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West Bengal: ED का दावा बच्चा गोद लेने चाहती थीं अर्पिता, पार्थ चटर्जी ने किए थे NOC पर साइन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Wed, 21 Sep 2022 09:07 AM IST
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सार

आर्पिता द्वारा बच्चे को गोद लेने के लिए पार्थ चटर्जी ने एक पारिवारिक मित्र के रूप में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट पत्र पर भी साइन किए थे।

ED Chargesheet Claims Arpita Mukherjee Was to Adopt Child, Partha Chatterjee Had Issued NOC
अर्पिता मुखर्जी - फोटो : Social Media
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विस्तार

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी  इनदिनों जेल में बंद है। ईडी ने दाखिल की चार्जशीट में दावा किया है कि अर्पिता एक बच्चा गोद लेना चाहती थ। इसके लिए पार्थ चटर्जी ने एक पारिवारिक मित्र के रूप में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट पत्र पर भी साइन किए थे।
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ईडी के मुताबिक, पार्थ चटर्जी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह एक जन प्रतिनिधि हैं, लिहाजा इस तरह की सिफारिश के लिए कई लोग उनके पास आते हैं। ईडी ने यह भी दावा किया कि पार्थ चटर्जी से अर्पिता मुखर्जी के साथ उनके संबंधों के बारे में पूछने पर उन्होंने कुछ भी जानने से इनकार कर दिया। आपको बता दें कि ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि अर्पिता ने कई दस्तावेजों में उन्हें अपना नॉमिनी घोषित किया था। इसका मतलब यह है कि अर्पिता के बाद उनकी संपत्तियों के मालिक पार्थ चटर्जी होंगे। चार्जशीट में दोनों के घरों में ली गई तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, नकदी और सामान का विवरण भी था। ईडी द्वारा कोलकाता में अर्पिता मुखर्जी के घरों से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद दोनों जेल में हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही एजेंसी लगातार उनसे शिक्षक भर्ती घोटाले में उनकी संलिप्तता के बारे में पूछताछ कर रही है।
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छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति की थी जब्त
ईडी ने घोटाले में कथित रूप से अर्पिता मुखर्जी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान लगभग 50 करोड़ रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा, आभूषण और सोने के बिस्कुट बरामद किए थे। ईडी ने बताया कि उसने पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में 48.22 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। यह दोनों संपत्तियां पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की थी। दोनों के पास से ईडी अभी तक 103.10 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। 

पार्थ चटर्जी रहे थे शिक्षा मंत्री
इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली को स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था, क्योंकि उन्होंने कथित रूप से अनुचित लाभ उठाया था। बताया गया था कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्कूलों में ग्रुप-सी स्टाफ के पद पर अयोग्य और गैर-सूचीबद्ध उम्मीदवारों को अवैध नियुक्तियों में इनकी संलिप्तता मिली थी। सीबीआई ने उसी दिन पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) घोटाले के सिलसिले में एक सॉफ्टवेयर कंपनी के दिल्ली और कोलकाता में छह स्थानों पर छापेमारी की थी। चटर्जी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार में 2014 से 2021 तक शिक्षा मंत्री रहे थे। 

 
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