एंटनी स्वामी, जॉन रोज़ पीटर और कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने मौके से बंदूकों के अलावा कुछ दस्तावेज और अन्य सामान भी जब्त किया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुताबिक, संदिग्ध शिकारियों के पास से जंगली जानवरों के मांस से भरे दो बैग भी बरामद किए गए हैं। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मौत की परिस्थितियों को लेकर जरूरी तथ्य सामने आ सकें।
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विजय ने बताया- तीनों मृतक तमिल थे
विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'एंटनी स्वामी, जॉन रोज पीटर और कुमार जो कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों में रहने वाले तमिल थे को 15 अगस्त, 2026 की सुबह कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों ने गोली मारकर मार डाला। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।'
पीड़ित परिवारों की मदद की मांग
विजय ने कर्नाटक सरकार से मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों में तीनों लोगों की जान गई।
डीके शिवकुमार बोले- सुबह करीब 5 बजे मिली जानकारी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बताया कि उन्हें मुठभेड़ की जानकारी शनिवार सुबह करीब 5 बजे मिली। उन्होंने कहा, 'वन विभाग के अधिकारी आए और मुझे घटना की सीधी जानकारी दी।' शिवकुमार के मुताबिक, मौके से शिकारियों की बंदूकें और जंगली जानवरों के मांस से भरे दो बैग बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'एक व्यक्ति भाग निकला... उन्होंने हमारे वन कर्मियों पर गोली चलाई थी, जो वहां मौजूद थे।'
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिवारों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने यह भी कहा है कि उचित प्रतिक्रिया और उचित कार्रवाई होनी चाहिए।' शिवकुमार ने यह भी कहा कि मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजे से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी अंतिम रूप नहीं दी गई है।
विपक्ष ने उठाए मुठभेड़ पर सवाल
विपक्ष के नेता अशोक ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, 'गोलियां दिल में लगीं, जबकि उन्हें केवल पैर में लगनी चाहिए थीं।' उन्होंने कमिश्नर पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करती है।
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घटना ने खड़े किए कई सवाल
तीन लोगों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंगल में हुई इस कथित मुठभेड़ में गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई और क्या वन कर्मियों की कार्रवाई नियमों के मुताबिक थी। एक ओर वन विभाग और सरकार इसे संदिग्ध शिकारियों के साथ हुई मुठभेड़ बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विजय और विपक्ष ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक बहस के केंद्र में ला दिया है।