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चिंता: राजस्थान व यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिलाया भरोसा, दिल्ली में काम बंद होने से निर्माण श्रमिकों की कर रहे मदद

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 15 Dec 2021 10:59 PM IST
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सार

शीर्ष कोर्ट ने 24 नवंबर के आदेश में दिल्ली व एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर फिर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही एनसीआर के राज्यों से कहा था कि वे जब तक काम बंद रहे तब तक इन श्रमिकों को श्रमिक उपकर कोष से मदद दें। 
 

Complying with order to provide subsistence to construction workers in NCR, Rajasthan, UP tell SC
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के कारण कंस्ट्रक्शन का काम बंद होने से हजारों निर्माण श्रमिकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 24 नवंबर को दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्य पर रोक के साथ ही उनकी मदद के दिशा निर्देश जारी किए थे। इसे लेकर बुधवार को राजस्थान व यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया कि दोनों राज्य इन श्रमिकों को गुजर बसर में मदद कर रहे हैं। 

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शीर्ष कोर्ट ने 24 नवंबर के आदेश में दिल्ली व एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर फिर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही एनसीआर के राज्यों से कहा था कि वे जब तक काम बंद रहे तब तक इन श्रमिकों को श्रमिक उपकर कोष से मदद दें। 
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सीजेआई एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने 10 दिसंबर को इस बात का संज्ञान लिया था कि राजस्थान व यूपी सरकार ने इन श्रमिकों को राशि के भुगतान के आदेश के परिपालन का हलफनामा दायर नहीं किया है। 

बुधवार को राजस्थान सरकार के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी शरद सक्सेना ने शीर्ष कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि एनसीआर में आने वाले राज्य के अलवर व भरतपुर जिलों के भवन व अन्य निर्माण श्रमिक बोर्ड ने दोनों जिलों के संयुक्त श्रम आयुक्तों को 50-50 लाख रुपये जारी कर श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी देने का निर्देश दिया है। अकुशल श्रमिकों को 252 रुपये रोज या 6552 रुपये प्रति माह, अर्द्ध कुशल को 264 रुपये रोज या 6864 रुपये प्रति माह व कुशल श्रमिकों को 276 रुपये या 7176 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। 

इसी तरह यूपी सरकार की ओर से संयुक्त पर्यावरण सचिव केएल वर्मा ने हलफनामा दायर कर कहा कि उसने राज्य के ऐसे श्रमिकों को 1000 रुपये प्रति सप्ताह देने का फैसला किया है। आपदा राहत सहायता योजना के तहत यूपी के बिल्डिंग व अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के जरिए पंजीकृत श्रमिकों को यह सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत कोविड के दौरान भी आधार से जुड़े श्रमिकों के खातों में एक-एक हजार रुपये प्रदान किए गए थे। 

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