Fact Check: इंडियन ऑयल के कमर्शियल सिलेंडर को उत्तराखंड में विकिसित गोबर गैसे सिलेंडर बताकर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में बैंगनी रंग के सिलेंडर दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड में दो भाईयों मे गोबर गैस से सिलेंडर बनाया है।
विस्तार
अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध में ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया। यह वही रास्ता है जहां से भारत और दुनियाभर के कई तेल के जहाज गुजरते हैं। इसके कारण भारत के तेल के जाहाज और एलपीजी को देश में पहुंचने में दिक्कत होने लगी। इसके कारण देश में एलपीजी की सप्लाई बाधित हुई। इससे कई जगह गैस सिलिंडर के लिए लंबी लाइनें दिखाई दीं। अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दो लड़के एक गाड़ी में बैंगनी रंग का सिलिंडर रखते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के दो भाइयों ने मिलकर एक पर्यावरण-अनुकूल गोबर गैस सिलिंडर बनाया है। इस सिलिंडर के 18 किलो की कीमत 500 रुपए बताई जा रही है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच के दौरान सामने आया कि यह भारत में घरेलू गैस सप्लाई करने वाली कंपनी इंडियन ऑयल का कॉमर्शियल सिलिंडर है। न की गोबर गैस से भरे गए सिलिंडर।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के दो भाइयों ने गोबर गैस के सिलिंडर बना लिए हैं। जिसे एलपीजी से भी कम दामों पर बेचा जा रहा है।
इस वीडियो को शेयर करके @IndianTechGuide नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “उत्तराखंड के दो भाइयों ने एक पर्यावरण-अनुकूल गोबर गैस सिलेंडर विकसित किया है, जो मात्र ₹500 में 18 किलोग्राम गैस उपलब्ध कराता है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिकं आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड के माध्यम से इससे जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें कहीं भी इस दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट देखने को नहीं मिली। इसके बाद हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें एक फेसबुक पर बेहतर क्वालिटी के साथ यह वीडियो मिला। हालांकि इसमें भी इसे गोबर गैस सिलिंडर होने का दावा ही किया गया था। हमें यहां इस सिलिंडर पर कुछ लिखा हुआ नजर आया। सिलेंडर पर एक्सट्रा तेज लिखा गया था।
इसके बाद हमें इस नाम को इंटरनेट पर सर्च किया। यहां हमें इंडियनऑयल की ऑफिशियल वेबसाइट पर इस सिलिंडर की तस्वीर देखने को मिली। तस्वीर में यह सिलिंडर नीले रंग का नजर आ रहा है। यहां इस सिलिंडर के बारे में बताया गया था। इंडियनऑयल की वेबसाइट के मुताबिक इंडियनऑयल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए, नैनो-एडिटिव वाला अपना खास LPG 'Indane XTRATEJ' ब्रांड नाम से बेचता है। Indane XTRATEJ से ईंधन की खपत कम होती है और ज़्यादा बचत होती है, क्योंकि इसकी गर्मी देने की क्षमता बेहतर होती है। यह इंडियनऑयल के R&D विभाग द्वारा विकसित स्वदेशी एडिटिव की मदद से संभव हो पाया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो में दिख रहा सिलिंडर गोबर गैस का नहीं बल्कि इंडियन ऑयल के कामर्शियल सिलिंडर एक्सट्रा तेज का है।