'यह सम्मान नहीं, बर्बादी का जश्न': संसद में धर्मेंद्र प्रधान के अभिनंदन पर राहुल गांधी का तंज, सरकार को घेरा
संसद में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य की बर्बादी का जश्न बताया। विपक्ष ने पूरे मामले में जवाबदेही, छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने और प्रधानमंत्री से माफी की मांग की है। उन्होंने और क्या-क्या कहा? जानिए..
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
युवाओं का आक्रोश और मंत्री का इस्तीफा
राहुल गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पर सीधे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी नैतिकता के आधार पर नहीं आया था। देश के छात्र और युवा लंबे समय से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे। युवाओं के इसी भारी आक्रोश के डर से उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
विपक्ष के नेता ने हाल की दुखद घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लचर व्यवस्था के कारण हाल ही में 26 मासूम बच्चों की जान चली गई। लाखों योग्य छात्र आज अपने हक के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। इन तमाम विफलताओं के लिए सीधे तौर पर पूर्व शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं।
यह भी पढ़ें: 'अलग-अलग झंडे, एक ही तरीका': भाजपा और कांग्रेस पर क्यों भड़कीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि? जानें पूरी बात
संसद के मकर द्वार पर राजनीतिक तमाशा!
संसद के मकर द्वार पर एनडीए सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को माला पहनाई और नारेबाजी की। विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था तबाह हुई, उसका अभिनंदन करना शर्मनाक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई सम्मान समारोह नहीं है। यह तो देश के करोड़ों बच्चों की तबाही का जश्न मनाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष इस गंभीर संकट को दबाने के लिए जानबूझकर राजनीतिक तमाशा बना रहा है।
क्या पेपर लीक ही भाजपा की बड़ी उपलब्धि: जयराम रमेश
कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान का इस तरह स्वागत कर रहे हैं, मानो उन्होंने कोई बहुत बड़ा महान काम किया हो। जयराम रमेश ने अपने 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि पूरा देश देख चुका है कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में भी पेपर लीक के लिए माफी नहीं मांगी। उल्टे उन्होंने छात्रों पर ही गुमराह होने का आरोप लगा दिया। इसके बाद केंद्र सरकार के तमाम मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों के पुल बांध दिए।
जयराम रमेश ने भी भाजपा से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि पार्टी आखिर धर्मेंद्र प्रधान का किस बात के लिए अभिनंदन कर रही है? उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या पेपर लीक, चरमराती शिक्षा व्यवस्था, छात्रों पर लाठीचार्ज और पेलेट गन चलाए जाने के बावजूद प्रधान का काम तारीफ के काबिल था? अगर नहीं, तो फिर यह सम्मान किसलिए दिया जा रहा है? और अगर हां, तो क्या भाजपा देश के युवाओं और छात्रों को यही संदेश देना चाहती है?' कांग्रेस ने साफ किया कि देश का युवा इस पूरे वाकये को देख रहा है और सरकार से इन गंभीर सवालों के सीधे जवाब मांगता है।