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DPIT Rankings: स्टार्टअप में गुजरात-गोवा सर्वश्रेष्ठ, DPIT रैंकिंग में यूपी समेत इन राज्यों का शीर्ष प्रदर्शन
ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 17 Jan 2026 05:08 AM IST
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सार
DPIT Rankings: गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना, जबकि अरुणाचल और गोवा ने भी युवा उद्यमियों को मजबूत इकोसिस्टम देने में बढ़त दिखाई। उत्तर प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों ने शीर्ष प्रदर्शन किया, जो यह दिखाता है कि नवाचार अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट-
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के मुताबिक गुजरात, अरुणाचल प्रदेश और गोवा उभरते उद्यमियों के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने वाले सर्वश्रेष्ठ राज्य हैं। डीपीआईआईटी ने शुक्रवार को राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग जारी की है। गुजरात लगातार पांचवीं बार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना है।
रैंकिंग के मुताबिक उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में रखा गया है। यह रैंकिंग डीपीआईआईटी की वार्षिक प्रक्रिया है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्टार्टअप विकास के लिए अनुकूल इकोसिस्टम बनाने के प्रयासों का मूल्यांकन किया जाता है। इस प्रक्रिया में कुल 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया। उन्हें पांच श्रेणियों सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले, शीर्ष प्रदर्शन करने वाले, अग्रणी, महत्वाकांक्षी अग्रणी और उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम में रैंक किया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया गया। पहली जिनकी जनसंख्या 1 करोड़ से अधिक है और दूसरी जिनकी जनसंख्या 1 करोड़ से कम है।
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स्टार्टअप से 21 लाख रोजगार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब 2016 में इस पहल की शुरुआत हुई थी, तब देश में लगभग 400 स्टार्टअप ही थे। आज यह आंदोलन काफी व्यापक हो चुका है और डीपीआईआईटी के साथ दो लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इन स्टार्टअप्स ने देश भर में अनुमानित 21 लाख रोजगार पैदा किए हैं। मंत्री ने बताया कि स्टार्टअप वर्तमान में डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्री-टेक, स्पेस टेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस और रॉकेट टेक्नोलॉजी सहित 50 से अधिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश देश की ड्रोन राजधानी के रूप में उभर रहा है।
जबकि कर्नाटक और तमिलनाडु डीप टेक और एआई स्टार्टअप्स के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं के दौरान, कई देशों ने भारत के साथ स्टार्टअप ब्रिज स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने अनुमान लगाया कि लगभग 100 देश अंतर-स्टार्टअप समन्वय मंचों के माध्यम से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ सहयोग करने के इच्छुक हैं। उन्होंने आगे कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। ये समझौते निवेशकों के लिए निश्चितता और विश्वास पैदा करते हैं, साथ ही भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए नए बाजार खोलते हैं।
गोयल ने स्टार्टअप्स को निवेश आकर्षित करने और वैश्विक स्तर पर विस्तार करने के लिए विदेशी देशों के साथ स्टार्टअप-टू-स्टार्टअप सहयोग और साझेदारी तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया, और सेवाओं, गतिशीलता, भुगतान, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अवसरों पर प्रकाश डाला।
ये राज्य उभरते लीडर्स की श्रेणी में
आंध्र प्रदेश, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय और नागालैंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में रखा गया है। वहीं प्रकार, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा को उभरते हुए लीडर्स की श्रेणी में रखा गया है।
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ये उभरत स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले राज्य
उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम श्रेणी के अंतर्गत आने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़, दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, लद्दाख, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होता है मूल्यांकन
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन छह सुधार क्षेत्रों और उन्नीस स्पष्ट रूप से परिभाषित कार्य बिंदुओं के आधार पर किया जाता है। इसमें नीति और संस्थागत समर्थन, भौतिक और डिजिटल अवसंरचना, वित्तपोषण तक पहुंच, बाजार पहुंच और संपर्क, उद्यमियों और इकोसिस्टम के हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और नवाचार-आधारित विकास शामिल हैं।
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स्टार्टअप से 21 लाख रोजगार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब 2016 में इस पहल की शुरुआत हुई थी, तब देश में लगभग 400 स्टार्टअप ही थे। आज यह आंदोलन काफी व्यापक हो चुका है और डीपीआईआईटी के साथ दो लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इन स्टार्टअप्स ने देश भर में अनुमानित 21 लाख रोजगार पैदा किए हैं। मंत्री ने बताया कि स्टार्टअप वर्तमान में डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्री-टेक, स्पेस टेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस और रॉकेट टेक्नोलॉजी सहित 50 से अधिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश देश की ड्रोन राजधानी के रूप में उभर रहा है।
जबकि कर्नाटक और तमिलनाडु डीप टेक और एआई स्टार्टअप्स के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं के दौरान, कई देशों ने भारत के साथ स्टार्टअप ब्रिज स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने अनुमान लगाया कि लगभग 100 देश अंतर-स्टार्टअप समन्वय मंचों के माध्यम से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ सहयोग करने के इच्छुक हैं। उन्होंने आगे कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। ये समझौते निवेशकों के लिए निश्चितता और विश्वास पैदा करते हैं, साथ ही भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए नए बाजार खोलते हैं।
गोयल ने स्टार्टअप्स को निवेश आकर्षित करने और वैश्विक स्तर पर विस्तार करने के लिए विदेशी देशों के साथ स्टार्टअप-टू-स्टार्टअप सहयोग और साझेदारी तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया, और सेवाओं, गतिशीलता, भुगतान, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अवसरों पर प्रकाश डाला।
ये राज्य उभरते लीडर्स की श्रेणी में
आंध्र प्रदेश, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय और नागालैंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में रखा गया है। वहीं प्रकार, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा को उभरते हुए लीडर्स की श्रेणी में रखा गया है।
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ये उभरत स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले राज्य
उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम श्रेणी के अंतर्गत आने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छत्तीसगढ़, दिल्ली, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, लद्दाख, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होता है मूल्यांकन
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन छह सुधार क्षेत्रों और उन्नीस स्पष्ट रूप से परिभाषित कार्य बिंदुओं के आधार पर किया जाता है। इसमें नीति और संस्थागत समर्थन, भौतिक और डिजिटल अवसंरचना, वित्तपोषण तक पहुंच, बाजार पहुंच और संपर्क, उद्यमियों और इकोसिस्टम के हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण और नवाचार-आधारित विकास शामिल हैं।