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पैलेट गन विवाद: 'ड्यूटी में सही नीयत से लिए फैसलों पर मिलेगा पूरा समर्थन', सीआरपीएफ डीजी का बड़ा बयान
Mon, 27 Jul 2026 10:49 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 27 Jul 2026 10:49 PM IST
सार
दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान बल प्रयोग को लेकर उठे सवालों के बीच सीआरपीएफ नेतृत्व ने अपने अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कर्तव्य निभाते समय ईमानदारी और जिम्मेदारी से लिए गए निर्णयों के साथ संगठन खड़ा रहेगा। साथ ही यह भी दोहराया गया कि किसी भी कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा होगी और यदि जांच में प्रक्रिया संबंधी खामियां सामने आती हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नीट प्रदर्शन
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के शीर्ष नेतृत्व ने अपने जवानों और अधिकारियों को बड़ा आश्वासन दिया है। सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) जीपी सिंह ने ने सोमवार को बताया कि बल ने फील्ड फॉर्मेशन को एक संदेश भेजकर स्पष्ट किया है कि कर्तव्य के निर्वहन के दौरान सही नीयत से लिए गए हर फैसले पर मुख्यालय का पूरा समर्थन रहेगा। यह बल दंगा और भीड़ नियंत्रण समेत देश की विभिन्न आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी संभालता है।
यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब सीआरपीएफ मुख्यालय ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को हाल दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच करने को कहा है। इनमें 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान पैलेट गन चलाने के आरोप भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक सीआरपीएफ मुख्यालय ने कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाते हुए जवानों की ओर से दिखाए गए संयम और धैर्य की सराहना की है। हालांकि, संदेश में किसी समयसीमा का जिक्र नहीं है।
सीआरपीएफ डीजी ने संदेश में और क्या कहा?
शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि देश, बल और ड्यूटी के हित में सही नीयत से लिया गया हर फैसला मुख्यालय के समर्थन के साथ रहेगा। अधिकारियों ने यह भी जोड़ा कि किसी भी लापरवाह या अनुचित कार्रवाई पर नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दोहराया कि आरएएफ और सीआरपीएफ की जांच में यह साबित होता है कि दिल्ली में हुई कार्रवाई अनुचित थी या मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का उल्लंघन था, तब औपचारिक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) शुरू की जाएगी।
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पेशेवर समीक्षा की जाएगी
डीजी जीपी सिंह ने कहा कि चूंकि अब आंदोलन समाप्त हो चुका है। लोग तितर-बितर हो चुके हैं, इसलिए हर बड़े अभियान की तरह एक पेशेवर समीक्षा की जाएगी और बल मुख्यालय का रुख बताया जाएगा। उनसे पूछा गया था कि क्या बल ने तय कर लिया है कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
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यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब सीआरपीएफ मुख्यालय ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को हाल दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान अत्यधिक बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच करने को कहा है। इनमें 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान पैलेट गन चलाने के आरोप भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक सीआरपीएफ मुख्यालय ने कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाते हुए जवानों की ओर से दिखाए गए संयम और धैर्य की सराहना की है। हालांकि, संदेश में किसी समयसीमा का जिक्र नहीं है।
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सीआरपीएफ डीजी ने संदेश में और क्या कहा?
शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि देश, बल और ड्यूटी के हित में सही नीयत से लिया गया हर फैसला मुख्यालय के समर्थन के साथ रहेगा। अधिकारियों ने यह भी जोड़ा कि किसी भी लापरवाह या अनुचित कार्रवाई पर नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दोहराया कि आरएएफ और सीआरपीएफ की जांच में यह साबित होता है कि दिल्ली में हुई कार्रवाई अनुचित थी या मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का उल्लंघन था, तब औपचारिक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) शुरू की जाएगी।
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पेशेवर समीक्षा की जाएगी
डीजी जीपी सिंह ने कहा कि चूंकि अब आंदोलन समाप्त हो चुका है। लोग तितर-बितर हो चुके हैं, इसलिए हर बड़े अभियान की तरह एक पेशेवर समीक्षा की जाएगी और बल मुख्यालय का रुख बताया जाएगा। उनसे पूछा गया था कि क्या बल ने तय कर लिया है कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।