'भैया, कल से नहीं आऊंगी': कुक के अचानक काम छोड़ने पर मालिक ने बयां किया अपना दर्द, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अंकित पांडे नाम के व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर अपनी कुक के नौकरी छोड़ने का किस्सा साझा किया है। अंकित उसे अच्छी सैलरी, बोनस और छुट्टियां देते थे, फिर भी उसने ज्यादा पैसों के लिए काम छोड़ दिया। इस घटना ने इंटरनेट पर वफादारी और बेहतर अवसरों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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विस्तार
वायरल पोस्ट में क्या?
अंकित पांडे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी कुक अचानक उनके पास आई और बोली, 'भैया, कल से नहीं आऊंगी।' अंकित के लिए यह सुनना काफी हैरान करने वाला था। उन्होंने बताया कि वह महिला पिछले चार साल से उनके परिवार के साथ जुड़ी हुई थी। अंकित ने उसे रोकने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।
अंकित ने अपनी पोस्ट में विस्तार से बताया कि वह अपनी कुक का कितना ख्याल रखते थे। उन्होंने लिखा कि वह हर साल उसकी सैलरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते थे। नौकरी छोड़ने के समय उसे हर महीने 15,500 रुपये मिल रहे थे। इसके अलावा होली, दिवाली, रक्षाबंधन और नवरात्रि जैसे त्योहारों पर अंकित उसे तोहफे, बोनस और नकद पैसे भी देते थे। अंकित ने यह भी बताया कि अगर वह कभी 10 से 15 दिनों की छुट्टी पर रहती थी, तो भी वह उसकी सैलरी नहीं काटते थे।
Today, our cook aunty came home and said, "Bhaiya, kal se nahi aaungi."
— Ankit Pandey (@iamankitpande) June 21, 2026
She has worked with us for 4 years.
Every year, I increased her salary by 15%. Her current salary is ₹15,500 per month.
On Holi, Diwali, Rakshabandhan, and Navratri, there were gifts, sarees, sweets,…
अंकित को लगा था कि इतने वर्षों के जुड़ाव और अच्छे व्यवहार की कोई अहमियत होगी। जब उन्होंने कुक से नौकरी छोड़ने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि उसे दूसरी जगह ज्यादा सैलरी वाली नौकरी मिल गई है। अंकित ने उसे उतनी ही सैलरी देने का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन उसने मना कर दिया। कुक ने मुस्कुराते हुए कहा, 'नहीं भैया, मैंने वहां से एडवांस ले लिया है। अब आप कोई नया कुक ढूंढ लीजिए।' अंकित ने लिखा कि इस तरह चार साल का साथ सिर्फ दो मिनट की बातचीत में खत्म हो गया।
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इस घटना से अंकित ने एक सबक सीखा। उन्होंने लिखा कि लोग हमेशा इसलिए काम नहीं छोड़ते कि वे दुखी हैं। कभी-कभी वे इसलिए जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कहीं और उनसे भी बेहतर कुछ उनका इंतजार कर रहा है। उन्होंने यह भी महसूस किया कि किसी रिश्ते को आप कितनी अहमियत देते हैं और दूसरा उसे कितनी अहमियत देता है, इसमें बहुत बड़ा अंतर हो सकता है।
लोगों की प्रतिक्रिया
अंकित की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी अलग-अलग राय दी है। एक यूजर ने लिखा कि लोगों को अपने लिए सही फैसला चुनने का पूरा हक है। जीवन में आगे बढ़ना जरूरी है और शायद अंकित को आगे चलकर उससे भी अच्छी कुक मिल जाए। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि घर में काम करने वालों के साथ यह अक्सर होता है। हम उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं, लेकिन वे तुरंत रिश्ता तोड़ देते हैं। एक अन्य व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी अपनी कुक की बहुत मदद की थी, लेकिन वह सिर्फ 1,000 रुपये ज्यादा मिलने पर काम छोड़कर चली गई। अधिकतर लोगों का मानना है कि यह सब पेशेवर मामला है और इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है।