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Congress: नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स पर कांग्रेस ने साधा निशाना, बोली- पीएम मोदी की छवि सुधारने की कवायद

Sun, 26 Jul 2026 10:41 PM IST
Devesh Tripathi आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 26 Jul 2026 10:41 PM IST
सार

परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार पहले गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने में विफल रही और अब नई समिति बनाकर अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में लंबे समय तक पूर्णकालिक नेतृत्व नहीं होने का भी मुद्दा उठाया।

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

कांग्रेस ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खराब हो चुकी छवि सुधारने की कोशिश करार दिया है। कांग्रेस सांसद और पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया पर इस टास्क फोर्स के गठन की आलोचना की।
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उन्होंने एक्स पर लिखा, "दोस्तों, जून 2024 में नीट-यूजी सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ियों के बाद मोदी सरकार ने परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।" जयराम रमेश ने आगे कहा, "जुलाई 2026 में, जब मोदी सरकार एक बार फिर नीट-यूजी और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियां रोकने में विफल रही है, तब उसने परीक्षा सुधारों पर ध्यान देने के लिए एक 'उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स' का गठन किया है।"
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जयराम रमेश बोले- राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें ही नहीं लागू कर पाई सरकार
कांग्रेस नेता ने कहा, "मोदी सरकार अब तक के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है। बल्कि 2024 और 2026 के पेपर लीक के बीच लगभग दो वर्षों तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में पूर्णकालिक महानिदेशक तक नियुक्त नहीं किया गया।" उन्होंने आरोप लगाया, "आखिरकार यह पूरी कवायद प्रधानमंत्री की अपूरणीय रूप से खराब हो चुकी छवि सुधारने की एक उच्चस्तरीय कोशिश मात्र है।"
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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल?
आधार परियोजना के प्रमुख सूत्रधार रहे नंदन नीलेकणि को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब कथित पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ है।


आधिकारिक बयान के अनुसार, इस टास्क फोर्स में तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि के अलावा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा भी शामिल हैं।
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