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क्या एग्जिट पोल ने कांग्रेस को हिलाकर रख दिया है, किसी ने कहा मनोरंजन, तो किसी ने कहा ध्यान न दें
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 22 May 2019 05:05 AM IST
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प्रियंका गांधी
- फोटो : PTI
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एग्जिट पोल ने यूपीए को परेशानी में डाल दिया है। इस बात में कोई शक नहीं। यूं भी कह सकते हैं कि एग्जिट पोल की वजह से कांग्रेस पार्टी अंदर तक हिल गई है। यही वजह है कि मंगलवार को आनन-फानन में पार्टी नेताओं को जो ठीक लगा, बयान जारी कर दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कार्यकर्ताओं के लिए जारी अपने ऑडियो संदेश में कहा, एग्जिट पोल पर ध्यान न दें, बस मुस्तैदी से डटे रहें। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने एग्जिट पोल को मनोरंजन बता दिया। वे बोले, लोगों को इसे देखने में मजा आता है, इसलिए यह मनोरंजन है। एग्जिट पोल का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।
एग्जिट पोल आने के बाद से ही कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बीच एक असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। भले ही यूपीए की ओर से आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू राजनीतिक दलों का मन टटोलने के लिए घूम रहे हैं, लेकिन अब एकाएक वे भी मध्यस्थता का काम छोड़कर ईवीएम और वीवीपैट पर आ गए। कांग्रेस और सहयोगियों को ये भय सताने लगा है कि अगर एग्जिट पोल सच साबित हो गए तो क्या होगा। यही कारण है कि कांग्रेस ने 21 दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग पर निशाना साध दिया।
कांग्रेस पार्टी ने इसके बाद राजीव शुक्ला को मैदान में उतार दिया। शुक्ला ने भी कार्यकर्ताओं से कह दिया कि एग्जिट पोल कुछ नहीं होता। यह एक प्रकार से मनोरंजन है, जिसे देखने में लोगों को मजा आता है। कोई व्यक्ति अपनी मनमर्जी से कुछ भी बोल देता है और इसे ही वह एग्जिट पोल का नाम दे देता है।
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एग्जिट पोल आने के बाद से ही कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बीच एक असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। भले ही यूपीए की ओर से आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू राजनीतिक दलों का मन टटोलने के लिए घूम रहे हैं, लेकिन अब एकाएक वे भी मध्यस्थता का काम छोड़कर ईवीएम और वीवीपैट पर आ गए। कांग्रेस और सहयोगियों को ये भय सताने लगा है कि अगर एग्जिट पोल सच साबित हो गए तो क्या होगा। यही कारण है कि कांग्रेस ने 21 दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग पर निशाना साध दिया।
प्रियंका गांधी ने जारी किया बयान
भाजपा की ओर से यह आवाज उठने लगी कि एग्जिट पोल के चलते मायावती दिल्ली नहीं आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एग्जिट पोल के झटके का असर कितना ज्यादा था, यह अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रियंका गांधी को खुद बयान जारी करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी ने जब एग्जिट पोल के बाद कार्यकर्ताओं की स्थिति का पता लगाया तो मनोबल बहुत नीचे जा चुका था। स्थिति की गंभीरता को भांपकर प्रियंका गांधी ने अपना ऑडियो संदेश जारी कर दिया। इसमें कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे एग्जिट पोल को सच न समझें। यह चुनाव परिणाम नहीं है। कांग्रेस पार्टी की महासचिव को यह पता लग चुका था कि एग्जिट पोल की मार काउंटिंग एजेंट्स तक जा पहुंची है। अगर काउंटिंग एजेंट्स अब ढीले पड़ गए तो मामला और ज्यादा बिगड़ सकता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, काउंटिंग एजेंट्स पूरी तत्परता से अपना काम करें। एग्जिट पोल की तरफ जरा सा भी ध्यान न दें।कांग्रेस पार्टी ने इसके बाद राजीव शुक्ला को मैदान में उतार दिया। शुक्ला ने भी कार्यकर्ताओं से कह दिया कि एग्जिट पोल कुछ नहीं होता। यह एक प्रकार से मनोरंजन है, जिसे देखने में लोगों को मजा आता है। कोई व्यक्ति अपनी मनमर्जी से कुछ भी बोल देता है और इसे ही वह एग्जिट पोल का नाम दे देता है।

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