'543 सीटों पर तुरंत लागू हो महिला आरक्षण': कांग्रेस ने रखीं ये दो शर्तें, UP चुनाव के लिए भी बनाया बड़ा प्लान
कांग्रेस पार्टी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर अपना रुख एकदम कड़ा कर लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के. राजू ने कहा है कि कांग्रेस की दो मांगे अटल हैं। पहला- लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर ही महिलाओं को तुरंत आरक्षण मिले और दूसरा- महिलाओं के कोटे के अंदर ही ओबीसी महिलाओं को भी अलग से कोटा दिया जाए। उन्होंने साफ किया कि इन दोनों मांगों पर कांग्रेस सरकार से कोई समझौता नहीं करेगी।
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कांग्रेस पार्टी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर अपना रुख एकदम कड़ा कर लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के. राजू ने कहा है कि कांग्रेस की दो मांगे अटल हैं। पहला- लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर ही महिलाओं को तुरंत आरक्षण मिले और दूसरा- महिलाओं के कोटे के अंदर ही ओबीसी महिलाओं को भी अलग से कोटा दिया जाए। उन्होंने साफ किया कि इन दोनों मांगों पर कांग्रेस सरकार से कोई समझौता नहीं करेगी।
महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर देश की राजनीति में पूरी तरह से गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार के सामने इस मुद्दे पर अपना रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त कर लिया है। कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को आरक्षण देने के मामले में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, पिछड़े वर्ग की महिलाओं का हक भी मारा नहीं जाना चाहिए।
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कांग्रेस नेता ने महिला आरक्षण पर क्या बड़ी मांगे रखी हैं?
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. राजू ने कहा है कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दो ऐसी मांगे हैं, जिन पर सरकार से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- पहली मांग यह है कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर ही लागू किया जाए।
- दूसरी मांग है कि महिला आरक्षण के अंदर ही 'ओबीसी' महिलाओं के लिए भी एक अलग कोटा सुनिश्चित किया जाए।
- राजू ने कहा कि हजारों महिला कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पोस्टकार्ड भेजकर यही मांग कर रही हैं।
सोनिया गांधी ने 2023 में महिला आरक्षण पर क्या कहा था?
के. राजू ने याद दिलाया कि जब 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) पर चर्चा हो रही थी, तब सोनिया गांधी ने भी यही आवाज उठाई थी। सोनिया गांधी ने मांग की थी कि इस कानून को बिना किसी देरी के तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं के कोटे के अंदर ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। राजू ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस आज भी सोनिया गांधी की उसी मांग पर पूरी तरह से अड़ी हुई है।
कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग क्यों की है?
कांग्रेस ने इसी हफ्ते भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से मांग की थी कि महिला आरक्षण को लेकर तुरंत एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। पार्टी चाहती है कि 2029 से पहले, लोकसभा की मौजूदा क्षमता (543 सीटों) पर ही महिलाओं का कोटा कैसे लागू किया जाए, इस पर चर्चा हो। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का आरोप है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के बहाने देश में परिसीमन लागू करना चाहती है।
कांग्रेस यह भी मांग कर रही है कि सरकार इसी मानसून सत्र में एक नया बिल लाकर इस कोटे को तुरंत लागू करे। बता दें कि सरकार का 131वां संविधान संशोधन बिल, जिसमें लोकसभा की सीटें 850 करने की बात थी, वह हाल ही में निचले सदन में गिर गया है। (298 सदस्यों ने पक्ष में और 230 ने विपक्ष में वोट किया था, जबकि इसे पास होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।)
उत्तर प्रदेश में दलितों को लेकर कांग्रेस की क्या है नई रणनीति?
के. राजू ने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी बड़ा बयान दिया। उनसे पूछा गया कि क्या यूपी में कांग्रेस दलितों की पहली पसंद बन सकती है? उन्होंने जवाब दिया कि बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस और राहुल गांधी की तरफ काफी आकर्षित हो रहे हैं। राजू ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, उसी वजह से 2024 में इन समुदायों का अच्छा वोट कांग्रेस को मिला था। आने वाले दिनों में कांग्रेस बसपा से नाराज लोगों को अपनी पार्टी में लाने पर फोकस करेगी। इसके लिए दलितों और ओबीसी को एक साथ जोड़कर एक बड़ा बहुजन अभियान शुरू करने की तैयारी चल रही है।
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