'शिक्षा में भ्रष्टाचार गहरा': एमएच-सीईटी विवाद पर कांग्रेस ने उठाए सवाल; कहा- प्रधान का इस्तीफा बस शुरुआत है
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है। इसके साथ ही जयराम रमेश ने महाराष्ट्र एमएच-सीईटी में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए परीक्षा प्रणाली, कोचिंग संस्कृति और पेपर लीक पर सरकार को घेरा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार बहुत गहरा है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसकी अखंडता को बहाल करने की लंबी यात्रा में सिर्फ पहला कदम है।
पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें दावा किया गया है कि महाराष्ट्र के प्रमुख संस्थानों में इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई है, क्योंकि परीक्षा केंद्रों में हेरफेर के आरोपों से जुड़े एक घोटाले का खुलासा हुआ है।
कांग्रेस महासचिव ने क्या कहा?
रमेश ने एक्स पर कहा, 'भारत की शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार बहुत गहरा है। शिक्षा मंत्री प्रधान का इस्तीफा इसकी अखंडता को बहाल करने की लंबी यात्रा का पहला कदम मात्र है।' उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से इंजीनियरिंग के लिए महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एमएच-सीईटी) के परिणामों और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा के अंकों में अंतर रहा है।
जयराम ने क्या सवाल किया?
रमेश ने कहा कि एमएच-सीईटी में टॉप करने वाले छात्र बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह किसी साजिश का नतीजा है? क्या यह स्कूली शिक्षा की जगह कोचिंग के बढ़ते प्रचलन के कारण है? हमें गहराई से आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है।
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कागजी दस्तावेजों के रिसाव के मामलों में त्वरित अदालती कार्यवाही के लिए कानून पारित करना मात्र कोई समाधान नहीं है। यह कदम पिछले कुछ महीनों में सड़कों पर उतरे लाखों युवाओं की भावनाओं और जायज आक्रोश का अपमान करता है।