कोहरा-धूप, बर्फीली हवाओं का खेल: दिल्ली समेत उत्तर भारत में सूखी सर्दी का अजीब मिजाज, आगे कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में भी शीत लहर ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कई इलाकों में घना से बेहद घना कोहरा छाया हुआ है। इसकी वजह से दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। रात के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है।
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कभी घने कोहरे की धुंधली सुबह, कभी दोपहर में खिलखिलाती तेज धूप और शाम होते ही बर्फीली हवाओं की चुभन। उत्तर भारत समेत राजधानी दिल्ली में इन दिनों मौसम मानो आंख-मिचौली खेल रहा है। ठंड जरूर महसूस हो रही है, लेकिन हालात न पूरी तरह कोल्ड डे के हैं और न ही कोल्ड वेव जैसी सख्ती दिख रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्दी पीछा नहीं छोड़ रही, जिसकी वजह उत्तर-पश्चिम से चल रही ठंडी और बर्फीली हवाएं हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यह अजीब मिजाज लोगों को उलझन में डाल रहा है। कभी घना कोहरा छा जाता है, तो कभी बिल्कुल साफ आसमान नजर आता है। दिन में धूप थोड़ी राहत देती है, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ जाती है। दिन में धूप खिलने के बावजूद ठंडी हवाएं लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले दस दिनों तक यही हालात बने रहने की संभावना है। इस दौरान ठंडी हवाएं चलती रहेंगी, लेकिन तापमान में बड़ी गिरावट नहीं होगी। राजधानी में इस बार सूखी सर्दी का दौर चल रहा है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि 15 जनवरी के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में अभी नहीं है बारिश के आसार
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, बीते तीन–चार दिनों से दिल्ली का न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। आने वाले दिनों में ठंड का असर थोड़ा और बढ़ सकता है, जिससे हवा में ठिठुरन महसूस होगी। हवा में बढ़ती ठंडक के कारण न्यूनतम तापमान थोड़ा गिर सकता है। जबकि अधिकतम तापमान दिन में निचले से मध्य में रहेगा। कोल्ड डे की स्थिति और तेज हो सकती है। इसका दायरा भी बढ़ सकता है। दिल्ली में धुंध के कारण दिन में धूप नहीं निकल पाती, जिससे दिन का तापमान दबा रहता है। राजधानी के सभी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इसलिए कई हिस्सों में कोल्ड डे जैसी स्थिति दर्ज की जा रही है। कोल्ड डे की स्थिति तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहता है।
पलावत के मुताबिक,दिल्ली में नवंबर, दिसंबर और जनवरी में सामान्य तौर पर औसत बारिश लगभग 32 मिमी दर्ज होती है। लेकिन इस बार सर्दियों में अब तक एक बूंद बारिश नहीं हुई है। अगले करीब 10 दिनों तक किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना नहीं है, इसलिए बारिश के आसार भी नहीं हैं। इस दौरान मौसम शुष्क और ठंडा बना रहेगा। सप्ताह के कुछ दिनों में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। लेकिन रात के वक्त आसमान साफ रहने के कारण धरती से गर्मी तेजी से बाहर निकलेगी, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासतौर पर 8 से 10 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में ठंड का असर और बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि पूरे सप्ताह के दौरान कोल्ड वेव जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं जताई गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो राजधानी दिल्ली में 1 से 21 जनवरी के बीच सामान्य न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। जबकि महीने के आखिरी दिनों यानी 25 से 31 जनवरी के दौरान यह सामान्य न्यूनतम तापमान बढ़कर 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लेकिन पिछले 15 वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो जनवरी के महीने में दिल्ली का न्यूनतम तापमान कई बार 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। जनवरी 2010 के बाद सफदरजंग बेस स्टेशन पर सबसे कम न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 1 जनवरी 2021 को रिकॉर्ड हुआ। दिल्ली के अब तक के सबसे ठंडे दिन की बात करें, तो 16 जनवरी 1935 को राजधानी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जिसे आज भी सबसे कम तापमान के रूप में दर्ज किया जाता है।
बिहार-यूपी,जम्मू-कश्मीर में ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज
उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में भी शीतलहर ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कई इलाकों में घना से बेहद घना कोहरा छाया हुआ है। इसकी वजह से दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। रात के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार में ठंड का असर खास तौर पर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस सप्ताह मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। बल्कि सप्ताह के अंत तक ठंड और ज्यादा तेज हो सकती है, जिससे लोगों को सर्दी से और सतर्क रहने की जरूरत होगी।
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और बिहार में पड़ रही भीषण ठंड के पीछे कई मौसमीय कारण काम कर रहे हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और इंडो-गंगेटिक मैदानी क्षेत्र में जमा कड़ाके की ठंड अब अनुकूल हवाओं के जरिए इन राज्यों तक पहुंच रही है। आमतौर पर देश के मध्य हिस्से में बनने वाला प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) ठंडी हवाओं को रोकने का काम करता है, लेकिन फिलहाल यह इन इलाकों से काफी दूर बना हुआ है। इसका नतीजा यह है कि ठंडी हवाओं पर कोई रुकावट नहीं लग पा रही है। उल्टा, हवाओं की रफ्तार और बढ़ गई है, जिससे नेपाल की तलहटी के साथ निचले वायुमंडल में ठंडी हवाएं तेजी से बह रही हैं और पूर्वी यूपी व बिहार में सर्दी का असर और ज्यादा तेज हो गया है।
एजेंसी का अनुमान है, उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों की ओर फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं बढ़ रहा है, जो मौसम के इस ठहरे हुए मिजाज को बदल सके। ऐसे में पूरे सप्ताह कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। घना कोहरा दिन के तापमान को दबाए रखेगा, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर बना रहेगा। रात और सुबह के समय हालात और ज्यादा सर्द रहेंगे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शीत लहर और कोल्ड डे की स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग का का कहना है कि, जम्मू-कश्मीर में शुष्क मौसम के बीच ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शीतलहर का असर और तेज हो गया है। पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। वहीं, श्रीनगर समेत घाटी के निचले इलाकों में अब भी इस सर्दी की पहली बर्फबारी का इंतजार बना हुआ है।
मध्यप्रदेश-राजस्थान और उत्तराखंड में ऐसा रहेगा मौसम
उत्तर भारत के साथ मध्य प्रदेश,राजस्थान में शीतलहर और घने कोहरे का असर बना हुआ है। सुबह के समय सड़कों पर कोहरे की मोटी परत छा जाने से दृश्यता काफी कम हो जा रही है, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हो रहा है। राज्य के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और शीतलहर का असर जारी रह सकता है।
राजस्थान में राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और डूंगरपुर को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है। कई इलाकों में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 जनवरी तक प्रदेश में इसी तरह की कड़ाके की ठंड बनी रह सकती है। इसके अलावा उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन ठंड का असर बरकरार है। केदारनाथ और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। अगले कुछ दिनों में पहाड़ों में पाले और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर
तमिलनाडु और केरल में 9 से 11 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज चमक देखने को मिल सकती है। तमिलनाडु में 9 और 10 जनवरी को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि केरल में भी 10 जनवरी को तेज बारिश हो सकती है।