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Kerala: सीएम सतीशन बोले- डीएमआरसी की हाईस्पीड रेल परियोजना अधूरी, डीपीआर से पहले नए अध्ययन जरूरी
Wed, 15 Jul 2026 01:59 PM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Wed, 15 Jul 2026 01:59 PM IST
सार
सीएम सतीशन ने कहा कि सरकार पहले परियोजना की वित्तीय और परिचालन व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन करेगी, जिसमें माल ढुलाई और रसद आवागमन की संभावना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि केवल यात्री राजस्व से परियोजना को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना पर्याप्त नहीं होगा, इसलिए राजस्व के अतिरिक्त स्रोत आवश्यक हैं।
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वीडी सतीशन, सीएम, केरल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मेट्रो मैन ई. श्रीधरन के मार्गदर्शन में दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को रद्द नहीं किया गया है लेकिन केरल सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परियोजना तभी आगे बढ़ेगी जब महत्वपूर्ण तकनीकी और आर्थिक अध्ययन पूरे हो जाएंगे। बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने ये बात कही।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन कहा कि सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने डीएमआरसी की रिपोर्ट की जांच की और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं। समिति ने पाया कि यद्यपि डीएमआरसी की रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है, इसे एक व्यापक परियोजना रिपोर्ट नहीं माना जा सकता। प्रस्ताव में अनिवार्य पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) शामिल नहीं है और न ही इसमें कॉरिडोर के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की सीमा निर्दिष्ट की गई है।
यह भी पढ़ें- बंगाल की बेटी को मिलेगा इंसाफ: 13 साल पुराने कामदुनी केस की खुलेगी फाइल, CM के जनता दरबार पहुंचा पीड़ित परिवार
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सीएम सतीशन ने कहा कि सरकार पहले परियोजना की वित्तीय और परिचालन व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन करेगी, जिसमें माल ढुलाई और रसद आवागमन की संभावना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि केवल यात्री राजस्व से परियोजना को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना पर्याप्त नहीं होगा, इसलिए राजस्व के अतिरिक्त स्रोत आवश्यक हैं। इन प्रारंभिक अध्ययनों के पूरा होने के बाद ही सरकार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी, जो कार्यान्वयन संबंधी अंतिम निर्णय का आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री सतीशन ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार इतनी बड़ी परियोजना को शुरू करने से पहले सतर्क और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाएगी। उन्होंने कहा, 'हम पिछली वामपंथी सरकार की बहुचर्चित के-रेल परियोजना में हुई गलतियों को दोहराना नहीं चाहते, जिसे अंततः रद्द करना पड़ा। सरकार आगे की राह तय करने से पहले पूरी तरह विचार करेगी'।
इस बीच, मंत्रिमंडल ने सभी विभागों में परियोजना निगरानी को मजबूत करने का भी निर्णय लिया। राज्य के खजाने पर बढ़ते वित्तीय बोझ का कारण बन रही देरी की पहचान करने के लिए एक व्यापक परियोजना-मैपिंग अभ्यास किया जाएगा। सरकार परियोजनाओं के समय पर निष्पादन को सुनिश्चित करने, देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने और सार्वजनिक अवसंरचना विकास में समग्र दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक नया जवाबदेही ढांचा और कार्यान्वयन प्रोटोकॉल लागू करेगी।
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मुख्यमंत्री वीडी सतीशन कहा कि सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने डीएमआरसी की रिपोर्ट की जांच की और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं। समिति ने पाया कि यद्यपि डीएमआरसी की रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है, इसे एक व्यापक परियोजना रिपोर्ट नहीं माना जा सकता। प्रस्ताव में अनिवार्य पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) शामिल नहीं है और न ही इसमें कॉरिडोर के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की सीमा निर्दिष्ट की गई है।
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सीएम सतीशन ने कहा कि सरकार पहले परियोजना की वित्तीय और परिचालन व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन करेगी, जिसमें माल ढुलाई और रसद आवागमन की संभावना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि केवल यात्री राजस्व से परियोजना को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना पर्याप्त नहीं होगा, इसलिए राजस्व के अतिरिक्त स्रोत आवश्यक हैं। इन प्रारंभिक अध्ययनों के पूरा होने के बाद ही सरकार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी, जो कार्यान्वयन संबंधी अंतिम निर्णय का आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री सतीशन ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार इतनी बड़ी परियोजना को शुरू करने से पहले सतर्क और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाएगी। उन्होंने कहा, 'हम पिछली वामपंथी सरकार की बहुचर्चित के-रेल परियोजना में हुई गलतियों को दोहराना नहीं चाहते, जिसे अंततः रद्द करना पड़ा। सरकार आगे की राह तय करने से पहले पूरी तरह विचार करेगी'।
इस बीच, मंत्रिमंडल ने सभी विभागों में परियोजना निगरानी को मजबूत करने का भी निर्णय लिया। राज्य के खजाने पर बढ़ते वित्तीय बोझ का कारण बन रही देरी की पहचान करने के लिए एक व्यापक परियोजना-मैपिंग अभ्यास किया जाएगा। सरकार परियोजनाओं के समय पर निष्पादन को सुनिश्चित करने, देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने और सार्वजनिक अवसंरचना विकास में समग्र दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक नया जवाबदेही ढांचा और कार्यान्वयन प्रोटोकॉल लागू करेगी।