Karnataka: गवर्नर के फैसले पर प्रियंक खरगे ने कहा- स्पष्टीकरण देंगे; वीबी जी-राम-जी बिल को बताया असंवैधानिक
कर्नाटक मंत्री प्रियंक खड़गे ने बिदर में गवर्नर द्वारा लौटाए गए विधेयकों, भाषा नीति और वीबी जी-राम-जी बिल पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ है।
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कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने राज्यपाल द्वारा लौटाए गए विधेयकों, भाषा नीति और केंद्र सरकार के प्रस्तावित वीबी जी-राम-जी बिल को लेकर तीखा रुख अपनाया है। बिदर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार राज्यपाल द्वारा उठाए गए सवालों पर सभी जरूरी स्पष्टीकरण देगी।
प्रियंक खरगे ने कहा कि अगर राज्यपाल ने विधेयक केवल भाजपा के दबाव में लौटाए हैं, तो सरकार आगे की रणनीति पर विचार करेगी। उन्होंने कहा 'अगर गवर्नर को विधानसभा से पारित बिलों पर किसी तरह की स्पष्टता चाहिए, तो हम हर बिंदु पर जवाब देने को तैयार हैं।'
भाषा के नाम पर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए
कासरगोड को लेकर भाषा विवाद पर प्रियंक खरगे ने कहा कि राज्यों का गठन भाषा के आधार पर किया गया था। उन्होंने कहा कासरगोड में 90 प्रतिशत से अधिक लोग कन्नड़ बोलते हैं। भाषा को बढ़ावा देना गलत नहीं है, लेकिन उसे थोपना भी सही नहीं है।
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VB-G-RAM-G बिल पर केंद्र पर हमला
वीबी जी-राम-जी बिल को लेकर आयोजित कर्नाटक के विशेष सत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक खरगे ने इस विधेयक को संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल लोगों से काम करने और आजीविका का अधिकार छीन रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि यह विधेयक न सिर्फ मनरेगा (MGNREGA) जैसी योजनाओं को कमजोर करता है, बल्कि संघीय ढांचे को भी नुकसान पहुंचाता है, जहां राज्यों और पंचायतों से परामर्श जरूरी होता है।
#WATCH | Bidar | On special session of Karnataka on VB-G-RAM-G Bill, Karnataka Minister Priyank Kharge says, "This bill is against Article 21 of the Constitution. The right to work is being snatched away. The right to livelihood is being ended. It also destroys the federal… pic.twitter.com/rmwcmVEPxM
— ANI (@ANI) January 10, 2026